भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बना दिया है। 21 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 12.42 अरब डॉलर बढ़कर 729.33 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। यह लगातार आठवां सप्ताह है, जब भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
Foreign Exchange Reserves: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 21 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12.422 अरब डॉलर बढ़कर 729.328 अरब डॉलर हो गया। इसके साथ ही भारत ने फरवरी 2026 में बनाए गए पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
विदेशी मुद्रा भंडार में यह लगातार आठवें सप्ताह की बढ़ोतरी है। रिजर्व में लगातार हो रही वृद्धि को देश की बाहरी वित्तीय स्थिति के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी से भारत को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और बाहरी वित्तीय दबावों से निपटने में अतिरिक्त मजबूती मिलती है।
फरवरी का पुराना रिकॉर्ड टूटा
RBI के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 12.422 अरब डॉलर की वृद्धि हुई। इससे पहले वाले सप्ताह में भी भंडार 9.905 अरब डॉलर बढ़ा था। इससे पहले भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी 2026 को 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। अब नए आंकड़ों के साथ यह पुराना रिकॉर्ड टूट गया है।
विदेशी मुद्रा भंडार किसी देश की बाहरी आर्थिक मजबूती का एक महत्वपूर्ण संकेतक होता है। इसमें विदेशी मुद्रा आस्तियां, सोना, विशेष आहरण अधिकार (SDR) और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में देश का रिजर्व पोजिशन शामिल होता है।
Foreign Currency Assets में भी जोरदार वृद्धि

कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ा हिस्सा Foreign Currency Assets (FCA) का होता है। RBI के आंकड़ों के मुताबिक, 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में FCA में 9.482 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 591.333 अरब डॉलर हो गया। FCA में अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राओं में रखी गई परिसंपत्तियां भी शामिल होती हैं। डॉलर में इनके मूल्यांकन के दौरान संबंधित मुद्राओं की विनिमय दर में होने वाले बदलाव का प्रभाव भी रिजर्व पर पड़ता है।
समीक्षाधीन सप्ताह में भारत के स्वर्ण भंडार के मूल्य में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। RBI के अनुसार, गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 2.801 अरब डॉलर बढ़कर 114.218 अरब डॉलर हो गई। इससे पहले वाले सप्ताह में भी भारत के स्वर्ण भंडार की वैल्यू में 2.679 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी। मार्च 2026 के अंत तक RBI के पास करीब 880.52 टन सोना मौजूद था। सोने की कीमतों में बदलाव का सीधा असर विदेशी मुद्रा भंडार के कुल मूल्य पर पड़ सकता है।
SDR और IMF रिजर्व में भी बढ़ोतरी
भारत के Special Drawing Rights (SDR) में भी समीक्षाधीन सप्ताह में 112 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई। इसके साथ SDR भंडार बढ़कर 18.852 अरब डॉलर हो गया। इससे पहले वाले सप्ताह में SDR में 5 मिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी। इसी अवधि में IMF के पास भारत की रिजर्व पोजिशन में भी 26 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई। अब यह बढ़कर 4.925 अरब डॉलर हो गई है। इस तरह विदेशी मुद्रा भंडार के लगभग सभी प्रमुख घटकों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।
भारत में विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए RBI की FCNR(B) योजना भी चर्चा में है। यह योजना जून 2026 में शुरू की गई थी और इसमें अनिवासी भारतीय (NRI) विदेशी मुद्रा में अपनी जमा राशि रख सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अगस्त तक इस योजना के तहत करीब 65.4 अरब डॉलर की राशि आ चुकी थी। इस व्यवस्था में जमा राशि विदेशी मुद्रा में होती है और विदेशी मुद्रा विनिमय से जुड़े जोखिम को RBI वहन करता है।
बैंकों की ओर से इस योजना के तहत आकर्षक ब्याज दरों की पेशकश किए जाने से NRI जमाओं में रुचि बढ़ने की उम्मीद है। इससे भारत में विदेशी मुद्रा का प्रवाह मजबूत करने और देश के रिजर्व को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।









