बिहार में आगामी राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के राज्यसभा चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है। उनका बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
पटना: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए आगामी चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। बहुमत के हिसाब से चार सीटें एनडीए के खाते में जाने की संभावना है, जबकि एक सीट के लिए स्थिति अभी सस्पेंस में बनी हुई है। तेजस्वी यादव का नाम महागठबंधन की ओर से चर्चा में है, लेकिन इस पर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक गलियारों में इसके चलते वार-पलटवार शुरू हो गया है।
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटें, चार एनडीए के खाते में
बिहार में पांच राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के अनुसार, चार सीटें एनडीए के खाते में जाने की संभावना है, जबकि एक सीट के लिए सस्पेंस बरकरार है। इस सीट पर महागठबंधन से तेजस्वी यादव के नाम की चर्चा शुरू हो गई है, लेकिन आधिकारिक तौर पर अभी कोई घोषणा नहीं हुई है।
इस बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तेजस्वी के राज्यसभा चुनाव की चर्चाओं पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "हमें मालूम हुआ है कि युवराज ही जाना चाहते हैं, अब यहां से मन ऊब गया है। अच्छा है, लड़कर देख लें। जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस मामले पर कहा कि आरजेडी संसदीय बोर्ड की बैठक में यह तय किया गया कि तेजस्वी यादव पर लालू यादव को लंबे समय से भरोसा नहीं रहा है, इसलिए उन्होंने सिग्नेचर और पार्टी सिंबल अपने पास सुरक्षित रखे हैं। अब संसदीय बोर्ड ही अंतिम रूप से तय करेगा कि राज्यसभा के उम्मीदवार कौन होंगे।

गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
राज्यसभा चुनाव की चर्चा के बीच गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी नकली गांधी परिवार का युवराज है। वो जिसे चाहे पार्टी में रखे, जिसे चाहे निकाल दे। तेजस्वी यादव लालू का युवराज है। ये लोकतांत्रिक दल नहीं है। उनके बयान ने राजनीतिक हलचलों को और तेज कर दिया है। कई राजनीतिक विश्लेषक इसे महागठबंधन और एनडीए के बीच जारी तनातनी का हिस्सा मान रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव को लेकर आरजेडी ने 1 मार्च 2026 को पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक की थी। इस बैठक में राज्यसभा उम्मीदवार के चयन पर चर्चा हुई। बैठक में तय हुआ कि जो भी प्रत्याशी होगा, वह नामांकन के आखिरी दिन (5 मार्च) दायर करेगा। आरजेडी ने तेजस्वी यादव और लालू यादव को अधिकृत किया कि वे उम्मीदवार के चयन और नामांकन प्रक्रिया को अंजाम दें। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि तेजस्वी यादव का नाम निश्चित होगा या नहीं।











