असम विधानसभा चुनाव से पहले सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की बड़ी घोषणा: 'पांच लाख बीघा जमीन खाली कराई जाएगी'

असम विधानसभा चुनाव से पहले सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की बड़ी घोषणा: 'पांच लाख बीघा जमीन खाली कराई जाएगी'

असम (Assam) विधानसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के दौरान बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी सरकार विधानसभा चुनावों के बाद फिर सत्ता में लौटती है, तो पांच लाख बीघा जमीन से बेदखली अभियान (Eviction Drive) चलाया जाएगा। 

जगीरोड: असम में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ निकाल रहे हैं। इस यात्रा के दौरान रविवार को उन्होंने घोषणा की कि यदि उनकी पार्टी चुनावों के बाद सत्ता में वापस आती है, तो पांच लाख बीघा जमीन से बेदखली अभियान चलाया जाएगा। सीएम हिमंत ने यह यात्रा अपने दूसरे दिन दिलीप सैकिया के साथ शुरू की। मार्च की शुरुआत जगीरोड से हुई और यह मोरीगांव, राहा और नागांव होते हुए बरहामपुर में समाप्त हुई।

जन आशीर्वाद यात्रा और सीएम का रोडशो

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा इस समय असम में अपनी पार्टी बीजेपी (BJP Assam) के समर्थन में ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ (Public Support March) निकाल रहे हैं। रविवार को उन्होंने जगीरोड से मोरीगांव, राहा और नागांव होते हुए बरहामपुर में यात्रा का समापन किया। इस दौरान उनके स्वागत में ‘बुलडोजर सैल्यूट’ का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं ने 10 बुलडोजरों के ऊपर चढ़कर फूल बरसाए।

सीएम ने इस अवसर पर कहा, “अगर बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता में आती है, तो जंगलों, आदिवासी इलाकों और ब्लॉकों में सभी कथित अवैध कब्जाधारियों को हटाया जाएगा। कोई भी बांग्लादेशी घुसपैठिया असम में शांति से नहीं रहेगा।” उन्होंने यह भी बताया कि पिछले पांच सालों में 1.5 लाख बीघा जमीन पहले ही कब्जा मुक्त कराई जा चुकी है।

चुनावी संदेश और जनता का समर्थन

हिमंता ने जनता से संवाद करते हुए कहा कि उनकी यात्रा का मकसद केवल जमीन या रोजगार नहीं है, बल्कि अवैध कब्जाधारियों और घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर भी समर्थन जुटाना है। उन्होंने कहा, “लोग मुझसे मिलकर धन्यवाद कहेंगे कि उन्हें नौकरी मिली, जमीन मिली या अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। यह केवल एक मुद्दा नहीं है, बल्कि कई मुद्दों पर जनता हमारा समर्थन कर रही है।”

सीएम ने यह भी बताया कि इस बार यात्रा में लोगों की भागीदारी बेहद उत्साहजनक रही। उन्होंने कहा, “मैंने नहीं सोचा था कि इतनी बड़ी संख्या में लोग बाहर आएंगे। कई लहरें देखी हैं, लेकिन यह पूरी तरह अलग अनुभव है।”

असम की विधानसभा और राजनीतिक परिदृश्य

असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं। पिछले विधानसभा में सत्ताधारी बीजेपी के पास 64 विधायक हैं, जबकि उसके सहयोगी असम गण परिषद (AGP) के 9, यूपीपीएल के 7 और बीपीएफ के 3 विधायक हैं। विपक्ष में कांग्रेस के 26, एआईयूडीएफ के 15 और सीपीआई(एम) के एक विधायक हैं। इसके अलावा एक निर्दलीय विधायक भी हैं।

2023 में हुए डिलिमिटेशन के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव होगा, इसलिए राजनीतिक दलों के लिए स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है। बीजेपी अपने पिछले पांच सालों के कामकाज और जनता से जुड़े मुद्दों पर जोर देकर मजबूत जनादेश की उम्मीद कर रही है।

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