एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026: 10वीं में 73.42% और 12वीं में 76% छात्र पास, छात्राओं का शानदार प्रदर्शन

Madhya Pradesh Board of Secondary Education ने 10वीं-12वीं रिजल्ट जारी किया। 12वीं मे 76.01% और 10वीं में 73.42% छात्र पास हुए। टॉपर्स में बेटियों ने बाजी मारी।

Madhya  Pradesh Board of Secondary Education ने 10वीं-12वीं रिजल्ट जारी कर दिया है। 12वीं में 76.01% और 10वीं में 73.42% छात्र पास हुए। इस बार भी छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए टॉपर्स सूची में दबदबा बनाया।

भोपाल: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने वर्ष 2026 के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस साल दोनों कक्षाओं में लाखों विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिसमें 12वीं का रिजल्ट पिछले 16 वर्षों में सबसे बेहतर रहा। वहीं, 10वीं में भी छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी।

राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में परिणाम जारी किए। बोर्ड ने छात्रों से आधिकारिक पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए ही रिजल्ट देखने की अपील की है।

12वीं में 76% छात्र पास, 16 साल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

एमपी बोर्ड की हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में कुल 6,89,746 विद्यार्थी शामिल हुए। इनमें 6,13,634 नियमित और 76,112 स्वाध्यायी परीक्षार्थी थे।

इस साल नियमित छात्रों का पास प्रतिशत 76.01% रहा, जो पिछले 16 सालों में सबसे बेहतर माना जा रहा है। वहीं, स्वाध्यायी छात्रों का परिणाम 30.60% दर्ज किया गया।

छात्राओं का प्रदर्शन एक बार फिर बेहतर रहा। लड़कियों का पास प्रतिशत 79.41% रहा, जबकि लड़कों का 72.39% दर्ज किया गया।

करीब 1.99 लाख विद्यार्थी परीक्षा में सफल नहीं हो सके। हालांकि इस बार पूरक परीक्षा की जगह नई शिक्षा नीति के तहत ‘द्वितीय अवसर परीक्षा’ का विकल्प दिया गया है।

भोपाल की खुशी राय और चांदनी बनीं टॉपर

कक्षा 12वीं की मेरिट सूची में भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। दोनों छात्राओं ने 500 में से 494 अंक प्राप्त किए।

खुशी राय शिवाजी नगर स्थित सुभाष एक्सीलेंस स्कूल की छात्रा हैं, जबकि चांदनी विश्वकर्मा नीलबड़ स्थित गुरुदेव शिक्षा केंद्र से पढ़ती हैं। दोनों की सफलता ने राजधानी भोपाल का नाम रोशन किया है।

टॉपर्स की सफलता यह भी दिखाती है कि सरकारी और निजी दोनों संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र बेहतर अवसर मिलने पर शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।

10वीं में 73.42% छात्र पास, पन्ना की प्रतिभा बनीं टॉपर

कक्षा 10वीं (हाई स्कूल) परीक्षा का परिणाम भी इस बार संतोषजनक रहा। कुल 73.42% नियमित छात्र परीक्षा में पास हुए।

10वीं की परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थी। इसमें कुल 8,97,061 विद्यार्थी शामिल हुए। इनमें 7,87,733 नियमित और 1,09,328 निजी परीक्षार्थी थे।

पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। उनकी उपलब्धि इस साल की सबसे बड़ी शैक्षणिक उपलब्धियों में गिनी जा रही है।

दूसरे स्थान पर बालाघाट की अक्षरा घोडेश्वर और सीधी के अभय गुप्ता संयुक्त रूप से रहे। तीसरा स्थान शहडोल के योगेंद्र सिंह परमार ने हासिल किया।

10वीं में भी छात्राओं ने मारी बाजी

10वीं में भी लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया। छात्राओं का पास प्रतिशत 77.52% रहा, जबकि छात्रों का परिणाम 69.31% दर्ज किया गया।

यह आंकड़े बताते हैं कि राज्य में बेटियां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि छात्राओं की बढ़ती भागीदारी और नियमित पढ़ाई का असर अब परिणामों में साफ दिख रहा है।

सरकारी स्कूलों का बेहतर प्रदर्शन

इस बार सरकारी स्कूलों ने निजी स्कूलों से बेहतर प्रदर्शन किया। शासकीय स्कूलों का पास प्रतिशत 76.80% रहा, जबकि निजी स्कूलों का परिणाम 68.64% दर्ज किया गया।

यह प्रदर्शन राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि ग्रामीण और छोटे शहरों के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बेहतर हो रहा है।

जिलावार प्रदर्शन: अनूपपुर और झाबुआ आगे

जिलावार प्रदर्शन में 10वीं में अनूपपुर 93.85% के साथ पहले स्थान पर रहा। आलीराजपुर 92.14% के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

वहीं 12वीं में झाबुआ जिले ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि अनूपपुर दूसरे स्थान पर रहा।

जिलों का यह प्रदर्शन दिखाता है कि छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों में भी विद्यार्थी लगातार बेहतर कर रहे हैं।

मेरिट लिस्ट में छात्राओं का दबदबा

10वीं की मेरिट सूची में कुल 378 विद्यार्थियों ने जगह बनाई। इनमें 235 छात्राएं और 143 छात्र शामिल रहे।

यह आंकड़ा छात्राओं की मेहनत और राज्य में लड़कियों की शिक्षा के बढ़ते स्तर को दर्शाता है।

कई जिलों से आई प्रेरक सफलता की कहानियां

मध्य प्रदेश के कई जिलों से प्रेरणादायक सफलता की कहानियां सामने आई हैं।

देवास में टेलर की बेटी पलक नामदेव ने 10वीं में 98% अंक लाकर राज्य मेरिट सूची में 10वां स्थान हासिल किया। उनका सपना कलेक्टर बनने का है।

देवास की ही राशि माली ने 12वीं कॉमर्स में 96.8% अंक हासिल कर सातवां स्थान पाया। उनके पिता किराना दुकान चलाते हैं।

बैतूल की ऋतुजा देशपांडे ने गणित संकाय में प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया। उन्होंने सेल्फ स्टडी के दम पर यह सफलता पाई।

जबलपुर से भी तीन छात्रों ने मेरिट सूची में जगह बनाई, जो शहर की शैक्षणिक मजबूती को दिखाता है।

द्वितीय अवसर परीक्षा 7 मई से

नई शिक्षा नीति के तहत इस बार पूरक परीक्षा की जगह ‘द्वितीय अवसर परीक्षा’ का प्रावधान किया गया है।

जो छात्र फेल हुए हैं, अनुपस्थित रहे या अंक सुधारना चाहते हैं, वे 7 मई 2026 से होने वाली इस परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

बोर्ड ने छात्रों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 18002330175 भी जारी किया है।

ऐसे देखें रिजल्ट

छात्र अपना रिजल्ट MPBSE की आधिकारिक वेबसाइट mpbse.mponline.gov.in, डिजिलॉकर ऐप, MPBSE मोबाइल ऐप और MP Mobile App पर देख सकते हैं।

रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को रोल नंबर और आवेदन क्रमांक दर्ज करना होगा। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सिर्फ अधिकृत प्लेटफॉर्म पर ही भरोसा करें।

एमपी बोर्ड 2026 का परिणाम इस बात का संकेत है कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों की तैयारी दोनों में लगातार सुधार हो रहा है।

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