Adani Power Bhutan Deal: अदाणी पावर का भूटान में 770 MW हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए बड़ा करार

Adani Power और भूटान की सरकारी कंपनी Druk Green Power ने 770 MW Chamkharchhu-I Hydropower Project के लिए समझौता किया है। प्रोजेक्ट में अदाणी पावर की 49%

अदाणी समूह की कंपनी अदाणी पावर ने भूटान की सरकारी बिजली कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन (DGPC) के साथ 770 मेगावाट के चमखारछू-I जलविद्युत प्रोजेक्ट को लेकर अहम समझौता किया है।

बिजनेस न्यूज़: भारत के प्रमुख कारोबारी समूह अदाणी ग्रुप ने देश के बाहर अपने ऊर्जा कारोबार को आगे बढ़ाते हुए भूटान में एक बड़ा कदम उठाया है। समूह की बिजली कंपनी अदाणी पावर ने भूटान की सरकारी बिजली कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन (DGPC) के साथ 770 मेगावाट क्षमता वाले चमखारछू-I हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के विकास के लिए समझौता किया है। इस परियोजना को दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय स्वच्छ ऊर्जा विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह समझौता भूटान की राजधानी थिम्फू में हुआ। कार्यक्रम में भूटान के प्रधानमंत्री ल्योंछेन दाशो शेरिंग तोबगे, सरकार के वरिष्ठ मंत्री और दोनों कंपनियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। इस करार के जरिए अदाणी पावर भूटान के जलविद्युत क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

770 MW की परियोजना में कैसी होगी हिस्सेदारी?

चमखारछू-I परियोजना को साझेदारी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। समझौते के मुताबिक, परियोजना में 49 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी अदाणी पावर के पास होगी, जबकि 51 फीसदी हिस्सेदारी DGPC के पास रहेगी। प्रोजेक्ट को BOOT यानी Build, Own, Operate and Transfer मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा। 

इसके तहत परियोजना का वाणिज्यिक संचालन शुरू होने की तारीख से 30 साल का कंसेशन पीरियड निर्धारित किया गया है। इस अवधि के दौरान परियोजना का संचालन और उससे जुड़ी व्यवस्थाएं समझौते के तहत संचालित की जाएंगी।

भूटान के झेमगांग जिले में बनेगा प्लांट

770 मेगावाट का यह हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट मध्य भूटान के झेमगांग जिले में चमखारछू नदी पर विकसित किया जाएगा। जलविद्युत परियोजना के लिए नदी के प्राकृतिक जल प्रवाह का इस्तेमाल कर बिजली उत्पादन किया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू करने की योजना 2027 की पहली छमाही में है। परियोजना का लक्ष्य शिलान्यास के बाद करीब छह वर्षों के भीतर निर्माण पूरा करना है। इसके पूरा होने के बाद यह भूटान की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने में अहम योगदान दे सकता है।

सर्दियों में भूटान को मिलेगी बिजली, गर्मियों में भारत को निर्यात

इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक इसका मौसमी बिजली आपूर्ति मॉडल है। योजना के अनुसार, सर्दियों में जब भूटान में बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर बढ़ सकता है, तब परियोजना से पैदा होने वाली बिजली घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। वहीं, गर्मियों के दौरान बिजली उत्पादन अधिक होने की स्थिति में अतिरिक्त ग्रीन एनर्जी को भारत निर्यात किया जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच बिजली व्यापार को बढ़ावा मिलने के साथ स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग मजबूत हो सकता है।

5,000 MW हाइड्रोपावर योजना का हिस्सा

चमखारछू-I परियोजना को अदाणी समूह और भूटान के बीच व्यापक जलविद्युत सहयोग के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। मई 2025 में दोनों पक्षों के बीच भूटान में कुल 5,000 मेगावाट जलविद्युत क्षमता विकसित करने को लेकर एक बड़ा समझौता हुआ था। इसके बाद सितंबर 2025 में अदाणी समूह और DGPC ने 570 मेगावाट वांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के लिए भी समझौता किया था। ऐसे में 770 मेगावाट की नई परियोजना दोनों कंपनियों के बीच ऊर्जा साझेदारी को और विस्तार देती है।

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