ब्रिटेन ने स्पष्ट किया कि वह ईरान युद्ध में शामिल नहीं होगा। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि देश केवल तेल मार्ग सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करेगा। 35 देशों ने सम्मेलन में सहयोग का संकल्प लिया।
Iran-US War: मिडिल ईस्ट में ईरान युद्ध लगातार जटिल होता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहा था कि अमेरिका जल्द ही ईरान से अपने सैनिक हटा लेगा और युद्ध दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो जाएगा। इसके बावजूद, क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने स्पष्ट कर दिया है कि ब्रिटेन इस युद्ध में शामिल नहीं होगा और वह केवल तेल परिवहन मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक पहल करेगा।
ब्रिटेन इस सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस सम्मेलन में 35 देशों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें सभी ने समुद्री सुरक्षा बहाल करने के लिए सहयोग करने का संकल्प जताया है। प्रधानमंत्री स्टारमर ने कहा कि स्थिरता बनाए रखने के लिए सैन्य और कूटनीतिक गतिविधियों का संयुक्त मोर्चा आवश्यक है।
ब्रिटेन में होर्मुज जलडमरूमध्य सम्मेलन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि इस सम्मेलन का नेतृत्व विदेश सचिव यवेट कूपर करेंगी। सम्मेलन में सैन्य योजनाकार भी भाग लेंगे, जो ईरान युद्ध के बाद सुरक्षा सुनिश्चित करने की योजना बनाएंगे। स्टारमर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना है, न कि अमेरिका या किसी अन्य देश के युद्ध में शामिल होना।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों ने यह प्रतिबद्धता जताई है कि वे मिलकर समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और तेल की सप्लाई बाधित नहीं होने देंगे। यह कदम वैश्विक तेल आपूर्ति को सुरक्षित रखने और मिडिल ईस्ट में अनावश्यक संघर्ष को रोकने के लिए उठाया गया है।
ट्रंप की NATO टिप्पणियों पर स्टारमर का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह संकेत दिया था कि वह NATO से अमेरिका को बाहर निकालने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने NATO को "कागजी शेर" बताया और कहा कि रक्षा समझौते से अमेरिका को हटाना अब पुनर्विचार से परे है।
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इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टारमर ने कहा कि वे शोर-शराबे और दबाव के बावजूद ब्रिटिश राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मुझ पर और दूसरों पर चाहे कितना भी दबाव हो, मैं अपने फैसलों में ब्रिटिश राष्ट्रीय हित को ही प्राथमिकता दूंगा।"
स्टारमर ने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रिटेन केवल राजनयिक और सुरक्षा उपायों में शामिल होगा और युद्ध में सीधे तौर पर भाग नहीं लेगा। उनका यह बयान अमेरिका और उसके सहयोगियों को स्पष्ट संदेश देता है कि ब्रिटेन किसी भी सैन्य अभियान में शामिल नहीं होगा।
अमेरिका-इजरायल के हमलों का असर
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अमेरिका और इजरायल ने मध्य और दक्षिण-पश्चिम ईरान में इस्पात संयंत्रों को निशाना बनाया। इन हमलों के चलते ईरान में आर्थिक और औद्योगिक नुकसान हुआ है। वहीं, तेहरान में पूर्व अमेरिकी दूतावास परिसर पर हवाई हमले की आशंका भी बनी हुई है।
ट्रंप ने अपने बयान में दावा किया कि अमेरिका जल्द ही युद्ध समाप्त करेगा और सैनिक वापस लेगा, लेकिन वास्तविकता यह है कि ईरान युद्ध में अभी भी सक्रिय है और तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका के सहयोगियों ने भी इस सैन्य अभियान में समर्थन देने से इनकार किया है, जिससे ट्रंप प्रशासन की स्थिति जटिल हो गई है।
बढ़ता वैश्विक तेल संकट
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो गई है। तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ा है। अमेरिका चाहता है कि जलडमरूमध्य जल्द से जल्द खुल जाए, लेकिन सहयोगियों के नाकामी और ईरान के प्रतिरोध ने इस प्रक्रिया को मुश्किल बना दिया है।
ब्रिटेन के सम्मेलन का उद्देश्य इसी तेल मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मिडिल ईस्ट में स्थिरता बनाए रखना है। इस पहल में 35 देशों ने सहयोग का वचन दिया है, ताकि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहे और वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित न हो।










