राज्यसभा चुनाव 2026: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का BJP में विलय? जानिए सीटों का खेल

राज्यसभा चुनाव 2026: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का BJP में विलय? जानिए सीटों का खेल

उपेंद्र कुशवाहा, जो कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख और राज्यसभा सांसद हैं, राज्यसभा चुनाव से पहले दिल्ली पहुंचे। उन्हें राजधानी बुलाया गया था ताकि वे बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर सकें।

पटना: बिहार की सियासी हलचल के बीच राज्यसभा चुनाव 2026 ने राजनीतिक गलियारों में नया भूचाल ला दिया है। इस बार चर्चा का केंद्र बने हैं राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा। सूत्रों की मानें तो कुशवाहा को दिल्ली बुलाया गया है, जहां उनकी BJP के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात हो सकती है। 

इस मुलाकात में राज्यसभा उम्मीदवारी और पार्टी के BJP में विलय की संभावनाओं पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

बिहार में कुशवाहा की स्थिति

बिहार विधानसभा चुनाव में RLM ने चार सीटें जीती थीं। इसी दौरान चर्चा हुई थी कि उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा और विधान परिषद में भी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, लेकिन कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया। राज्यसभा चुनाव के चलते अब यह सवाल उभर रहा है कि कुशवाहा को NDA के बैनर तले राज्यसभा भेजा जाएगा या बीजेपी विलय की शर्त रखेगी।

उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा को बिहार सरकार में मंत्री बनाया है। हालांकि दीपक किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं और उन्हें अब तक विधान परिषद में नहीं भेजा गया। इसीलिए यह भी चर्चाओं में है कि विलय की स्थिति में कुशवाहा को राज्यसभा की सीट और बेटे को विधान परिषद में जगह मिल सकती है।

राज्यसभा चुनाव की तिथि 

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 है। बिहार विधानसभा की 243 सीटों में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। NDA के पास वर्तमान में कुल 202 विधायक हैं, जिससे यह चार सीटें आसानी से जीत सकता है। लेकिन पांचवीं सीट के लिए स्थिति थोड़ी जटिल हो जाती है। एनडीए के पास चार सीटों के बाद कुछ वोट बचते हैं, लेकिन पाँचवीं सीट जीतने के लिए अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी। 

विपक्षी खेमे में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की अगुवाई वाला महागठबंधन है, जिसके पास कुल 35 विधायक हैं। इस कारण से पांचवीं सीट पर मुकाबला कठिन होगा और संभावित गठजोड़ पर निर्भर करेगा। राज्यसभा चुनाव से पहले उपेंद्र कुशवाहा की दिल्ली यात्रा पर राजनीतिक नजरें लगी हैं। सूत्रों के अनुसार, BJP और RLM के बीच संभावित विलय की चर्चा हो सकती है। यदि विलय होता है, तो यह NDA के लिए सीटों का गणित आसान बना सकता है।

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