दिल्ली में राशन कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव, महिलाओं को मिली प्राथमिकता

दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव किया। अब परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला मुखिया होगी, आय सीमा बढ़ी और पात्रता नियमों में संशोधन हुआ।

Delhi Government ने राशन कार्ड नियमों में बदलाव किया है। अब परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला मुखिया होगी। आय सीमा बढ़ाकर 1.2 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे ज्यादा जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिलेगा।

New Delhi: दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी Public Distribution System को ज्यादा पारदर्शी और सामाजिक रूप से संतुलित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। Delhi Government ने राशन कार्ड से जुड़े नियमों में अहम बदलाव करते हुए परिवार की मुखिया को लेकर दशकों पुरानी व्यवस्था को बदल दिया है। अब राशन कार्ड में परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला को ही परिवार का मुखिया माना जाएगा। यह बदलाव दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम, 2026 के तहत लागू किया गया है।

सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद महिलाओं को decision making में आगे लाना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में उनकी भूमिका को मजबूत करना है। यह बदलाव सिर्फ मुखिया तक सीमित नहीं है बल्कि आय सीमा, कार्ड वितरण की प्रक्रिया और पात्रता नियमों में भी बड़े संशोधन किए गए हैं।

परिवार की मुखिया कौन होगी

नए नियमों के अनुसार अब राशन कार्ड में परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला सदस्य को head of family माना जाएगा। चाहे वह कामकाजी हो या गृहिणी, उसकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि परिवार में कोई भी बालिग महिला मौजूद नहीं है, यानी घर की एकमात्र महिला सदस्य 18 साल से कम उम्र की है, तो ऐसी स्थिति में परिवार के सबसे बुजुर्ग पुरुष सदस्य को मुखिया माना जाएगा।

यह नियम खास तौर पर उन परिवारों के लिए अहम है जहां पहले पुरुष मुखिया को स्वतः मान लिया जाता था। अब महिला को कानूनी और प्रशासनिक पहचान देने की दिशा में इसे एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।

आय सीमा में बढ़ोतरी, अब 1.2 लाख रुपये तय

दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड के लिए आय मानदंड में भी बदलाव किया है। पहले जहां सालाना पारिवारिक आय की सीमा एक लाख रुपये थी, अब इसे बढ़ाकर 1.2 लाख रुपये कर दिया गया है।

सरकार का मानना है कि महंगाई और जीवनयापन की बढ़ती लागत को देखते हुए पुरानी आय सीमा अब व्यवहारिक नहीं रह गई थी। नई सीमा से उन गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को राहत मिलेगी, जो थोड़ी सी आय बढ़ने के कारण पहले राशन कार्ड के दायरे से बाहर हो जाते थे।

नए नियमों के तहत राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले परिवारों को आय प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। यह प्रमाण पत्र दिल्ली राजस्व विभाग से बनवाना होगा, जिसे अब ऑनलाइन माध्यम से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

राशन कार्ड की संख्या तय करने का नया फार्मूला

दिल्ली सरकार ने यह भी तय किया है कि किसी जिले में कितने राशन कार्ड जारी किए जाएंगे, इसका आधार वहां के कुल मतदाताओं की संख्या होगी।

अधिसूचना के अनुसार, जिन जिलों में वोटरों की संख्या ज्यादा है, वहां राशन कार्ड की संख्या भी उसी अनुपात में अधिक होगी। यह व्यवस्था फिलहाल लागू रहेगी।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि जैसे ही जनगणना के आधिकारिक आंकड़े जारी होंगे, राशन कार्ड वितरण का आधार मतदाता सूची की जगह जनगणना डेटा को बना दिया जाएगा। इससे आबादी के अनुसार संसाधनों का वितरण ज्यादा सटीक हो सकेगा।

नए आवेदनों पर जिला स्तर की समिति करेगी फैसला

राशन कार्ड के नए आवेदनों की जांच और स्वीकृति के लिए जिला स्तर पर एक विशेष समिति बनाई गई है। इस समिति की अध्यक्षता संबंधित जिलाधिकारी या अतिरिक्त जिलाधिकारी करेंगे।

समिति में दो स्थानीय विधायक भी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। इसका उद्देश्य यह है कि स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से निर्णय प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बने।

इसके अलावा शिकायत निवारण और निगरानी के लिए ward level और fair price shop level पर भी समितियों को institutionalize किया गया है, ताकि PDS में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।

किन परिवारों को नहीं मिलेगा नया राशन कार्ड

सरकार ने साफ तौर पर उन श्रेणियों को भी परिभाषित कर दिया है, जिन्हें नए नियमों के तहत राशन कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। जिन परिवारों की सालाना आय 1.2 लाख रुपये से अधिक है, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। यदि परिवार में किसी सदस्य के नाम पर मकान या जमीन जैसी प्रॉपर्टी है, तो उसे राशन कार्ड नहीं मिलेगा।

इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले परिवारों को भी इस दायरे से बाहर रखा गया है।

अगर परिवार में किसी के पास निजी चारपहिया वाहन है, तो राशन कार्ड नहीं दिया जाएगा। हालांकि टैक्सी या कमर्शियल उपयोग वाले वाहन रखने वालों को इसमें छूट दी गई है। दो किलोवॉट से अधिक क्षमता का बिजली कनेक्शन रखने वाले परिवार भी पात्र नहीं होंगे। सरकारी कर्मचारी और वे परिवार, जो पहले से किसी अन्य सरकारी खाद्य सब्सिडी योजना का लाभ ले रहे हैं, उन्हें भी नया राशन कार्ड नहीं मिलेगा।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार की मुखिया के रूप में बुजुर्ग महिला को मान्यता देना सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं है। यह एक सामाजिक संदेश भी है कि महिलाओं की भूमिका अब सिर्फ आश्रित की नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली की भी है।

राशन कार्ड जैसे दस्तावेज का सीधा संबंध सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और पहचान से होता है। ऐसे में महिलाओं का नाम मुखिया के तौर पर होना उन्हें अधिक अधिकार और सुरक्षा देता है।

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