मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत सरकार ने विदेश मंत्रालय में विशेष कंट्रोल रूम बनाया है। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और खाड़ी देशों में दूतावासों को अलर्ट पर रखा गया है। नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।
New Delhi: मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ती स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य टकराव और सुरक्षा हालात को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिकों की मदद के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि जरूरतमंद लोग तुरंत संपर्क कर सकें।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने जानकारी दी कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में मौजूदा हालात को देखते हुए नई दिल्ली स्थित Ministry of External Affairs में एक विशेष नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। इसका मकसद क्षेत्र में फंसे भारतीयों को सहायता देना और उनके सवालों का जवाब देना है।
सुबह 9 से रात 9 बजे तक काम करेगा कंट्रोल रूम
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह कंट्रोल रूम रोजाना सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक कार्यरत रहेगा। यहां से भारतीय नागरिकों को जरूरी जानकारी दी जाएगी। अगर किसी को यात्रा, सुरक्षा, निकासी या स्थानीय स्थिति से जुड़ी जानकारी चाहिए तो वह इन नंबरों पर संपर्क कर सकता है।
जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं
- 1800118797
- +91 11 2301 2113
- +91 11 2301 4104
- +91 11 2301 7905
सरकार का कहना है कि स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए लोगों को आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए और अफवाहों से बचना चाहिए।
खाड़ी देशों में भारतीय दूतावास भी अलर्ट

मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों में स्थित भारतीय दूतावासों को भी अलर्ट पर रखा गया है। वहां इमरजेंसी संपर्क नंबर जारी किए गए हैं ताकि स्थानीय स्तर पर तुरंत मदद मिल सके।
बहरीन: +973 39418071
ईरान: +98 9128109115 / +98 912810910 / +98 932179359
इराक: +964 771 651 1185 / +964 770444 4899
इज़राइल: +972 54 7520711 / +972 54 2428378
जॉर्डन: +962 770 422 276
कुवैत: +965 65501946
लेबनान: +961 76860128
ओमान: +968 98282270 व्हाट्सएप / 80071234
कतर: +974 55647502
रामल्लाह, फिलिस्तीन: +970 592916418
सऊदी अरब रियाद: +966 11 4884697 / 800 247 1234
सऊदी अरब जेद्दा: +966 126648660 / +966 12 2614093
संयुक्त अरब अमीरात: +971 543090571 व्हाट्सएप / 800 46342
इन नंबरों पर 24 घंटे आपात स्थिति में संपर्क किया जा सकता है।
28 फरवरी से बढ़ा संघर्ष
क्षेत्र में मौजूदा तनाव 28 फरवरी को शुरू हुए सैन्य घटनाक्रम के बाद तेजी से बढ़ा। अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद हालात और गंभीर हो गए। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा चिंता बढ़ गई है।
ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की कि हमलों में सुप्रीम लीडर Ali Khamenei और कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। इसके बाद क्षेत्र में हमले और जवाबी हमलों का सिलसिला तेज हो गया।
ईरान ने इजरायली ठिकानों, अमेरिकी सैन्य अड्डों और खाड़ी क्षेत्र के रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया। इस टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट को अस्थिर कर दिया है।
भारतीयों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
सरकार ने साफ कहा है कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है। खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं। कई लोग नौकरी, बिजनेस या ट्रांजिट के सिलसिले में वहां मौजूद हैं।
ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में उन्हें तुरंत सहायता मिल सके, इसके लिए यह कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन व्यवस्था शुरू की गई है। विदेश मंत्रालय लगातार क्षेत्र की स्थिति की निगरानी कर रहा है।
क्या करें भारतीय नागरिक
सरकार ने सलाह दी है कि मिडिल ईस्ट और खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिक स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। बिना जरूरत यात्रा न करें। भीड़भाड़ और संवेदनशील इलाकों से दूर रहें।
यदि कोई समस्या आती है तो तुरंत नजदीकी भारतीय दूतावास या जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें।










