Gaudium IVF and Women’s Health का ₹165 करोड़ IPO 20 फरवरी 2026 से खुला है। ₹75–79 प्राइस बैंड तय है। कंपनी विस्तार और कर्ज भुगतान में फंड लगाएगी। बढ़ते IVF बाजार के बीच निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
Gaudium IVF IPO 2026: फर्टिलिटी सर्विसेज प्रदान करने वाली कंपनी Gaudium IVF and Women’s Health का ₹165 करोड़ का IPO 20 फरवरी 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक 24 फरवरी 2026 तक इस इश्यू में आवेदन कर सकते हैं। कंपनी ने प्राइस बैंड ₹75 से ₹79 प्रति शेयर तय किया है। बढ़ती बांझपन दर, देर से शादी और लाइफस्टाइल बदलाव जैसे कारणों से IVF सेक्टर में तेज वृद्धि देखी जा रही है, ऐसे में यह IPO बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है।
IPO का ढांचा
यह IPO दो हिस्सों में बंटा है। ₹90 करोड़ का फ्रेश इश्यू है, जिसके तहत करीब 1.13 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा ₹75 करोड़ का ऑफर फॉर सेल यानी OFS है, जिसमें लगभग 94.9 लाख शेयर बेचे जाएंगे। OFS के तहत प्रमोटर मानिका खन्ना अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगी।
फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि में से ₹50 करोड़ नए IVF केंद्र खोलने में खर्च किए जाएंगे, ₹20 करोड़ पुराने कर्ज के भुगतान में उपयोग होंगे और शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए रखी जाएगी। इससे साफ है कि कंपनी विस्तार और बैलेंस शीट मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है।
कंपनी का बिजनेस मॉडल
Gaudium IVF and Women’s Health IVF ट्रीटमेंट, महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाएं और संबंधित मेडिकल सुविधाएं प्रदान करती है। कंपनी का फोकस पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट मॉडल पर है, जिसमें हर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री और जेनेटिक प्रोफाइल के आधार पर इलाज की योजना बनाई जाती है। ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार कंपनी की सफलता दर करीब 58 प्रतिशत बताई गई है, जो इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग पहचान देती है। कंपनी की आय केवल IVF प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि अस्पताल सेवाओं और दवा बिक्री से भी होती है, जिससे राजस्व स्रोत विविध और अपेक्षाकृत स्थिर बनता है।
IVF सेक्टर में ग्रोथ की संभावना
ग्लोबल स्तर पर फर्टिलिटी ट्रीटमेंट बाजार तेजी से बढ़ रहा है। 2024 में इसका आकार 27.49 अरब डॉलर था और अनुमान है कि 2034 तक यह 54.60 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, यानी लगभग 7 प्रतिशत की औसत सालाना वृद्धि। भारत में यह ग्रोथ और तेज रहने की उम्मीद है। 2024 में भारतीय बाजार 1.32 अरब डॉलर का था, जो 2034 तक 4.54 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है करीब 13 प्रतिशत सालाना वृद्धि। बढ़ते बांझपन के मामले, शादी में देरी, महिलाओं की बढ़ती उम्र में मातृत्व की योजना और छोटे शहरों में बढ़ती जागरूकता इस मांग को आगे बढ़ा रहे हैं।
एक्सपर्ट की राय
ब्रोकरेज फर्म Arihant Capital के अनुसार कंपनी तेजी से बढ़ते IVF बाजार से लाभ उठाने की अच्छी स्थिति में है। फर्म ने कंपनी के ट्रीटमेंट मॉडल, सफलता दर और मल्टी-सर्विस स्ट्रक्चर को इसकी प्रमुख ताकत बताया है। उनका मानना है कि मजबूत मेडिकल ब्रांडिंग और विस्तार की क्षमता के कारण कंपनी भविष्य में स्थिर ग्रोथ दर्ज कर सकती है। ब्रोकरेज ने इस इश्यू को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। अन्य बाजार विशेषज्ञों का भी मानना है कि यह IPO लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर दे सकता है, हालांकि निवेश से पहले जोखिम का आकलन जरूरी है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम का संकेत
अनौपचारिक बाजार में कंपनी के शेयर ₹87.5 के आसपास ट्रेड कर रहे हैं, जो अपर प्राइस बैंड ₹79 के मुकाबले लगभग 11 प्रतिशत का ग्रे मार्केट प्रीमियम दर्शाता है। हालांकि GMP केवल संकेत होता है और लिस्टिंग के समय वास्तविक प्रदर्शन बाजार की स्थितियों और निवेशकों की मांग पर निर्भर करता है। इसलिए केवल GMP के आधार पर निवेश निर्णय लेना उचित नहीं है।









