Donald Trump ने ‘Exquisite Class’ अत्याधुनिक हथियारों का उत्पादन चार गुना बढ़ाने का ऐलान किया। United States की रक्षा कंपनियों के साथ बैठक में यह फैसला हुआ, जबकि Iran के खिलाफ सैन्य अभियान जारी है।
America: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने देश की प्रमुख रक्षा निर्माण कंपनियों के साथ हुई अहम बैठक में ‘Exquisite Class’ यानी अत्याधुनिक श्रेणी के हथियारों के उत्पादन को चार गुना तक बढ़ाने का बड़ा ऐलान किया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब अमेरिका और इजरायल की सेनाएं ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान चला रही हैं। इस अभियान में ईरान के मिसाइल लॉन्चर, एयर डिफेंस सिस्टम और हथियार भंडार को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है।
वॉशिंगटन में हुई इस बैठक को अमेरिकी रक्षा रणनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए बताया कि अमेरिका की सबसे बड़ी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने हथियारों का उत्पादन तेजी से बढ़ाने पर सहमति दी है। उनका कहना है कि इस कदम से अमेरिका कम समय में अधिक संख्या में अत्याधुनिक हथियार तैयार कर सकेगा।
यह निर्णय ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका का दावा है कि ईरान के सैन्य ढांचे को कमजोर करने के लिए चल रहे अभियान में हथियारों की उपलब्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी कारण उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
रक्षा कंपनियों के साथ अहम बैठक
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने अमेरिका की कई बड़ी रक्षा कंपनियों के प्रमुखों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में हथियारों के उत्पादन, नई फैक्ट्रियों की स्थापना और उत्पादन समय सीमा पर बातचीत हुई। कंपनियों ने मिलकर ‘Exquisite Class’ हथियारों का उत्पादन चार गुना तक बढ़ाने का फैसला किया।
इस बैठक में कई प्रमुख रक्षा कंपनियों के CEO शामिल हुए। इनमें BAE Systems, Boeing, Honeywell Aerospace, L3Harris, Lockheed Martin, Northrop Grumman और Raytheon जैसे बड़े नाम शामिल रहे।
बैठक के बाद यह भी तय किया गया कि दो महीने बाद फिर से एक समीक्षा बैठक होगी। इस दौरान उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया, नए ऑर्डर और सैन्य जरूरतों पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
हथियार उत्पादन पहले से तेज
ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि हथियारों के उत्पादन में बढ़ोतरी की प्रक्रिया बैठक से लगभग तीन महीने पहले ही शुरू कर दी गई थी। कई नए प्लांट्स की तैयारी जारी है और कुछ जगहों पर उत्पादन पहले से ही शुरू हो चुका है।
उनका कहना है कि अमेरिका के पास मीडियम और अपर मीडियम ग्रेड के मुनिशन की बड़ी मात्रा मौजूद है। इन हथियारों का इस्तेमाल ईरान में चल रहे सैन्य अभियान में किया जा रहा है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हाल ही में इन हथियारों का उपयोग वेनेजुएला में भी किया गया था।

उन्होंने कहा कि इन हथियारों के लिए नए ऑर्डर भी दिए जा चुके हैं ताकि भविष्य में सैन्य जरूरतों को पूरा करने में कोई कमी न आए।
नए हथियार प्लांट के लिए राज्यों में प्रतिस्पर्धा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि देश के कई राज्य नए हथियार निर्माण प्लांट स्थापित करने के लिए बोली लगा रहे हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि आने वाले समय में अमेरिका बड़े पैमाने पर रक्षा उत्पादन बढ़ाने की योजना बना रहा है।
नए प्लांट बनने से न केवल हथियारों की उपलब्धता बढ़ेगी बल्कि रक्षा उद्योग में रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। ट्रंप प्रशासन इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी कदम मान रहा है।
‘Operation Epic Fury’ का लक्ष्य
यह पूरी रणनीति उस समय सामने आई है जब अमेरिका ईरान में ‘Operation Epic Fury’ नाम से सैन्य अभियान चला रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने मीडिया को बताया कि इस ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य चार से छह हफ्तों के भीतर हासिल कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास इस अभियान को पूरा करने के लिए पर्याप्त गोला-बारूद मौजूद है। उनका दावा है कि जरूरत पड़ने पर इसके बाद भी सैन्य कार्रवाई जारी रखने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद रहेगा।
‘Operation Epic Fury’ और ‘Roaring Lion’ अभियान के तहत अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई और मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों से तेहरान को भारी नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है।
अमेरिकी सैनिकों की मौत पर शोक
इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने ऑपरेशन के दौरान मारे गए छह अमेरिकी सैनिकों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश छह असाधारण सैनिकों की शहादत पर शोक मना रहा है।
उन्होंने कहा कि इन बहादुर सैनिकों ने देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि इन सैनिकों की मौत व्यर्थ नहीं जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा।
ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान
इजरायल की सेना ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर दावा किया है कि ईरान के मिसाइल लॉन्चर और हथियार भंडार को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। इजरायली सेना के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल Nadav Shoshani ने कहा कि ईरान के लगभग 60 प्रतिशत मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के करीब 80 प्रतिशत एयर डिफेंस सिस्टम भी खत्म हो चुके हैं। इससे ईरान के आसमान पर अब इजरायल और अमेरिका की सैन्य बढ़त बन गई है।











