देश में आज सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और डॉलर में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं, जिसका असर घरेलू बाजार पर पड़ा है। कीमतों में कल के मुकाबले करीब 0.14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बिजनेस न्यूज़: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच सोना एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बनता दिखाई दे रहा है। बुधवार को भारत में सोने की कीमतों में मामूली लेकिन महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) के रूप में सोने की मांग बढ़ने से इसकी कीमतों को समर्थन मिल रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक अनिश्चितता, वैश्विक मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की सतर्कता ने कीमती धातुओं की मांग को प्रभावित किया है। ऐसे माहौल में सोना अपनी पारंपरिक भूमिका निभाते हुए निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।
सोने की कीमतों में लगातार मजबूती
देश के अधिकांश प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गई है। वहीं 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतों में मजबूती और निवेशकों की बढ़ती खरीदारी घरेलू बाजार को भी प्रभावित कर रही है। केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने के भंडार बढ़ाने और वैश्विक आर्थिक जोखिमों ने भी सोने को समर्थन प्रदान किया है।
ज्वेलरी उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों और विवाह सीजन से पहले कीमतों में बढ़ोतरी उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन निवेश के दृष्टिकोण से सोना अभी भी आकर्षक माना जा रहा है।
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शहर |
24 कैरेट सोने की कीमत |
22 कैरेट सोने की कीमत |
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दिल्ली |
1,56,360 रुपये |
1,43,340 रुपये |
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मुंबई |
1,50,890 रुपये |
1,43,700 रुपये |
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बेंगलुरु |
1,51,520 रुपये |
1,44,300 रुपये |
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कोलकाता |
1,56,210 रुपये |
1,43,190 रुपये |
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1,56,360 रुपये |
1,43,340 रुपये |
देश के विभिन्न महानगरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उत्तर भारत के कई शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमतें अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जबकि पश्चिम और दक्षिण भारत के कुछ शहरों में कीमतों में मामूली अंतर है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, स्थानीय करों, परिवहन लागत और मांग-आपूर्ति की स्थिति के कारण शहर-दर-शहर कीमतों में अंतर दिखाई देता है।

चांदी की कीमतों में हल्की नरमी
जहां सोना मजबूती दिखा रहा है, वहीं चांदी की कीमतों में बुधवार को हल्की गिरावट दर्ज की गई। प्रति किलोग्राम चांदी की कीमत में मामूली कमी आई है, हालांकि यह अभी भी ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तरों के करीब बनी हुई है। चांदी का उपयोग केवल निवेश तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा, चिकित्सा उपकरणों और औद्योगिक उत्पादन में इसकी व्यापक मांग बनी हुई है। इसी वजह से कीमतों में दीर्घकालिक मजबूती देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक मांग और निवेश मांग के संयुक्त प्रभाव के कारण चांदी भविष्य में भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण धातु बनी रह सकती है।चांदी बाजार से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर यह भी है कि भारत सरकार और विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने चांदी के कुछ आयातों पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है।












