उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोकसभा आयोजित की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने इसे इस्लामी जगत के लिए बड़ी क्षति बताया और ईरान के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की।
शोकसभा में मौजूद समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में शांति और संवाद की आवश्यकता है। उन्होंने अपील की कि भारत जैसे लोकतांत्रिक और वैश्विक स्तर पर सम्मानित देश को मध्यस्थ की भूमिका निभानी चाहिए, ताकि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम किया जा सके। वक्ताओं ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा संतुलित और शांति समर्थक रही है, ऐसे में भारत सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ईरान के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में पूरी मानवता को साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी संयम बरतने और कूटनीतिक रास्ते अपनाने की अपील की।
शोकसभा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। प्रशासन की ओर से एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया था, हालांकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
स्थानीय आयोजकों ने कहा कि उनका उद्देश्य शांति और एकजुटता का संदेश देना है। उन्होंने सभी से अपील की कि अफवाहों से बचें और सौहार्द बनाए रखें। कार्यक्रम के अंत में मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और ईरान के लोगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया।









