10वीं फेल महिला ने 2019 से खुद को IAS अधिकारी बताया, बिल्डर के बेटे से शादी की; RTI से खुला राज

मध्य प्रदेश में तृप्ति सिंह राजपूत पर फर्जी IAS बनकर करीब ₹1.5 करोड़ की ठगी का आरोप है। पति की RTI के बाद खुलासा हुआ और पुलिस ने गिरफ्तार किया।

मध्य प्रदेश में तृप्ति सिंह राजपूत पर 2019 से फर्जी IAS अधिकारी बनकर लोगों से करीब ₹1.5 करोड़ की ठगी करने का आरोप है। पति की RTI से उसकी पहचान का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।

भोपाल: मध्य प्रदेश में खुद को IAS अधिकारी बताकर कथित तौर पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। वाराणसी की रहने वाली तृप्ति सिंह राजपूत पर 2019 से फर्जी IAS अधिकारी बनकर लोगों से करीब ₹1.5 करोड़ की ठगी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, उसने खुद को मध्य प्रदेश टूरिज्म में ट्रेनी IAS और एडिशनल डायरेक्टर भी बताया। मामले में तृप्ति के साथ प्रखर और उसके ड्राइवर भूपेंद्र बैरागी को भी पुलिस रिमांड में भेजा गया है।

2019 से खुद को IAS बताने का आरोप

पुलिस जांच के अनुसार, तृप्ति सिंह राजपूत ने कथित तौर पर वर्ष 2019 से खुद को IAS अधिकारी बताना शुरू किया था। आरोप है कि उसने इस पहचान का इस्तेमाल लोगों को प्रभावित करने और आर्थिक धोखाधड़ी करने के लिए किया।

10वीं फेल महिला ने 2019 से खुद को IAS अधिकारी बताया, बिल्डर के बेटे से शादी की; RTI से खुला राज

जांच में उस पर मध्य प्रदेश टूरिज्म में ट्रेनी IAS अधिकारी और एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर पहचान बताकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप सामने आया है।

तृप्ति की शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, वह 10वीं कक्षा में फेल हो गई थी, जबकि इसके बावजूद उसने खुद को IAS अधिकारी के तौर पर पेश किया।

बिल्डर के बेटे से फेसबुक के जरिए बढ़ाई नजदीकी

मूल रूप से वाराणसी की रहने वाली तृप्ति की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के माध्यम से एक बिल्डर के बेटे से हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसने फेसबुक पर उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी, जिसे पहली बार युवक ने स्वीकार नहीं किया। बाद में दोबारा भेजी गई रिक्वेस्ट स्वीकार होने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई।

आरोप है कि तृप्ति ने युवक और उसके परिवार के सामने खुद को IAS अधिकारी बताया। इसी पहचान के आधार पर उसने परिवार में अपनी अलग छवि बनाई।

कोविड के दौरान हुई शादी

रिपोर्ट के मुताबिक, युवक के पिता शुरुआत में इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे। हालांकि, कोविड-19 महामारी के दौरान बनी परिस्थितियों के बीच बाद में युवक और तृप्ति की शादी हो गई।

शादी के बाद भी तृप्ति की कथित पहचान पर लंबे समय तक परिवार को संदेह नहीं हुआ। बाद में उसके ससुर के एक दोस्त, जो वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं, की मौजूदगी में हुई कुछ घटनाओं से शक पैदा हुआ।

वरिष्ठ IAS अधिकारी से मुलाकात टालने पर हुआ शक

तृप्ति के ससुर के एक दोस्त वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। एक कार्यक्रम में उनसे मिलने का मौका था, लेकिन तृप्ति ने कथित तौर पर वहां आने से मना कर दिया। इसके बाद दूसरी बार भी मिलने से इनकार करने पर परिवार को उसकी बताई पहचान पर संदेह हुआ।

इसके बाद तृप्ति की IAS अधिकारी होने के दावे की जांच कराने का फैसला किया गया।

पति ने RTI से हासिल की जानकारी

शक गहराने के बाद तृप्ति के पति ने मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (LBSNAA) में RTI दाखिल की। RTI के जवाब में कथित तौर पर सामने आया कि तृप्ति सिंह राजपूत के नाम से अकादमी में कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।

इसके बाद उसके IAS अधिकारी होने के दावे पर सवाल खड़े हो गए और मामले की जांच आगे बढ़ी। पुलिस ने तृप्ति को गिरफ्तार कर लिया। मामले में प्रखर और ड्राइवर भूपेंद्र बैरागी को भी आरोपी बनाया गया है और भोपाल कोर्ट ने तीनों को पुलिस रिमांड पर भेजा है।

पुलिस अब कथित ठगी, फर्जी पहचान और तृप्ति के साथ जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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