हमीरपुर में खराब सड़क से परेशान छात्रों और ग्रामीणों ने तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बच्चों ने कहा कि बारिश में सड़क दलदल बन जाने से स्कूल जाना मुश्किल होता है। अधिकारियों ने सड़क निर्माण का भरोसा दिया।
हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में खराब सड़क के खिलाफ छात्रों और ग्रामीणों ने तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। बच्चों ने अधिकारियों को बताया कि बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और दलदल होने से स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्राएं भावुक भी हो गईं। अधिकारियों ने समस्या के समाधान और सड़क निर्माण का आश्वासन दिया।
खराब सड़क के खिलाफ बच्चों ने उठाई आवाज
हमीरपुर के कुरारा विकासखंड के चंदूपुर गांव और आसपास के डेरों के ग्रामीण अपने बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। बच्चों के हाथों में तिरंगा था और वे गांव की बदहाल सड़क को पक्का कराने की मांग कर रहे थे।

प्रदर्शन में गंगवा का डेरा, भिखुआ डेरा, ब्रह्मा का डेरा, बचुआ का डेरा, बच्ची का डेरा, चुनकू का डेरा और बनवासी का डेरा समेत कई इलाकों के लोग शामिल हुए। कक्षा एक से 12वीं तक पढ़ने वाले बच्चे भी अपने अभिभावकों के साथ प्रदर्शन में पहुंचे।
बारिश में दलदल बन जाती है सड़क
ग्रामीणों के अनुसार गांव और डेरों में स्कूल नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में बच्चों को पढ़ाई के लिए हमीरपुर जाना पड़ता है। करीब एक हजार बच्चे रोजाना जिला मुख्यालय की ओर स्कूल के लिए जाते हैं।
बारिश के मौसम में सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से रास्ता दलदल में बदल जाता है। बच्चों को इसी रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार कपड़े कीचड़ से खराब हो जाते हैं और कुछ बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात के दौरान यही समस्या दोहराती है। शिकायतों के बावजूद सड़क की स्थिति में स्थायी सुधार नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
बच्चों ने कहा- हम भी पढ़कर कुछ बनना चाहते हैं
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्राएं अधिकारियों के सामने भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि वे भी पढ़-लिखकर आगे बढ़ना चाहती हैं, लेकिन खराब सड़क उनकी पढ़ाई के रास्ते में बाधा बन रही है।
छात्राओं ने अधिकारियों से कहा कि बरसात में स्कूल जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। कीचड़ में कपड़े खराब होने के कारण स्कूल पहुंचने के बाद भी परेशानी होती है। ऐसे में नियमित पढ़ाई करना कठिन हो जाता है।
छात्रा कंचन ने बताया कि गांव की सड़क लंबे समय से खराब है और इसके कारण स्कूल आने-जाने में दिक्कत होती है। वहीं रजनी ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, इसलिए ग्रामीणों और बच्चों को प्रदर्शन करना पड़ा।
अधिकारियों ने सड़क निर्माण का दिया भरोसा
प्रदर्शन के दौरान एसडीएम सदर अभिषेक कुमार और सीओ यशपाल सिंह ने बच्चों और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने उनकी समस्या सुनी और सड़क निर्माण को लेकर समाधान का भरोसा दिया।
एसडीएम ने बच्चों को आश्वस्त किया कि खराब सड़क उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद बच्चों और ग्रामीणों ने अपनी मांग को लेकर उम्मीद जताई।
बच्चों का कहना है कि उन्हें किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं है। वे केवल इतना चाहते हैं कि उनके गांव से स्कूल तक जाने के लिए ऐसा रास्ता हो, जिससे बारिश के दिनों में भी उनकी पढ़ाई बाधित न हो।










