West Bengal Elections: हुमायूं कबीर ने नई पार्टी का नाम बदला, अब होगी ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’

West Bengal Elections: हुमायूं कबीर ने नई पार्टी का नाम बदला, अब होगी ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियों में नई खबर आई है। टीएमसी से निलंबित विधायक Humayun Kabir ने अपनी नई पार्टी का नाम बदलकर ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) कर दिया है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की अल्पसंख्यक बहुल भरतपुर विधानसभा सीट से विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी का नाम बदल दिया है। शुरुआत में उन्होंने अपनी पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) रखा था, लेकिन चुनाव आयोग ने इस नाम को स्वीकार नहीं किया। आयोग का कहना था कि इस नाम से पहले ही एक राजनीतिक दल पंजीकृत है, इसलिए इसे अनुमति नहीं दी जा सकती।

इसके बाद हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी का नया नाम ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (एजेयूपी) घोषित किया है। यह बदलाव उनके लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है, जिससे उन्हें आगामी चुनावों में पार्टी की अलग पहचान बनाने में मदद मिलेगी।

चुनाव आयोग की आपत्ति: वजह क्या थी?

हुमायूं कबीर ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने उनके पुराने नाम को मंजूरी के लिए दिल्ली स्थित निर्वाचन आयोग को भेजा था। आयोग ने सूचित किया कि यह नाम पहले से किसी अन्य पार्टी के पास है। इस पर कबीर ने प्रतिनिधियों के साथ दिल्ली जाकर नया नाम ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ प्रस्तावित किया, जिसे चुनाव आयोग ने मंजूर कर लिया। अब यह नया नाम उनके आगामी विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल होगा।

पार्टी के नाम बदलने की प्रक्रिया

  • शुरू में कबीर ने अपनी पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी (JUP) रखा।
  • चुनाव आयोग ने इसे खारिज कर दिया क्योंकि नाम पहले से रजिस्टर्ड था।
  • इसके बाद उन्होंने नई पार्टी का नाम आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) रखा।
  • इस नई पार्टी के साथ कबीर पश्चिम बंगाल के आगामी चुनाव में मैदान में उतरेंगे।

हुमायूं कबीर का नाम हाल ही में तब चर्चा में आया था जब तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया। विवाद उस समय शुरू हुआ जब उन्होंने बेलडांगा में मस्जिद के शिलान्यास के दौरान कहा कि इसे 6 दिसंबर 1992 को ढहाई गई बाबरी मस्जिद के डिज़ाइन जैसा बनाया जाएगा। इस बयान के बाद टीएमसी ने उन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया।

निलंबन के बाद 22 दिसंबर 2025 को कबीर ने अपनी नई पार्टी बनाने की घोषणा की। हुमायूं कबीर ने नई पार्टी के मुख्य पदाधिकारियों के नाम भी घोषित कर दिए हैं। उनका लक्ष्य इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी और टीएमसी के खिलाफ लड़ना है। कबीर ने अन्य छोटे दलों से गठबंधन की अपील भी की है। उनका मानना है कि नई पार्टी अल्पसंख्यक और सामान्य जनता के मुद्दों को मुख्यधारा में लाने का माध्यम बनेगी।

Leave a comment