भारत ने 5 से 12 मार्च तक दक्षिणी सीमा के पास IAF अभ्यास के लिए एयर स्पेस आरक्षित किया। नोटम जारी कर नागरिक विमानों को सुरक्षित मार्ग दिए गए। पाकिस्तान ने इस कदम को सीमा पर तनाव बढ़ाने वाला माना।
New Delhi: भारत ने 5 मार्च से 12 मार्च तक पाकिस्तान की सीमा के दक्षिणी सेक्टर के पास भारतीय वायु सेना (IAF) के बड़े अभ्यास के लिए अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से आरक्षित कर दिया है। इसके लिए नोटम (NOTAM – Notice to Airmen) जारी किया गया है। यह कदम भारतीय वायुसेना के नियमित सैन्य अभ्यास का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान की चिंता को बढ़ा दिया है।
भारतीय वायु सेना ने अपने नोटम में बताया कि इस दौरान नागरिक हवाई जहाज को इस क्षेत्र से दूर रहने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य अभ्यास के दौरान किसी दुर्घटना से बचाव करना है। हालांकि, पाकिस्तान इस कदम को सीमा पर तनाव बढ़ाने वाला माना है।
दक्षिणी सीमा पर भारतीय सैन्य तैयारी
इस क्षेत्र में भारत-पाकिस्तान सीमा राजस्थान और पाकिस्तान के सिंध इलाके के पास आती है। ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र दोनों देशों के लिए संवेदनशील माना जाता है। जब भी भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता है, इस इलाके में सैन्य गतिविधियां तेज हो जाती हैं।
भारतीय वायुसेना का यह अभ्यास ऐसे समय पर हो रहा है जब विश्व के कई हिस्सों में संघर्ष चल रहा है। मध्य पूर्व में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव बढ़ा हुआ है, वहीं अफगान सेना भी पाकिस्तान की सीमाओं पर लगातार हमले कर रही है। ऐसे में भारत अपनी हवाई सुरक्षा और तैयारी को और मजबूत करने के लिए सक्रिय हुआ है।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
भारत की इस घोषणा के बाद पाकिस्तान ने भी अपनी सीमा पर अतिरिक्त सैन्य और हवाई संसाधनों को तैनात कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान की सेना पहले से ही कई मोर्चों पर व्यस्त है। उसे अफगानिस्तान और ईरान की सीमा के साथ-साथ अरब सागर में नौसैनिक सतर्कता बनाए रखनी पड़ रही है।

पाकिस्तान की चिंता यह है कि भारत का यह अभ्यास किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन की तैयारी का संकेत भी हो सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सामान्य सैन्य अभ्यास का हिस्सा है और दोनों देशों के बीच सीमा पर नियमित रूप से ऐसे अभ्यास होते रहते हैं।
भारतीय वायुसेना का संदेश
भारतीय वायुसेना के नोटम ने यह स्पष्ट किया कि नागरिक विमानों को सुरक्षा के लिहाज से अस्थायी रूप से क्षेत्र से दूर रखा जाएगा। यह अभ्यास रणनीतिक रूप से दक्षिणी सीमा पर वायु सुरक्षा, हवाई प्रतिक्रिया और निगरानी क्षमता को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।
सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय वायुसेना समय-समय पर सीमा पर अभ्यास करके अपनी तैयारियों को अपडेट करती रहती है। इस अभ्यास से न केवल लड़ाकू विमान और पायलट की क्षमता बढ़ती है, बल्कि हवाई नियंत्रण और तैनाती में भी सुधार होता है।
क्षेत्रीय तनाव
यह अभ्यास ऐसे समय पर किया जा रहा है जब पाकिस्तान कई मोर्चों पर व्यस्त है। अफगानिस्तान सीमा पर लगातार हमले हो रहे हैं और मध्य पूर्व के संघर्ष के चलते अरब सागर में भी सतर्कता बनाए रखनी पड़ रही है। ऐसे में भारतीय अभ्यास पाकिस्तान के लिए एक रणनीतिक संदेश भी माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभ्यास केवल भारत की सुरक्षा तैयारियों का हिस्सा है। लेकिन इसे क्षेत्रीय राजनीतिक परिस्थितियों और पाकिस्तान की सतर्कता के संदर्भ में देखा जाए तो इसकी अहमियत बढ़ जाती है।
एयर स्पेस नोटम का महत्व
नोटम, यानी Notice to Airmen, हवाई क्षेत्र में अस्थायी बदलाव या सुरक्षा के लिए जारी की जाती है। इसके माध्यम से नागरिक विमान और एयरलाइन कंपनियों को यह जानकारी दी जाती है कि किस क्षेत्र में कब हवाई गतिविधियां प्रतिबंधित या सुरक्षित हैं।
भारतीय वायुसेना ने इस बार 5 मार्च से 12 मार्च तक दक्षिणी सीमा के पास हवाई क्षेत्र आरक्षित किया है। इस अभ्यास के दौरान सभी गतिविधियां सैन्य और प्रशिक्षण संबंधी होंगी और नागरिक विमानों के लिए सुरक्षित मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।











