एंथ्रोपिक के CEO ने चेताया: अगले एक साल में AI सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की ले सकती है जगह

एंथ्रोपिक के CEO ने चेताया: अगले एक साल में AI सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की ले सकती है जगह

एंथ्रोपिक के सीईओ डेरियो अमोडेई का दावा है कि आने वाले 6–12 महीनों में एआई पूरी कोडिंग प्रक्रिया संभाल सकती है। इससे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली नौकरी पर खतरा बढ़ गया है, खासकर एंट्री-लेवल डेवलपर्स के लिए।

AI And Software Engineer Jobs: वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम में एंथ्रोपिक के सीईओ डेरियो अमोडेई ने कहा कि अगले एक साल के भीतर एआई कोडिंग के ज्यादातर काम अपने आप कर सकेगी। उनके मुताबिक, उनकी कंपनी में इंजीनियर्स अब खुद कोड लिखने की बजाय एआई से कोड जनरेट करवाकर उसे रिव्यू कर रहे हैं। यह बदलाव ग्लोबली टेक इंडस्ट्री में देखने को मिल रहा है और इसका मुख्य कारण एआई मॉडल्स की तेजी से बढ़ती क्षमता है, जो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को पहले से ज्यादा ऑटोमेटेड बना रही है।

क्या सच में एआई कर देगी कोडिंग का पूरा काम?

अमोडेई के मुताबिक, एआई से कोड लिखवाने में न सिर्फ समय बचता है, बल्कि प्रोडक्ट डेवलपमेंट की स्पीड भी कई गुना बढ़ जाती है। उनका मानना है कि जल्द ही एआई स्टार्ट से लेकर एंड तक पूरी कोडिंग प्रोसेस खुद संभाल सकेगी, जिसमें डिजाइन से लेकर डिबगिंग तक सब कुछ शामिल होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि एआई मॉडल लगातार सीख रहे हैं और खुद को बेहतर बना रहे हैं। ऐसे में वे वो सारे काम कर सकते हैं, जो अभी तक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर करता आया है। यही वजह है कि कोडिंग जैसी स्किल, जिसे अब तक सबसे सुरक्षित करियर माना जाता था, अब खतरे में दिख रही है।

एंट्री-लेवल जॉब्स पर सबसे ज्यादा असर?

कई टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई का असर सबसे पहले एंट्री-लेवल सॉफ्टवेयर नौकरियों पर पड़ेगा। शुरुआती स्तर पर होने वाले बेसिक कोडिंग टास्क्स को एआई आसानी से ऑटोमेट कर सकती है, जिससे नए इंजीनियरों के लिए मौके कम हो सकते हैं।

हालांकि कुछ लोग यह भी मानते हैं कि एआई से इंजीनियरों की भूमिका खत्म नहीं होगी, बल्कि बदलेगी। डेवलपर्स को अब कोड लिखने के बजाय एआई को सही निर्देश देना, उसके आउटपुट को समझना और सिस्टम डिजाइन पर ज्यादा फोकस करना होगा।

पहले भी मिल चुकी है चेतावनी

अमोडेई से पहले एआई के गॉडफादर कहे जाने वाले जेफ्री हिंटन समेत कई बड़े रिसर्चर्स यह चेतावनी दे चुके हैं कि आने वाले समय में मशीनें इंसानों के कई काम संभाल लेंगी। उनका मानना है कि एआई का प्रभाव सिर्फ टेक सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लगभग हर इंडस्ट्री में नौकरियों की प्रकृति बदल जाएगी।

इससे साफ है कि एआई सिर्फ एक टूल नहीं, बल्कि काम करने के तरीके को पूरी तरह रीशेप करने वाली टेक्नोलॉजी बनती जा रही है।

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