हरिद्वार में दिनदहाड़े 11 माह की बच्ची के अपहरण की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि बच्ची अपने परिजनों के साथ थी, तभी मौका पाकर एक युवक उसे गोद में उठाकर वहां से फरार हो गया। मासूम के अचानक गायब होने के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई तो बच्ची की तलाश शुरू कर दी गई। मामला पुलिस तक पहुंचते ही टीम ने सक्रियता दिखाई और संभावित रास्तों तथा आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की। पुलिस की कार्रवाई के कुछ ही घंटों के भीतर बच्ची को बरामद कर लिया गया और आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना दिन के समय होने के कारण आसपास मौजूद लोगों में भी दहशत फैल गई। परिवार के लिए सबसे मुश्किल स्थिति उस समय बनी, जब उन्हें कुछ देर तक यह पता ही नहीं चला कि बच्ची आखिर कहां चली गई। 11 माह की बच्ची खुद चलने-फिरने की स्थिति में नहीं होती, ऐसे में उसके अचानक गायब होने से परिजनों को अपहरण की आशंका हुई। पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई और आरोपी की तलाश शुरू की गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी ने मौका देखकर बच्ची को गोद में उठाया और वहां से निकल गया। परिवार के मुताबिक घटना इतनी तेजी से हुई कि कुछ समय तक किसी को इसकी भनक नहीं लगी। बच्ची के गायब होने का पता चलते ही परिजनों ने आसपास तलाश की और लोगों से पूछताछ की। जब बच्ची नहीं मिली तो पुलिस को सूचना दी गई। मामला छोटे बच्चे के अपहरण से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
पुलिस टीम ने बच्ची की तलाश के लिए आसपास के संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाई। घटना के संबंध में स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई और आरोपी के बारे में सुराग जुटाने का प्रयास किया गया। कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। इसके बाद बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्ची के मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी की गतिविधियों और घटना के पीछे की वजह को लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरुआती तौर पर आरोपी के नशे की हालत में होने की बात सामने आई है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच और मेडिकल प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्ची को उठाने के पीछे उसका मकसद क्या था और क्या उसने पहले से इस घटना की योजना बनाई थी या घटना अचानक हुई।
बच्ची के सकुशल बरामद होने के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी बच्ची को लेकर कहां गया था, कितनी देर तक वह उसके साथ रहा और पुलिस के पहुंचने से पहले किन-किन स्थानों से होकर गुजरा। इस तरह के मामलों में शुरुआती घंटों में कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करना पुलिस की प्राथमिकता होती है।
हरिद्वार में इससे पहले भी बच्चों के चोरी या अपहरण से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। जून 2026 में हरकी पैड़ी से चार माह की बच्ची चोरी होने और उसके सकुशल बरामद होने से जुड़ी खबर भी सामने आई थी। ऐसे मामलों के कारण धार्मिक और पर्यटन नगरी हरिद्वार में छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है। हरकी पैड़ी और आसपास के भीड़भाड़ वाले इलाकों में देशभर से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, जिसके कारण पुलिस के सामने भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की चुनौती रहती है।
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। दिनदहाड़े किसी मासूम को परिवार की नजरों से बचाकर उठाकर ले जाना गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। हालांकि पुलिस ने आरोपी को कुछ घंटों में गिरफ्तार कर बच्ची को बरामद कर लिया, लेकिन घटना यह सवाल भी छोड़ती है कि सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर छोटे बच्चों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह और मजबूत किया जा सकता है।
परिजनों के लिए सबसे बड़ी राहत यह रही कि बच्ची सुरक्षित मिल गई। घटना के बाद परिवार काफी परेशान और सदमे में बताया जा रहा है। पुलिस बच्ची की स्थिति पर भी नजर रख रही है और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी बच्ची को कहां ले जाने की कोशिश कर रहा था और उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। यदि जांच में किसी और व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर घटना की पूरी वजह और उसके इरादे का पता लगाने में जुटी है।
बच्चों से जुड़े अपराधों में पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती समय रहते सुराग जुटाना होती है। ऐसे मामलों में परिवार की ओर से दी गई शुरुआती जानकारी, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और आसपास उपलब्ध निगरानी संबंधी जानकारी जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हरिद्वार की इस घटना में भी पुलिस ने कुछ घंटों के भीतर कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया और मासूम को बरामद कर लिया, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ घटना के हर पहलू की पड़ताल कर रही है। बच्ची को किस उद्देश्य से उठाया गया था, आरोपी उसे कहां ले जाना चाहता था और घटना के पीछे कोई अन्य वजह या व्यक्ति था या नहीं, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। पुलिस की ओर से मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।










