बॉलीवुड के मल्टी-टैलेंटेड कलाकार फरहान अख्तर आज अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। अभिनेता, निर्देशक, निर्माता, गायक और लेखक—फरहान अख्तर ने भारतीय सिनेमा को नई सोच और आधुनिक कहानी कहने का अंदाज दिया है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: फरहान अख्तर बॉलीवुड के उन कलाकारों में शुमार हैं, जो फिल्मों को यथार्थ के करीब लाने के लिए किसी भी हद तक मेहनत करने से पीछे नहीं हटते। 9 जनवरी 1974 को जन्मे फरहान अख्तर के करियर से जुड़े कई दिलचस्प किस्से हैं, जो उनकी फिल्मों के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं। अपने किरदारों को सजीव बनाने के लिए उन्होंने कड़ी तैयारी की है—कभी किसी फिल्म को लेकर उन्हें अपने पिता जावेद अख्तर की नाराजगी झेलनी पड़ी, तो कभी किसी खास अभिनेता को कास्ट करने के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ा। आज फरहान अख्तर अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर आइए जानते हैं उनकी फिल्मों से जुड़े कुछ रोचक और प्रेरणादायक किस्से।
‘तूफान’ के लिए 18 महीनों की कड़ी ट्रेनिंग
फरहान अख्तर ने फिल्म ‘तूफान’ (2021) में बॉक्सर अजीज अली का किरदार निभाने के लिए अपने शरीर को पूरी तरह बदल डाला। इस भूमिका के लिए उन्होंने मुक्केबाजी की बारीकियां सीखीं और फिटनेस पर खास ध्यान दिया। फरहान ने पहले अपना वजन 69 किलो से बढ़ाकर 85 किलो किया और फिर शूटिंग के मुताबिक वजन घटाया।
इसके लिए उन्होंने करीब 18 महीनों तक लगातार मेहनत की। यह फरहान अख्तर और निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा की दूसरी स्पोर्ट्स आधारित फिल्म थी, इससे पहले दोनों ‘भाग मिल्खा भाग’ में साथ काम कर चुके थे।
‘भाग मिल्खा भाग’ के लिए 13 महीने सख्त डाइट
फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ (2013) फरहान अख्तर के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में से एक है। मिल्खा सिंह का किरदार निभाने के लिए फरहान ने जबरदस्त फिजिकल और मेंटल तैयारी की। खुद फरहान के मुताबिक, पहली मुलाकात में मिल्खा सिंह ने उन्हें ट्रैक पर जॉगिंग करने को कहा था। इस रोल के लिए फरहान ने 13 महीनों तक चावल, रोटी, ब्रेड और शराब से पूरी तरह परहेज किया। उन्होंने मिल्खा सिंह जैसी बॉडी बनाने के लिए घंटों तक ट्रेनिंग की और भारी वजन उठाया।
फरहान अख्तर ने फिल्म ‘रॉक ऑन’ (2008) से बतौर अभिनेता बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में उन्होंने एक रॉकस्टार का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्होंने न सिर्फ अभिनय किया बल्कि खुद गाने भी गाए। फरहान ने गायन की ट्रेनिंग शंकर महादेवन से ली, जबकि एहसान नूरानी से गिटार सीखी। आदित्य श्रॉफ के किरदार में उन्होंने इतनी जान डाल दी कि दर्शकों ने उन्हें असल जिंदगी का रॉकस्टार मान लिया।

क्या जावेद अख्तर ने फाड़ दी थी ‘डॉन’ की स्क्रिप्ट?
फरहान अख्तर जब क्लासिक फिल्म ‘डॉन’ (1978) का रीमेक बनाना चाहते थे, तो उन्होंने इसकी स्क्रिप्ट अपने पिता और मशहूर गीतकार-लेखक जावेद अख्तर को दिखाई थी। चर्चाओं के मुताबिक, जावेद अख्तर को यह स्क्रिप्ट पसंद नहीं आई और उन्होंने इसे फाड़ दिया। हालांकि बाद में फरहान ने साफ किया कि पिता ने स्क्रिप्ट फाड़ी नहीं थी, बल्कि वे इससे सहमत नहीं थे। इसके बाद फरहान ने स्क्रिप्ट पर दोबारा काम किया और ‘डॉन’ (2006) व ‘डॉन 2’ (2011) बनाई, जो दोनों ही बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं।
साल 2004 में रिलीज हुई फिल्म ‘लक्ष्य’, जिसे फरहान अख्तर ने निर्देशित किया था, बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। ऋतिक रोशन स्टारर इस फिल्म के फ्लॉप होने से फरहान काफी निराश हो गए थे। उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वह डिप्रेशन में चले गए थे। इस दौर से बाहर निकलने के लिए उन्होंने दोस्तों के साथ देहरादून की यात्राएं कीं और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) का दौरा किया, जिसने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया।
फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी पहली फिल्म ‘दिल चाहता है’ (2001) आज भी कल्ट क्लासिक मानी जाती है। इस फिल्म के लिए आमिर खान को कास्ट करना आसान नहीं था। स्क्रिप्ट पहले अंग्रेजी में थी, जिसे आमिर के कहने पर हिंदी में बदला गया। इसके बावजूद आमिर ने करीब 8 महीनों तक फैसला टाल दिया। आखिरकार फरहान ने उन्हें वीडियो डोरबेल के जरिए पूरी स्क्रिप्ट सुनाई, जिसके बाद आमिर खान इस फिल्म के लिए तैयार हुए।











