एशेज टेस्ट में नाथन लियोन का ऐतिहासिक कारनामा: ग्लेन मैकग्रा को पछाड़कर बने ऑस्ट्रेलिया के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज

एशेज टेस्ट में नाथन लियोन का ऐतिहासिक कारनामा: ग्लेन मैकग्रा को पछाड़कर बने ऑस्ट्रेलिया के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज

एडिलेड ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे एशेज टेस्ट के दूसरे दिन नाथन लियोन ने अपने टेस्ट करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हासिल की। शानदार गेंदबाजी करते हुए उन्होंने दिग्गज तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा के 563 टेस्ट विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। 

स्पोर्ट्स न्यूज़: ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे एशेज टेस्ट सीरीज के दौरान अनुभवी ऑफ स्पिनर नाथन लियोन ने क्रिकेट इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया। एडिलेड ओवल में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन लियोन ने सिर्फ दो विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के दिग्गज तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा के 563 टेस्ट विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। 564 विकेटों के साथ लियोन अब टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज बन गए हैं।

इस उपलब्धि के साथ नाथन लियोन न केवल ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में बल्कि विश्व टेस्ट क्रिकेट में भी छठे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उनसे आगे अब केवल महान स्पिनर शेन वार्न (708 विकेट) ही ऑस्ट्रेलिया की ओर से मौजूद हैं। यह रिकॉर्ड लियोन की निरंतरता, फिटनेस और लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाता है।

ऐतिहासिक विकेट और मैच का मोड़

नाथन लियोन ने यह उपलब्धि इंग्लैंड की पहली पारी के दौरान हासिल की। उन्होंने पहले ओली पोप को आउट कर ग्लेन मैकग्रा के रिकॉर्ड की बराबरी की और इसके बाद बेन डकेट को पवेलियन भेजते ही इतिहास रच दिया। यह दोनों विकेट ऐसे समय आए जब इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया के 371 रनों के जवाब में 41/1 के स्कोर के साथ अच्छी स्थिति में नजर आ रही थी।

लियोन के इन दो झटकों ने इंग्लैंड की पारी की लय तोड़ दी और मैच का रुख पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में मोड़ दिया। उनकी गेंदबाजी ने यह साबित कर दिया कि मुश्किल परिस्थितियों में भी वह टीम के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।

टीम से बाहर होकर वापसी का जवाब

गौरतलब है कि नाथन लियोन को पिछले टेस्ट में प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया था, जिसे लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा भी हुई थी। हालांकि एडिलेड टेस्ट में वापसी करते हुए उन्होंने अपने प्रदर्शन से आलोचकों को करारा जवाब दिया। उनकी सटीक लाइन-लेंथ, अनुभव और धैर्य ने एक बार फिर साबित किया कि वह ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के लिए कितने अहम हैं।

नाथन लियोन का सफर क्रिकेट की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में से एक है। 2011 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले लियोन ने अपने पहले ही ओवर में महान बल्लेबाज कुमार संगकारा को आउट कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इससे भी रोचक तथ्य यह है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने से पहले लियोन एडिलेड ओवल में क्यूरेटर के रूप में काम करते थे। वह पिच तैयार करने और मैदान की देखभाल की जिम्मेदारी निभाते थे। आज वही खिलाड़ी इसी मैदान पर सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट (65) लेने वाले गेंदबाज बन चुके हैं।

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