ईरान-अमेरिका संघर्ष: पाकिस्तान को मिला मध्यस्थता का मौका, कांग्रेस ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान को मध्यस्थता का मौका मिला है। इस पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला किया है। जानें अंतरराष्ट्रीय

भारत में कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे हालिया तनाव में भारत को मध्यस्थता का अवसर मिला था, लेकिन पीएम मोदी की इजरायल यात्रा के कारण यह मौका गवां दिया गया। 

नई दिल्ली: कांग्रेस ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच मध्यस्थता की पहल से जुड़े देशों में पाकिस्तान के शामिल होने की खबरों को लेकर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि इस स्थिति के लिए “स्वयंभू विश्वगुरु” जिम्मेदार हैं। जयराम रमेश ने कहा कि युद्ध से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा की वजह से भारत मध्यस्थता की भूमिका निभाने से वंचित रह गया। 

उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह की वैश्विक स्थिति में भारत को सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन प्रधानमंत्री की यात्रा और नीतियों के कारण देश यह अवसर खो गया।

कांग्रेस का आरोप: मध्यस्थता का अवसर गंवाया

कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने कहा कि युद्ध के ठीक पहले पीएम मोदी की इजरायल यात्रा के कारण भारत उस महत्वपूर्ण कूटनीतिक स्थिति में शामिल नहीं हो सका, जिसमें वह अमेरिका और इजरायल तथा ईरान के बीच मध्यस्थता कर सकता था। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान जैसे देश को इस भूमिका में आ गया, जबकि भारत इसे निभा सकता था।

जयराम रमेश ने 'एक्स' पर लिखा, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बातचीत में पाकिस्तान को मध्यस्थता का अवसर मिला। यदि ये खबरें सही हैं, तो यह भारत के लिए एक बड़ा आघात है। इसके लिए ‘स्वयंभू विश्वगुरु’ जिम्मेदार हैं।

कांग्रेस ने बताया पाकिस्तान को मिली कूटनीतिक बढ़त

कांग्रेस नेता ने पाकिस्तान की स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में सैन्य सफलता प्राप्त की थी, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान ने कूटनीतिक और विमर्श प्रबंधन में मोदी सरकार से बेहतर प्रदर्शन किया। जयराम रमेश ने कहा, “वह पाकिस्तान, जो राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से संकट में था, उसे नया जीवनदान मिल गया।”

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने व्हाइट हाउस में दो बार गर्मजोशी से आमंत्रित किया। जयराम रमेश ने कहा कि इस व्यक्ति की भड़काऊ बयानबाजी ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकवादी हमलों का पृष्ठभूमि तैयार की थी।

पीएम मोदी की इजरायल यात्रा पर कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया

जयराम रमेश ने दावा किया कि प्रधानमंत्री की इजरायल यात्रा “बिना सोचे समझे” की गई और इसके कारण भारत को मध्यस्थता का अवसर गंवाना पड़ा। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री की गले मिलने वाली कूटनीति पूरी तरह उजागर हो गई है। देश को अब इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि भारत को इस स्थिति में शामिल होकर क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए निर्णायक भूमिका निभानी चाहिए थी। लेकिन वर्तमान घटनाक्रम में पाकिस्तान को कूटनीतिक बढ़त मिली है और भारत को केवल गवाह बनने का अवसर मिला।

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