Haldwani में पिता-बेटी की करंट से मौत, स्थानीय लोगों ने ऊर्जा निगम की लापरवाही पर उठाए सवाल

Haldwani के बनभूलपुरा में AC ठीक करते समय पिता-बेटी की करंट से मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बिजली पोल में करंट की शिकायत का दावा किया, निगम ने नकारा।

हल्द्वानी के बनभूलपुरा में सोमवार रात एसी की आउटडोर यूनिट ठीक करते समय पिता-बेटी की करंट लगने से मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने पोल में पहले से करंट की शिकायत का दावा किया, जबकि ऊर्जा निगम ने इससे इनकार किया है।

हल्द्वानी: बनभूलपुरा में सोमवार रात एसी की आउटडोर यूनिट ठीक करते समय नदीम सलमानी और उनकी बेटी अलिज्बा की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घर के बाहर बिजली के पोल में सुबह से करंट दौड़ रहा था और इसकी शिकायत ऊर्जा निगम से की गई थी। निगम ने हालांकि पोल में करंट होने के दावे से इनकार किया है।

एसी की आउटडोर यूनिट ठीक करते समय हुआ हादसा

हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में सोमवार रात करंट लगने से पिता-बेटी की मौत हो गई। बताया गया कि नदीम सलमानी अपने घर की एसी आउटडोर यूनिट ठीक कर रहे थे। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए।

उन्हें बचाने के प्रयास में उनकी बेटी अलिज्बा भी करंट की चपेट में आ गईं। हादसे में दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक के साथ ऊर्जा निगम के खिलाफ लोगों में नाराजगी देखने को मिली।

स्थानीय लोगों का दावा है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां सुबह से ही बिजली के पोल में करंट दौड़ रहा था। लोगों के अनुसार, दिन में एक गाय भी पोल की चपेट में आ गई थी। आसपास मौजूद लोगों ने डंडे की मदद से उसे वहां से हटाया।

हादसे से पहले पोल में करंट की शिकायत का दावा

स्थानीय लोगों के मुताबिक, गाय के बाद एक बुजुर्ग को भी पोल से करंट का झटका महसूस हुआ था। इसके अलावा नदीम के घर में किराये पर दुकान चलाने वाले अजीम को भी शाम के समय पोल से करंट लगने का दावा किया गया है। हालांकि वह सुरक्षित बच गए।

लोगों का कहना है कि पोल में करंट आने की जानकारी ऊर्जा निगम को दोपहर में ही दे दी गई थी। उनके मुताबिक, एक कर्मचारी मौके पर पहुंचा, लेकिन फॉल्ट का पता नहीं चल सका। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते बिजली की समस्या दूर नहीं की गई और रात में पिता-बेटी की जान चली गई।

झूलते तार और ट्रांसफार्मर में चिंगारी को लेकर भी शिकायत

बनभूलपुरा के लोगों ने क्षेत्र में बिजली के तारों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि कई जगह तार झूल रहे हैं और बरसात के दौरान इससे करंट का खतरा बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, लाइन नंबर 12 के ट्रांसफार्मर में भी अक्सर चिंगारी निकलती है। मंगलवार को भी ट्रांसफार्मर में चिंगारी दिखाई देने का दावा किया गया। लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले भी शिकायतें की गई हैं।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों ने आरोप लगाया कि यदि बिजली की शिकायत पर समय रहते कार्रवाई होती तो हादसे को टाला जा सकता था। उन्होंने बिजली के पोल और तारों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग की है।

ऊर्जा निगम ने पोल में करंट होने से किया इनकार

हादसे को लेकर ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार ने अलग जानकारी दी है। उनका दावा है कि नदीम एसी की आउटडोर यूनिट में मौजूद करंट की चपेट में आए थे और उन्हें बचाने की कोशिश में उनकी बेटी भी करंट की चपेट में आईं।

प्रदीप कुमार के अनुसार, बिजली का पोल घर से करीब दो फीट की दूरी पर था और उसमें LT AB केबल लगी हुई है। उनका कहना है कि घटना के समय पोल में करंट नहीं था। कर्मचारियों ने आसपास के दूसरे पोल की भी जांच की थी और उनमें भी करंट नहीं पाया गया।

इस तरह हादसे के कारण को लेकर स्थानीय लोगों और ऊर्जा निगम के दावों में अंतर सामने आया है। फिलहाल घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावों की जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

Leave a comment