दिनेश शर्मा बने अंडमान-निकोबार के नए उपराज्यपाल, डीके जोशी की लेंगे जगह

भाजपा के राज्यसभा सांसद और यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान-निकोबार का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। एडमिरल डीके जोशी की जगह लेंगे।

भाजपा के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह 8 अक्टूबर 2017 से पद पर रहे एडमिरल डीके जोशी (सेवानिवृत्त) की जगह लेंगे।

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन ने शनिवार देर रात जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में उनकी नियुक्ति की घोषणा की। दिनेश शर्मा मौजूदा उपराज्यपाल एडमिरल डीके जोशी (सेवानिवृत्त) का स्थान लेंगे।

राष्ट्रपति भवन के अनुसार, दिनेश शर्मा जिस तारीख को अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल के रूप में अपना पदभार संभालेंगे, उसी दिन से उनकी नियुक्ति प्रभावी मानी जाएगी। एडमिरल डीके जोशी 8 अक्टूबर 2017 से इस केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

राष्ट्रपति भवन ने जारी की नियुक्ति की अधिसूचना

राष्ट्रपति भवन की ओर से शनिवार देर रात जारी कम्युनिके में कहा गया कि राष्ट्रपति ने डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया है। नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी।

उपराज्यपाल के पद पर नियुक्ति के साथ दिनेश शर्मा केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन की संवैधानिक जिम्मेदारी संभालेंगे। अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह भारत के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल है।

डीके जोशी की जगह संभालेंगे दिनेश शर्मा

डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान और निकोबार के मौजूदा उपराज्यपाल एडमिरल डीके जोशी (सेवानिवृत्त) का स्थान लेंगे। डीके जोशी ने 8 अक्टूबर 2017 को उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था और तब से वह इस पद पर सेवा दे रहे हैं।

डीके जोशी भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी हैं। उनके कार्यकाल के बाद अब प्रशासन की जिम्मेदारी दिनेश शर्मा को सौंपी गई है। हालांकि, राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति में डीके जोशी के कार्यकाल के संबंध में आगे की जानकारी नहीं दी गई है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं शर्मा

62 वर्षीय दिनेश शर्मा का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ा रहा है। वह उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वह भारतीय जनता पार्टी से राज्यसभा सांसद हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री के तौर पर काम करने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका बढ़ी। वर्तमान में वह राज्यसभा के सदस्य हैं और उच्च सदन में भी सक्रिय जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

राज्यसभा में भी निभा रहे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

दिनेश शर्मा राज्यसभा के उपसभापति भी हैं। उनका राज्यसभा सदस्य के रूप में मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला है।

ऐसे में अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति राष्ट्रीय स्तर पर उनके राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के बीच एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में सामने आई है। हालांकि, नियुक्ति के बाद राज्यसभा में उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों को लेकर राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।

उपराज्यपाल के रूप में नई संवैधानिक भूमिका

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह केंद्र शासित प्रदेश है और यहां प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उपराज्यपाल के पद के पास होती है। नए उपराज्यपाल के रूप में दिनेश शर्मा को केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन से जुड़े दायित्व संभालने होंगे।

उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब वह लंबे समय से सक्रिय राजनीति और संसदीय कार्य से जुड़े हुए हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद के रूप में उनका अनुभव नई भूमिका में महत्वपूर्ण माना जा सकता है। हालांकि, उनके कार्यकाल की प्राथमिकताओं या प्रशासनिक एजेंडे को लेकर अभी कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नियुक्ति प्रभावी होगी

राष्ट्रपति भवन के मुताबिक, दिनेश शर्मा की नियुक्ति उस तारीख से प्रभावी होगी जिस दिन वह अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। यानी आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी संभालने के बाद ही उनका कार्यकाल शुरू माना जाएगा।

फिलहाल राष्ट्रपति भवन की घोषणा में नियुक्ति की तारीख के अलावा उनके पदभार ग्रहण करने की कोई अलग तारीख नहीं बताई गई है। इसलिए कार्यभार संभालने की वास्तविक तारीख की पुष्टि आधिकारिक सूचना के बाद होगी।

कौन हैं डॉ. दिनेश शर्मा?

डॉ. दिनेश शर्मा 62 वर्षीय भाजपा नेता हैं और उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वह राज्यसभा के सदस्य हैं। संसद के उच्च सदन में उनकी भूमिका के साथ-साथ वह राज्यसभा के उपसभापति पद से भी जुड़े हुए हैं।

उनका राजनीतिक अनुभव अब अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के प्रशासन में काम आएगा। राष्ट्रपति भवन की घोषणा के बाद वह केंद्र शासित प्रदेश के अगले उपराज्यपाल होंगे।

नियुक्ति का आधिकारिक आधार

राष्ट्रपति भवन ने स्पष्ट किया है कि डॉ. दिनेश शर्मा की नियुक्ति राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद की गई है। आधिकारिक कम्युनिके में कहा गया कि वह पदभार संभालने की तारीख से अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल होंगे।

यह नियुक्ति केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन में नेतृत्व परिवर्तन का संकेत देती है। डीके जोशी के करीब नौ वर्षों के कार्यकाल के बाद अब डॉ. दिनेश शर्मा नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह देश के लिए रणनीतिक और प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में नए उपराज्यपाल की नियुक्ति को केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, शर्मा के कार्यकाल की विशेष प्राथमिकताओं के बारे में आधिकारिक तौर पर अभी कोई विस्तृत घोषणा नहीं हुई है।

राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना के अनुसार, दिनेश शर्मा के पदभार ग्रहण करते ही वह आधिकारिक रूप से अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल लेंगे। उनकी नियुक्ति से पहले इस पद पर एडमिरल डीके जोशी (सेवानिवृत्त) कार्यरत थे, जिन्होंने 8 अक्टूबर 2017 को पदभार ग्रहण किया था।

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