गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। जिस फॉर्च्यूनर कार से MBBS छात्र और एक डॉक्टर के भाई को टक्कर मारकर मौत के घाट उतार दिया गया, उस गाड़ी पर पहले से ही 35 चालान दर्ज थे।
जानकारी के अनुसार इन चालानों में 19 चालान ओवरस्पीडिंग के थे। इसके बावजूद वाहन चालक लगातार तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाता रहा। इस लापरवाही का नतीजा एक गंभीर हादसे के रूप में सामने आया।
बताया जा रहा है कि आरोपी खुद को इलाके में प्रभावशाली बताता था और अक्सर अपनी फॉर्च्यूनर कार से तेज रफ्तार में घूमता था। स्थानीय लोगों के मुताबिक उसकी गाड़ी की तेज रफ्तार को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आ चुकी थीं।
हादसे वाले दिन भी फॉर्च्यूनर तेज गति से सड़क पर दौड़ रही थी। इसी दौरान कार ने MBBS छात्र और एक डॉक्टर के भाई को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया।
हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि कार पर पहले से ही बड़ी संख्या में ट्रैफिक चालान दर्ज थे। इसके बावजूद चालक के खिलाफ समय पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई।
इस खुलासे के बाद ट्रैफिक व्यवस्था और कानून के पालन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पहले ही सख्त कार्रवाई की जाती तो शायद इस तरह का हादसा टाला जा सकता था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच भी की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में पहले से ही कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।











