इंग्लैंड के सबसे महान खिलाड़ी बनने की दौड़ में हैरी केन, शिल्टन के रिकॉर्ड की बराबरी से एक कदम दूर

हैरी केन चेक गणराज्य के खिलाफ 125वीं कैप हासिल कर सकते हैं। 89 गोल के साथ इंग्लैंड के रिकॉर्ड गोलस्कोरर केन अब देश के महानतम खिलाड़ियों की सूची में हैं।

हैरी केन चेक गणराज्य के खिलाफ खेलते ही इंग्लैंड के लिए 125 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे कर पीटर शिल्टन के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। 89 गोल के साथ वह पहले ही इंग्लैंड के सर्वाधिक गोलस्कोरर हैं और महानतम खिलाड़ी बनने की बहस में हैं।

फुटबॉल:  इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने के करीब हैं। चेक गणराज्य के खिलाफ यूईएफए नेशंस लीग मुकाबले में मैदान पर उतरते ही केन इंग्लैंड के लिए 125 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे और पूर्व गोलकीपर पीटर शिल्टन के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे।

33 वर्षीय केन पहले ही इंग्लैंड के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 124 मैचों में 89 गोल किए हैं। अब उनके सामने केवल कैप्स का रिकॉर्ड बराबर करने की उपलब्धि नहीं है, बल्कि इंग्लैंड के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों की सूची में अपनी जगह को लेकर भी एक बड़ी बहस खड़ी हो गई है।

125 कैप के रिकॉर्ड की बराबरी करेंगे केन

केन ने मार्च 2015 में लिथुआनिया के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने डेब्यू मैच में मैदान पर उतरने के केवल 79 सेकंड बाद गोल कर अपने सफर की शानदार शुरुआत की थी। उसके बाद से वह इंग्लैंड की टीम का लगातार अहम हिस्सा रहे हैं। करीब एक दशक लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने खुद को टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में स्थापित किया है।

यदि चेक गणराज्य के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका मिलता है, तो वह 125 कैप के आंकड़े तक पहुंच जाएंगे। यह उपलब्धि उन्हें पीटर शिल्टन के साथ इंग्लैंड के सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ियों में ला देगी।

गोल के मामले में केन सबसे आगे

कैप्स के अलावा केन का सबसे बड़ा रिकॉर्ड उनका गोल स्कोरिंग रिकॉर्ड है। इंग्लैंड के लिए उनके नाम 89 गोल हैं, जो पुरुष टीम के इतिहास में सबसे ज्यादा हैं। दूसरे स्थान पर वेन रूनी हैं, जिन्होंने 120 मैचों में 53 गोल किए थे। यानी केन रूनी से 36 गोल आगे हैं।

यह अंतर बताता है कि आधुनिक इंग्लैंड फुटबॉल में केन ने गोल करने के मामले में कितनी बड़ी बढ़त बनाई है। उनकी निरंतरता और लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय टीम के इतिहास में एक अलग स्थान दिलाया है।

बड़े टूर्नामेंट में भी केन का दबदबा

केन सिर्फ कुल गोल के मामले में ही इंग्लैंड के नंबर एक खिलाड़ी नहीं हैं। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी उनका रिकॉर्ड शानदार है। उन्होंने छह बड़े टूर्नामेंटों में इंग्लैंड के लिए 36 मैचों में 21 गोल किए हैं। इस मामले में वह गैरी लाइनकर से काफी आगे हैं, जिन्होंने प्रमुख टूर्नामेंटों में 18 मैचों में 10 गोल किए थे।

केन की यह उपलब्धि बताती है कि वह केवल सामान्य अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में ही प्रभावी नहीं रहे, बल्कि बड़े मंच पर भी लगातार गोल करते आए हैं।

क्या केन इंग्लैंड के महानतम खिलाड़ी हैं?

यहीं से बहस दिलचस्प हो जाती है। इंग्लैंड के महानतम खिलाड़ियों की चर्चा में केवल आंकड़े पर्याप्त नहीं होते। टीम को मिली ट्रॉफियां, ऐतिहासिक क्षणों में भूमिका, नेतृत्व और खिलाड़ी का अपने दौर पर प्रभाव भी महत्वपूर्ण माना जाता है। केन के पास व्यक्तिगत रिकॉर्ड की लंबी सूची है। लेकिन उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में सबसे बड़ा खालीपन विश्व कप या यूरोपीय चैंपियनशिप जैसी बड़ी ट्रॉफी का है।

इंग्लैंड ने पुरुष विश्व कप का खिताब केवल एक बार, 1966 में जीता था। उस टीम के कप्तान बॉबी मूर थे। इसलिए केन की तुलना मूर और उस स्वर्णिम पीढ़ी के खिलाड़ियों से करते समय ट्रॉफी का सवाल स्वाभाविक रूप से सामने आता है।

बॉबी मूर से तुलना क्यों होती है?

इंग्लैंड के महानतम खिलाड़ियों की सूची में बॉबी मूर का नाम हमेशा सबसे ऊपर रहता है। वह इंग्लैंड के इतिहास के एकमात्र ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने टीम को विश्व कप जिताया। 1966 के फाइनल में इंग्लैंड ने वेस्ट जर्मनी को 4-2 से हराया था और मूर ने वेम्बली में ट्रॉफी उठाई थी। उस समय उनकी उम्र केवल 25 वर्ष थी।

मूर ने इंग्लैंड के लिए 1962 से 1973 के बीच 108 मैच खेले। क्लब स्तर पर भी उन्होंने वेस्ट हैम यूनाइटेड के साथ FA Cup और European Cup Winners' Cup जीता। केन आंकड़ों में मूर से काफी आगे निकल चुके हैं, लेकिन विश्व कप जीत का ऐतिहासिक महत्व ऐसा है जिसकी बराबरी केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड से नहीं की जा सकती।[

सर बॉबी चार्लटन की विरासत

दूसरा बड़ा नाम सर बॉबी चार्लटन का है। म्यूनिख एयर डिजास्टर से बचने के बाद चार्लटन ने इंग्लैंड और मैनचेस्टर यूनाइटेड दोनों के लिए महान करियर बनाया। उन्होंने 1966 में इंग्लैंड के साथ विश्व कप जीता। दो साल बाद उन्होंने मैनचेस्टर यूनाइटेड को यूरोपीय कप जिताने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फाइनल में उन्होंने बेनफिका के खिलाफ दो गोल किए थे।

चार्लटन ने इंग्लैंड के लिए 106 मैचों में 49 गोल किए और आज भी राष्ट्रीय टीम के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं।

रूनी, बेकहम और गैसकोइन भी चर्चा में

इंग्लैंड के महान खिलाड़ियों की चर्चा केवल मूर और चार्लटन तक सीमित नहीं है। गैरी लाइनकर, वेन रूनी, डेविड बेकहम और पॉल गैसकोइन जैसे खिलाड़ियों ने भी राष्ट्रीय टीम पर अपनी अलग छाप छोड़ी है। पूर्व इंग्लैंड मिडफील्डर डैनी मर्फी के अनुसार, मूर और चार्लटन अपनी ऐतिहासिक उपलब्धियों और प्रशंसकों की यादों के कारण हमेशा इस बहस का हिस्सा रहेंगे।

मर्फी ने गैसकोइन को भी अपने बचपन का बड़ा नायक बताया। वहीं रूनी को उन्होंने इंग्लैंड के सबसे पूर्ण और प्रतिभाशाली फुटबॉलरों में से एक माना। लेकिन केन के आंकड़ों और लंबे करियर को नजरअंदाज करना भी मुश्किल है।

‘इंग्लैंड का महानतम गोलस्कोरर’ होने पर कोई बहस नहीं

मर्फी के अनुसार, एक बात पर कोई विवाद नहीं हो सकता कि हैरी केन इंग्लैंड के महानतम गोलस्कोरर हैं। 89 गोल का आंकड़ा और इतने लंबे समय तक लगातार प्रदर्शन उनकी क्षमता और पेशेवर रवैये को दर्शाता है। उन्होंने लंबे समय तक अपनी फिटनेस और प्रदर्शन का स्तर बनाए रखा है।

केन की तकनीकी क्षमता, फिनिशिंग और खेल को समझने की क्षमता ने उन्हें केवल एक स्ट्राइकर नहीं बल्कि इंग्लैंड के आधुनिक दौर के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल किया है।

ट्रॉफी की कमी बनी सबसे बड़ी चुनौती

केन के करियर में सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि व्यक्तिगत उपलब्धियों के बावजूद क्या वह इंग्लैंड को कोई बड़ी ट्रॉफी दिला पाए। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि किसी टीम की ट्रॉफी के लिए अकेले कप्तान या स्ट्राइकर को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। फुटबॉल एक टीम गेम है और विश्व कप या यूरो जीतने के लिए पूरी टीम का प्रदर्शन जरूरी होता है।

फिर भी महानतम खिलाड़ियों की तुलना में टीम की सफलता हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही वह क्षेत्र है जहां केन की विरासत मूर और चार्लटन जैसे खिलाड़ियों से अलग दिखाई देती है।

अब केन की विरासत पर फैसला इतिहास करेगा

हैरी केन ने गोल, कैप्स, निरंतरता और बड़े टूर्नामेंटों के प्रदर्शन के मामले में इंग्लैंड के कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है। चेक गणराज्य के खिलाफ संभावित 125वीं कैप उनकी उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ देगी।

क्या वह इंग्लैंड के इतिहास के महानतम खिलाड़ी हैं? इसका जवाब आंकड़ों से पूरी तरह तय नहीं होगा। मूर के पास विश्व कप है, चार्लटन के पास विश्व कप और यूरोपीय कप की विरासत है, जबकि रूनी और गैसकोइन जैसे खिलाड़ियों की अपनी अलग पहचान है।

लेकिन एक बात लगभग निर्विवाद है—इंग्लैंड के सर्वश्रेष्ठ गोलस्कोरर के रूप में केन ने अपनी जगह पक्की कर ली है। अब उनके सामने चुनौती यह है कि उनके शानदार व्यक्तिगत रिकॉर्ड को कोई बड़ी अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी भी मिले या नहीं।

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