गोरखपुर की वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण का काम पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवंबर के पहले सप्ताह में इसका उद्घाटन करेंगे और पहला शो देखेंगे। महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क का निर्माण भी पूरा हो चुका है।
गोरखपुर: महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क और वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के पुनरुद्धार का काम पूरा होने के बाद उद्घाटन की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवंबर के पहले सप्ताह में नक्षत्रशाला का उद्घाटन करेंगे और इस मौके पर पहला शो भी देखेंगे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने परियोजनाओं का निरीक्षण कर शेष कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
नवंबर के पहले सप्ताह में होगा उद्घाटन
गोरखपुर में महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क और वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के पुनरुद्धार का काम पूरा होने के बाद अब इनके उद्घाटन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवंबर के पहले सप्ताह में वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के अवसर पर वह नक्षत्रशाला का पहला शो भी देखेंगे।
इससे पहले गुरुवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने दोनों परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) और निर्माण में लगी तीनों फर्मों के प्रतिनिधियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि काम की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पंधारी यादव और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के निदेशक-सचिव रमेश चंद्र भी मौजूद रहे।
₹18.60 करोड़ से तैयार हो रहा ज्ञान-विज्ञान पार्क
महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क के निर्माण पर ₹18.60 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पार्क के विभिन्न हिस्सों में चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
पार्क में एन्सिएंट इंडियन साइंस गैलरी, इनोवेशन लैब, फन साइंस और स्पेस साइंस गैलरी तैयार की जा रही हैं। इसके अलावा आउटडोर साइंस मॉडल, एंट्रेंस प्लाजा, कैफेटेरिया, पाथवे, ओपन एयर थिएटर, बस पार्किंग और डायनोटोरियम के मॉडल स्थापना कार्य का भी निरीक्षण किया गया।
मंत्री ने एस्ट्रोनॉमी एंड इंडियन स्पेस प्रोग्राम गैलरी और एल्युमिनियम डोम की स्थापना की प्रगति भी देखी। पार्क में इंटरैक्टिव साइंस मॉडल और आधुनिक वैज्ञानिक प्रदर्शनियों के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया है।
₹46.88 करोड़ से आधुनिक हुई नक्षत्रशाला
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण पर ₹46.88 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। निरीक्षण के बाद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने GDA और निर्माण में लगी मेसर्स चंद्र इवेंट्स एंड प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स खुशी इंटरप्राइजेज तथा मेसर्स इंफोविजन टेक्नोलाजीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
बैठक में शेष कार्यों की समीक्षा की गई और सभी काम निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। आधुनिकीकृत नक्षत्रशाला में खगोल और अंतरिक्ष विज्ञान को नई तकनीक के माध्यम से सरल और रोचक तरीके से समझाने की व्यवस्था की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, मुख्य अभियंता किशन सिंह, सहायक अभियंता राजबहादुर सिंह, नक्षत्रशाला के वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।










