ईरान परमाणु और मिसाइल युद्ध की तैयारी में जुटा, चीन से तकनीकी मदद के साथ 24 घंटे प्रोडक्शन

ईरान परमाणु और मिसाइल युद्ध की तैयारी में जुटा, चीन से तकनीकी मदद के साथ 24 घंटे प्रोडक्शन

ईरान ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ संभावित बड़े संघर्ष की तैयारी तेज कर दी है। खामेनेई के नेतृत्व वाले इस्लामिक शासन ने देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को क्रूरता से कुचला है, लेकिन इसके बावजूद तेहरान ने अपनी परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाने का काम जारी रखा है। 

तेहरान: ईरान में भारी विरोध प्रदर्शनों के बावजूद सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखी गई है। इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए इस्लामिक नेतृत्व ने कड़ा और दमनकारी रवैया अपनाया है, जिसमें हजारों लोगों की मौत हुई है और कुछ रिपोर्टों के अनुसार यह संख्या 12,000 के पार जा सकती है। इस बीच विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि विद्रोह को बेरहमी से दबाने के बाद ईरान के कट्टरपंथी मल्ला वैश्विक शांति के लिए पहले से कहीं अधिक बड़ा खतरा बन सकते हैं, खासतौर पर तब जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी इस्लामी नेतृत्व के प्रति अपने तेवर नरम कर दिए हैं। ट्रंप ने यह भी कहा है कि ईरानी नेतृत्व ने गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की योजना को रद्द कर दिया है।

विरोध प्रदर्शन और सत्ता पर पकड़

पिछले साल ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिनमें हजारों लोग मारे गए। कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 12,000 से अधिक बताई गई है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बर्बर दमन ने ईरान के कट्टरपंथी नेतृत्व को अब और भी सशक्त बना दिया है। अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामिक नेतृत्व के खिलाफ नरम रुख अपनाया है और यह दावा किया कि ईरान ने गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की योजना रद्द कर दी है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के बाद ईरान के नेतृत्व ने भयानक आखिरी लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने की आशंका है।

इजरायल पर बड़े हमले की योजना

ब्रिटिश मीडिया आउटलेट द सन के सूत्रों के अनुसार, ईरान इजरायल पर 2000 मिसाइलों से हमला करने की तैयारी कर रहा है। पिछले जून में हुए 12 दिवसीय युद्ध के दौरान ईरान ने लगभग 550 बैलिस्टिक मिसाइल और 1000 से ज्यादा ड्रोन लॉन्च किए थे, जिन्होंने इजरायल में भारी नुकसान पहुँचाया।विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान अब चीनी तकनीक की मदद से बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों को अपग्रेड कर रहा है। इस तकनीकी उन्नयन के बाद, ईरान एक ही समय में अधिक क्षमता वाली मिसाइलें लॉन्च कर सकेगा, जिससे इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम को चुनौती मिलेगी।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि देश भर में मिसाइल प्रोडक्शन लाइनें 24 घंटे सक्रिय हैं। ईरान ने परमाणु कार्यक्रम में भी तेजी से काम जारी रखा है। इज़रायल के इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज के विशेषज्ञ डॉ. रज जिम्ट ने कहा कि अगर युद्ध भड़का तो इजरायल केवल सैन्य स्थलों को ही नहीं, बल्कि तेल प्रतिष्ठानों और ईरानी शासन के केंद्रों को भी निशाना बनाएगा।

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