अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव 2026 का दूसरा दिन आज, 110 फीट के सर्किल में पारंपरिक नृत्य का दिखेगा रंग

अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव 2026 के दूसरे दिन भेल दशहरा मैदान में गरबा, डांडिया और तीन ताली की धूम रहेगी। 110 फीट के सर्किल में हजारों प्रतिभागी नृत्य करेंगे।

भेल दशहरा मैदान में पांच दिवसीय अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव के दूसरे दिन प्रतिभागी पारंपरिक गुजराती परिधानों में गरबा, डांडिया और तीन ताली प्रस्तुत करेंगे। बढ़ती भागीदारी के कारण गरबा सर्किल का आकार 110 फीट किया गया है।

भेल दशहरा मैदान: अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव 2026 के दूसरे दिन पारंपरिक नृत्य, रंग-बिरंगे परिधान और अलग-अलग थीम आकर्षण का केंद्र रहेंगे। पांच दिवसीय आयोजन में प्रतिभागी गरबा, डांडिया और तीन ताली के जरिए उत्सव में हिस्सा लेंगे। इस बार बढ़ती भागीदारी को देखते हुए गरबा सर्किल का आकार 100 फीट से बढ़ाकर 110 फीट किया गया है। आयोजन में माता अम्बे की पूजा और महाआरती भी शामिल हैं।

पारंपरिक रंगों और नृत्य के साथ गरबा महोत्सव का दूसरा दिन

भेल दशहरा मैदान में आयोजित पांच दिवसीय अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव 2026 का दूसरा दिन पारंपरिक उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के बीच मनाया जाएगा। मंगलवार से शुरू हुए इस आयोजन में प्रतिभागी गरबा, डांडिया और तीन ताली के जरिए अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन करेंगे। गुजराती संस्कृति से जुड़े गीतों, पारंपरिक वेशभूषा और सजे हुए पंडाल के बीच आयोजन में उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा।

महोत्सव में प्रतिभागियों के लिए पारंपरिक गुजराती परिधानों के साथ अलग-अलग थीम पर आधारित वेशभूषा भी आकर्षण का हिस्सा रहेगी। पिछले आयोजनों में राजस्थानी पोशाक, महाकुंभ और श्रीनाथ जैसी थीम के जरिए प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता दिखाई थी। इस बार भी रंग-बिरंगे परिधान और पारंपरिक सजावट कार्यक्रम को खास बनाएंगे।

110 फीट का गरबा सर्किल, हजारों प्रतिभागियों ने की तैयारी

इस वर्ष बढ़ती भागीदारी को देखते हुए आयोजकों ने गरबा सर्किल का आकार 100 फीट से बढ़ाकर 110 फीट कर दिया है। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को सामूहिक नृत्य के लिए अधिक जगह उपलब्ध कराना है।

महोत्सव से पहले रविवार को हुई पहली ग्राउंड रिहर्सल में 4,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इस दौरान गुजराती पारंपरिक गीतों और प्रशिक्षकों की गिनती के साथ गरबा, डांडिया और तीन ताली का अभ्यास किया गया। सोमवार को दूसरी ग्राउंड रिहर्सल भी रखी गई, ताकि प्रतिभागियों के बीच तालमेल बेहतर हो सके और मुख्य आयोजन के दौरान नृत्य का क्रम सुचारु रहे।

रिहर्सल में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से आयोजन की तैयारियों का अंदाजा लगाया जा सकता है। गरबा सर्किल का विस्तार भी इसी बढ़ती भागीदारी को ध्यान में रखकर किया गया है।

पूजा-अर्चना और महाआरती रहेंगी आयोजन का हिस्सा

अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव में नृत्य और संगीत के साथ धार्मिक परंपराओं को भी महत्व दिया जाता है। आयोजन के दौरान माता अम्बे की पूजा-अर्चना और महाआरती की व्यवस्था रहती है। रोशनी से सजे पंडाल में पारंपरिक गीतों की धुन पर प्रतिभागी सामूहिक गरबा करते हैं।

पांच दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में लोगों को पारंपरिक संस्कृति से जुड़ने और सामूहिक उत्सव का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा। अलग-अलग परिधानों और थीम के जरिए प्रतिभागी अपनी सांस्कृतिक पहचान तथा रचनात्मकता भी प्रदर्शित कर सकेंगे।

पास के जरिए मिलेगा प्रवेश, अधिकृत माध्यमों से खरीदने की अपील

महोत्सव में प्रवेश के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन पास अनिवार्य हैं। आयोजकों के अनुसार, एक कपल पास पर दो लोगों को प्रवेश दिया जाएगा और उनमें एक महिला सदस्य का होना जरूरी है।

पास अभिव्यक्ति मैनेजमेंट द्वारा निर्धारित दुकानों से खरीदे जा सकते हैं। इसके अलावा भेल दशहरा मैदान स्थित गरबा ग्राउंड पर बनाए गए दो ऑफलाइन स्टॉल से भी पास उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। ऑनलाइन पास के लिए क्यूआर कोड का विकल्प भी दिया गया है।

आयोजकों ने लोगों से केवल अधिकृत माध्यमों से पास खरीदने की अपील की है। कार्यक्रम में शामिल होने की योजना बना रहे लोगों को प्रवेश संबंधी शर्तों और पास की उपलब्धता की जानकारी पहले ही जांच लेनी चाहिए।

Leave a comment