मशहद में दफन होंगे अली खामेनेई, तेहरान में होगा ऐतिहासिक सार्वजनिक विदाई समारोह

मशहद में दफन होंगे अली खामेनेई, तेहरान में होगा ऐतिहासिक सार्वजनिक विदाई समारोह

ईरानी मीडिया के अनुसार सुप्रीम लीडर Ali Khamenei को उनके पैतृक शहर Mashhad में दफनाया जाएगा। इससे पहले Tehran में सार्वजनिक विदाई समारोह होगा। संयुक्त हमले में मौत के बाद देश में शोक और तनाव का माहौल है।

World News: ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के निधन के बाद अब उनके अंतिम संस्कार को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें उनके पैतृक शहर मशहद में दफनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि दफन से पहले तेहरान में एक बड़ा विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से लोग शामिल हो सकते हैं।

खामेनेई की मौत अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में हुई थी। यह हमला तेहरान में एक लीडरशिप कंपाउंड को निशाना बनाकर किया गया था। शुरुआती अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के बाद ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने 1 मार्च 2026 को उनके निधन की पुष्टि की।

तेहरान में होगा अंतिम विदाई समारोह

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े आधिकारिक चैनलों ने बताया है कि दफनाने से पहले राजधानी तेहरान में एक सार्वजनिक विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। हालांकि अंतिम संस्कार की सटीक तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है।

तेहरान में होने वाला यह समारोह ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि खामेनेई देश के सबसे लंबे समय तक सर्वोच्च पद पर रहने वाले नेता थे। माना जा रहा है कि इस मौके पर बड़ी संख्या में समर्थक और सरकारी प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।

क्यों चुना गया मशहद

खामेनेई का जन्म मशहद में हुआ था, जो ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह शहर धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मशहद में आठवें शिया इमाम इमाम रजा की मजार स्थित है, जो शिया मुस्लिमों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।

मशहद को दफन स्थल के रूप में चुनना केवल पारिवारिक कारणों से नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे धार्मिक और राजनीतिक संदेश दोनों जुड़े हुए हैं। ईरान में मशहद को आध्यात्मिक राजधानी जैसा दर्जा प्राप्त है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

1979 की क्रांति के बाद दूसरा सर्वोच्च नेता

अली खामेनेई 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान के दूसरे सुप्रीम लीडर बने थे। उनसे पहले यह पद अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के पास था। खामेनेई ने कई दशकों तक देश की सर्वोच्च सत्ता संभाली।

उनके कार्यकाल में सैन्य नीति, विदेश नीति, अर्थव्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था जैसे बड़े फैसलों पर अंतिम निर्णय उन्हीं का होता था। ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में सुप्रीम लीडर का पद सबसे प्रभावशाली माना जाता है।

हमले में हुई मौत

रिपोर्ट्स के अनुसार खामेनेई की मौत तेहरान के मध्य हिस्से में स्थित एक लीडरशिप कंपाउंड पर किए गए संयुक्त एयरस्ट्राइक में हुई। अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए इस ऑपरेशन को बड़ा सैन्य अभियान बताया गया था।

इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ईरानी अधिकारियों ने इसे सीधा हमला बताया और जवाबी कार्रवाई की बात कही। खामेनेई की मौत ने ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है और उत्तराधिकार को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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