पाकिस्तान से आए बाप–बेटे ने ऑस्ट्रेलिया को दहलाया, यहूदी समुदाय निशाने पर, नेतन्याहू का तीखा हमला

पाकिस्तान से आए बाप–बेटे ने ऑस्ट्रेलिया को दहलाया, यहूदी समुदाय निशाने पर, नेतन्याहू का तीखा हमला

Sydney Terror Attack में पाकिस्तान से आए पिता-पुत्र ने सिडनी के North Bondi Beach पर यहूदी समुदाय को निशाना बनाया। हमले में 16 लोगों की मौत हुई और 38 से अधिक घायल हुए। ऑस्ट्रेलिया में हाई अलर्ट घोषित किया गया।

Terror Attack: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 38 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई पुलिस के अनुसार, इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले दोनों हमलावर पिता और बेटे थे, जो पाकिस्तान से आए थे। यह हमला खासतौर पर यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया था, जिससे इसे यहूदी विरोधी आतंकवादी हमला माना जा रहा है।

North Bondi Beach पर खून से सना जश्न

यह हमला सिडनी के नॉर्थ बॉन्डी बीच पर उस समय हुआ, जब यहूदी समुदाय का धार्मिक पर्व मनाया जा रहा था। रविवार शाम को यहां यहूदियों का पारंपरिक उत्सव आयोजित किया गया था, जिसमें करीब 2000 लोग शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान पहले दिन का दीया जलाने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच हथियारों से लैस दो आतंकियों ने भीड़ पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

चश्मदीदों के मुताबिक, कुछ ही मिनटों में बीच का इलाका गोलियों की आवाज और चीख-पुकार से गूंज उठा। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोग रेत पर गिर पड़े, कई समुद्र की ओर दौड़ पड़े। यह दृश्य 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की भयावह याद दिलाता है।

पुलिस का बड़ा खुलासा

ऑस्ट्रेलिया पुलिस ने जांच के बाद बड़ा खुलासा किया है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, दोनों हमलावर पिता-पुत्र थे। 50 वर्षीय पिता को पुलिस ने मौके पर ही एनकाउंटर में मार गिराया। वहीं 24 वर्षीय बेटा पुलिस की गोली से गंभीर रूप से घायल हुआ है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत नाजुक लेकिन स्थिर बताई जा रही है।

पुलिस ने घटनास्थल के पास एक कार से विस्फोटक डिवाइस भी बरामद किए हैं, जिन्हें समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि अगर ये विस्फोटक सक्रिय हो जाते, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।

धर्म पूछकर की गई फायरिंग

जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था। हमलावरों ने लोगों से उनका धर्म पूछकर उन पर गोलियां चलाईं। इसका मकसद साफ तौर पर यहूदी समुदाय को डराना और नुकसान पहुंचाना था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में इस हमले की भयावहता साफ देखी जा सकती है।

ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया है और कहा है कि यह धार्मिक नफरत से प्रेरित था। पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और यहूदी इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

आम नागरिक की बहादुरी

इस खौफनाक हमले के बीच इंसानियत और बहादुरी की एक मिसाल भी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक स्थानीय नागरिक ने जान जोखिम में डालकर हमलावर के पास पहुंचकर उसकी बंदूक छीन ली और उसे गोली मार दी। इसी दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

इस बहादुर शख्स की तस्वीर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन ने उसके साहस की सराहना की है और कहा है कि उसकी वजह से और ज्यादा जानें बचाई जा सकीं।

नेतन्याहू का ऑस्ट्रेलिया पर तीखा हमला

इस आतंकी हमले के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बेहद आक्रोशित नजर आए। उन्होंने सीधे तौर पर ऑस्ट्रेलिया की नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि वहां यहूदी विरोधी भावनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।

नेतन्याहू ने कहा कि यह हमला सिर्फ ऑस्ट्रेलिया पर नहीं, बल्कि पूरी यहूदी कौम पर हमला है। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से यहूदी समुदाय की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की। इजराइल सरकार ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।

Leave a comment