एकनाथ शिंदे का शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष पर तीखा हमला: बोले- 'मुंबई का खजाना लूटने वाला ‘रहमान डकैत’ है उद्धव ठाकरे

एकनाथ शिंदे का शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष पर तीखा हमला: बोले- 'मुंबई का खजाना लूटने वाला ‘रहमान डकैत’ है उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाज़ी एक बार फिर तेज हो गई है। राज्य के उप मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर सीधा और तीखा हमला बोला है। 

मुंबई: महाराष्ट्र के शीतकालीन सत्र के आखिरी हफ्ते में उप मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सदन में सवाल किया, “मुंबई का खजाना लूटने वाला रहमान डकैत कौन है?”—इस इशारे से उनका तंज उद्धव ठाकरे की ओर था।हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि रहमान डकैत धुरंधर फिल्म का किरदार है, जिसे अक्षय खन्ना ने निभाया है और फिल्म में रणवीर सिंह (धुरंधर) उसे हरा देते हैं। इसके बाद, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विश्वास जताया कि आने वाले म्युनिसिपल चुनाव में महायुति ‘रहमान डकैत’ को दफनाकर असली धुरंधर बनेगी।

मुंबई का खजाना लूटने वाला कौन? – शिंदे का सवाल

सदन में एक प्रस्ताव पर जवाब देते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा, मुंबई का खजाना लूटने वाला रहमान डकैत कौन है? जनता यह जानती है। उनका यह इशारा सीधे तौर पर उद्धव ठाकरे की ओर था। शिंदे ने आगे कहा कि आने वाले मुंबई नगर निगम चुनावों में महायुति इस ‘रहमान डकैत’ को राजनीतिक रूप से दफन कर देगी और खुद असली ‘धुरंधर’ बनकर उभरेगी।

गौरतलब है कि धुरंधर फिल्म में अक्षय खन्ना द्वारा निभाया गया रहमान डकैत का किरदार नकारात्मक है, जिसे अंत में नायक पराजित कर देता है। शिंदे ने इसी रूपक का इस्तेमाल करते हुए उद्धव ठाकरे पर हमला बोला।

विपक्ष के पास सिर्फ आरोप लगाने का काम

डिप्टी सीएम शिंदे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण के काम लगातार कर रही है, जबकि विपक्ष के पास “बेबुनियाद आरोप लगाने के अलावा कोई काम नहीं बचा है। उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ नेता केवल औपचारिकता निभाने के लिए नागपुर आते हैं—“आज आए, कल चले गए।” शिंदे के मुताबिक, सत्र के दौरान विपक्ष के कई नेता न तो सवाल पूछते हैं और न ही जनता से जुड़े मुद्दों पर बोलते हैं, जिससे उनकी गंभीरता पर सवाल उठते हैं।

एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, मीडिया में डिप्टी मुख्यमंत्री का पद खत्म करने की मांग उठाई गई, लेकिन यह भूल गए कि जब उद्धव ठाकरे खुद मुख्यमंत्री बने थे, तब उनकी कैबिनेट में भी उप मुख्यमंत्री का पद था। शिंदे ने इसे अपने प्रति राजनीतिक बेचैनी और असहजता का नतीजा बताया।

मुंबई के लिए किए गए काम गिनाए

अपने भाषण में शिंदे ने मुंबई के लिए लिए गए फैसलों की लंबी सूची भी रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने मुंबईकरों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। इनमें प्रमुख हैं:

मुंबई की 20,000 नॉन-OC इमारतों को राहत

शहर को पगड़ी-मुक्त बनाने का फैसला, जिससे करीब 13,000 इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता साफ

  • नेशनल पार्क क्षेत्र में रहने वाले 25,000 कर्मचारियों को 5 किलोमीटर के दायरे में वैकल्पिक आवास
  • मिल लैंड के रीडेवलपमेंट नियमों में बदलाव
  • CIDCO द्वारा घरों की कीमतों में 10 प्रतिशत की कटौती
  • 50 एकड़ से बड़े प्लॉट्स पर क्लस्टर रीडेवलपमेंट स्कीम
  • उन्होंने बताया कि इस योजना के पहले चरण में 17 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनकी सरकार हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के उस सपने को पूरा कर रही है, जिसमें झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को पक्का घर देने की बात कही गई थी।

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