ईरान में बढ़ते विरोध पर भारत की चिंता, जयशंकर ने अराघची से की फोन पर चर्चा

ईरान में बढ़ते विरोध पर भारत की चिंता, जयशंकर ने अराघची से की फोन पर चर्चा

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अराघची से बातचीत कर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और नागरिक सुरक्षा पर चर्चा की। भारत ने ईरान में अपने नागरिकों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की।

New Delhi: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। यह बातचीत ऐसे समय हुई जब भारत ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों से सुरक्षित तरीके से देश छोड़ने की अपील की है।

ईरान में विरोध प्रदर्शन का हाल

ईरान में 28 दिसंबर 2025 से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। ये प्रदर्शन अब पूरे 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। प्रदर्शन का मुख्य कारण आर्थिक संकट, महंगाई, रियाल की गिरावट और शासन के खिलाफ नाराजगी है। प्रदर्शनकारी "डेथ टू खामेनेई" जैसे नारे लगा रहे हैं। कई जगहों पर शाह के युग के प्रतीकों का उपयोग किया गया है।

मानवाधिकार संगठनों के अनुसार सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 2,000 से 3,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इसमें बच्चे और युवा शामिल हैं। हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इंटरनेट ब्लैकआउट, टेलीफोन पाबंदी और मीडिया पर नियंत्रण के कारण घटनाओं की सटीक जानकारी बाहर आना मुश्किल हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान दिए हैं और ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। इजरायल ने क्षेत्रीय स्थिति पर टिप्पणियां की हैं। ईरान सरकार ने इन प्रदर्शनों को अमेरिका और इजरायल द्वारा समर्थित बताया है। इस समय क्षेत्र में तनाव बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

भारत की नई ट्रैवल एडवाइजरी

भारत सरकार ने ईरान में नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि भारतीय नागरिकों को ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचना चाहिए। ईरान में मौजूद छात्र, व्यापारी, तीर्थयात्री और पर्यटक उपलब्ध साधनों से जल्द से जल्द देश छोड़ दें।

अधिकारियों ने मतदाताओं से यह भी कहा है कि वे विरोध प्रदर्शन या रैलियों वाले क्षेत्रों से दूर रहें। स्थानीय समाचार और भारतीय दूतावास की वेबसाइट पर नजर रखें। निवास वीजा वाले नागरिकों को दूतावास में पंजीकरण कराना चाहिए। पासपोर्ट, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार रखें और आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क करें।

एयरलाइंस सेवाओं की स्थिति

कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने ईरान से उड़ानों को सीमित किया है या रद्द कर दिया है। 16 जनवरी तक सेवाएं निलंबित रह सकती हैं। अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों को तत्काल ईरान छोड़ने की सख्त सलाह दी है। भारत ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है।

ईरान के विदेश मंत्री अराघची द्वारा भारत के विदेश मंत्री को फोन करना कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस बातचीत से यह संदेश गया कि दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखना जरूरी है। जयशंकर ने शांतिपूर्ण समाधान और संयम बनाए रखने पर जोर दिया।

भारत ने ईरान और क्षेत्रीय पड़ोसियों दोनों से संयम बरतने की अपील की है। कोई भी सैन्य हस्तक्षेप बढ़ते तनाव को रोकने के लिए उचित नहीं माना जा रहा है। उद्देश्य है कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखते हुए समस्या का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके।

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