पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे। वे गुरुद्वारा साहिब को लेकर दिए गए अपने हालिया बयान पर सिख धर्म की सर्वोच्च धार्मिक संस्था के जत्थेदार को अपना स्पष्टीकरण देंगे। यह पेशी सिख समुदाय और पंजाब की राजनीति दोनों ही दृष्टि से अहम मानी जा रही है।
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान वीरवार शाम को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे। इस दौरान वे श्री अकाल तख्त के जत्थेदार को अपने गुरुद्वारा साहिब को लेकर दिए गए बयान पर अपना पक्ष रखेंगे। 5 जनवरी को श्री अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज की ओर से जारी आदेश के बाद, मुख्यमंत्री ने उसी दिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि वे 15 जनवरी को मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक विनम्र सिख के रूप में नंगे पांव अकाल तख्त में उपस्थित होंगे।
शाम साढ़े चार बजे होगी पेशी
प्रारंभिक सूचना के अनुसार मुख्यमंत्री को 15 जनवरी को सुबह 10 बजे पेश होना था, लेकिन मंगलवार को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय की ओर से समय में बदलाव किया गया। अब भगवंत मान आज शाम साढ़े चार बजे श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि वे पूरे दिन अकाल तख्त साहिब परिसर में मौजूद रहेंगे और जत्थेदार के निर्देशों का सम्मानपूर्वक पालन करेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पूरे घटनाक्रम को पारदर्शी बनाए रखने की अपील भी की है। उन्होंने जत्थेदार से अनुरोध किया है कि उनकी पूछताछ और बातचीत को लाइव प्रसारित किया जाए, ताकि सिख संगत और आम लोग यह जान सकें कि पूरी प्रक्रिया कैसे संपन्न हो रही है। उनका कहना है कि इससे किसी भी प्रकार की गलतफहमी या अफवाह को रोका जा सकेगा।
सीएम मान ने यह भी दोहराया कि वे सिख मर्यादाओं और परंपराओं में पूरी आस्था रखते हैं और श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णय को सर्वोपरि मानते हैं। उन्होंने कहा कि सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था के समक्ष उपस्थित होना उनके लिए सम्मान की बात है, न कि कोई औपचारिकता।

क्या है पूरा विवाद
मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा हाल ही में गुरुद्वारा साहिब को लेकर दिए गए एक बयान को लेकर सिख संगठनों और धार्मिक हलकों में आपत्ति जताई गई थी। इसी के बाद यह मामला श्री अकाल तख्त साहिब तक पहुंचा और जत्थेदार ने मुख्यमंत्री को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने पहले ही यह संकेत दे दिया था कि उनके बयान का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना नहीं था।
यह घटनाक्रम केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भगवंत मान पंजाब के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो आम आदमी पार्टी से आते हैं और सिख समुदाय में उनकी छवि एक आम सिख नेता के रूप में रही है। ऐसे में श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उनकी पेशी को पारदर्शिता और जवाबदेही के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।












