भारत अगले साल एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप (राइफल/पिस्टल) की मेजबानी करेगा, जिसमें 2028 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक के लिए आठ कोटा स्थान दांव पर होंगे। यह भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत अगले साल दिल्ली में एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप (राइफल/पिस्टल) की मेजबानी करेगा, जिसमें 2028 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक के लिए आठ कोटा स्थान दांव पर होंगे। यह भारतीय निशानेबाजी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि भारत पहले ही एक अन्य ओलंपिक क्वालीफायर की मेजबानी कर चुका है।
अगले साल 21 से 30 अप्रैल तक दिल्ली में आयोजित इस एशियाई प्रतियोगिता में ओलंपिक के लिए आठ स्थान उपलब्ध होंगे, जो विश्व कप (राइफल/पिस्टल/शॉटगन) में मिलने वाले 12 कोटा स्थानों के अतिरिक्त हैं।
एनआरएआई ने पुष्टि की, करणी सिंह रेंज में होगी प्रतियोगिता
भारतीय निशानेबाजी के शीर्ष संगठन भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के महासचिव पवनकुमार ने जानकारी दी कि यह ऐतिहासिक अवसर है जब भारत दो अलग-अलग ओलंपिक कोटा प्रतियोगिताओं की मेजबानी करेगा। उन्होंने कहा:
'हम नई दिल्ली के करणी सिंह रेंज में आईएसएसएफ विश्व कप राइफल/पिस्टल/शॉटगन (21-30 अप्रैल) और राइफल एवं पिस्टल में एशियाई चैंपियनशिप की मेजबानी करेंगे। यह भारत के लिए गर्व का मौका है।'
एशियाई निशानेबाजी परिसंघ ने एनआरएआई के अध्यक्ष कलिकेश सिंह देव को पत्र लिखकर इसकी पुष्टि की और कहा कि भारत इस प्रतियोगिता की मेजबानी करने के लिए उपयुक्त स्थान और सक्षम संगठन प्रदान करेगा।
एशियाई चैंपियनशिप में होंगे 8 ओलंपिक कोटा

एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में लॉस एंजेल्स ओलंपिक 2028 के लिए आठ कोटा स्थान दिए जाएंगे। इसके अलावा, अप्रैल में आयोजित होने वाले विश्व कप राइफल/पिस्टल/शॉटगन में भी 12 कोटा स्थान होंगे। एनआरएआई का लक्ष्य है कि भारतीय निशानेबाज इन दोनों प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक कोटा हासिल करें।
एनआरएआई महासचिव पवनकुमार ने कहा, आईएसएसएफ ने पहले पेरिस ओलंपिक के लिए विश्व कप में कोटा नहीं दिए थे, लेकिन लॉस एंजेल्स 2028 के लिए कोटा प्रदान किया जाएगा। हमें उम्मीद है कि हमारे निशानेबाज इस अवसर का पूरा फायदा उठाएंगे और देश के लिए अधिक से अधिक कोटा स्थान सुरक्षित करेंगे।
इंटरनेशनल प्रतिष्ठा और भारतीय निशानेबाजी का बढ़ता प्रभाव
पवनकुमार ने बताया कि आईएसएसएफ ने भारत की क्षमता और प्रमुख प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी के अनुभव को देखते हुए भरोसा जताया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय निशानेबाजी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा,
'हमें यह ऐतिहासिक अवसर मिला है कि हम दो ओलंपिक कोटा प्रतियोगिताओं की मेजबानी कर सकते हैं। हम पूरी तैयारी के साथ इसे आयोजित करेंगे और उम्मीद है कि भारतीय निशानेबाज देश के लिए सभी 24 कोटा स्थान हासिल करेंगे।'
इस वर्ष की एशियाई चैंपियनशिप (राइफल/पिस्टल) बुधवार से दिल्ली में आयोजित की जाएगी। इसमें जूनियर और सीनियर वर्ग के कुल 20 देशों के 300 से अधिक निशानेबाज भाग लेंगे। यह प्रतियोगिता न केवल भारतीय निशानेबाजों के लिए बल्कि एशियाई स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।









