उद्योगपति हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया पोस्ट में AI और ह्यूमनॉइड रोबोट के बढ़ते इस्तेमाल पर भविष्य की तस्वीर साझा की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मशीनें ज्यादातर काम करने लगेंगी, तब इंसानों के पास क्या काम बचेगा।
Tech: उद्योगपति हर्ष गोयनका ने AI और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव को लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट में भविष्य की संभावित स्थिति पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि ह्यूमनॉइड रोबोट फिजिकल काम और AGI नॉलेज-बेस्ड काम संभाल सकते हैं, जबकि AI एजेंट बिजनेस और ऐप्स तैयार करने में सक्षम होंगे। ऐसे में इंसानों के सामने समय और काम के नए इस्तेमाल की चुनौती होगी।
हर्ष गोयनका ने AI और ऑटोमेशन के भविष्य पर उठाया सवाल
उद्योगपति हर्ष गोयनका ने AI और तेजी से बढ़ती ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी को लेकर सोशल मीडिया पर भविष्य की एक संभावित तस्वीर सामने रखी है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि दुनिया ऐसे दौर की ओर बढ़ रही है, जहां टेक्नोलॉजी इंसानों के कई फिजिकल और नॉलेज-बेस्ड काम संभाल सकती है।

गोयनका के मुताबिक, ह्यूमनॉइड रोबोट फिजिकल वर्क की जगह ले सकते हैं, जबकि AGI यानी Artificial General Intelligence नॉलेज-बेस्ड टास्क को संभालने में सक्षम हो सकता है। AI एजेंट्स बिजनेस से जुड़े काम कर सकते हैं और LLM आधारित सिस्टम ऐप्स तैयार कर सकते हैं। उन्होंने इस बदलाव की रफ्तार को देखते हुए सवाल किया कि जब मशीनें ज्यादातर काम कर देंगी, तब इंसान अपना समय किस तरह इस्तेमाल करेंगे।
चीन में बढ़ रहा ह्यूमनॉइड रोबोट का इस्तेमाल
ह्यूमनॉइड रोबोट के बढ़ते इस्तेमाल का उदाहरण चीन में देखने को मिल रहा है। वहां मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोबोट्स को प्रोडक्शन से जुड़े कई कामों में इस्तेमाल किया जा रहा है। ऑटोमेशन के जरिए कंपनियां लगातार और ज्यादा कुशल तरीके से कुछ प्रक्रियाओं को संचालित करने की कोशिश कर रही हैं।
AI एजेंट्स का इस्तेमाल भी अलग-अलग डिजिटल कार्यों में बढ़ रहा है। भविष्य में इन्हें पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। उदाहरण के लिए, यात्रा की योजना बनाते समय AI एजेंट होटल और दूसरी बुकिंग से जुड़े विकल्पों को यूजर की जरूरत के हिसाब से चुनने में मदद कर सकता है।
AI से ऐप डेवलपमेंट हुआ आसान
AI टूल्स ने ऐप और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को भी पहले की तुलना में आसान बनाया है। कई AI आधारित प्लेटफॉर्म साधारण भाषा में दिए गए निर्देशों के आधार पर कोड तैयार करने और एप्लिकेशन बनाने में मदद करते हैं। इससे टेक्निकल बैकग्राउंड नहीं रखने वाले यूजर्स के लिए भी ऐप डेवलपमेंट की प्रक्रिया ज्यादा सुलभ हुई है।
हर्ष गोयनका की चिंता इसी व्यापक बदलाव से जुड़ी है। उनका सवाल सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी है कि अगर AI और रोबोट बड़ी संख्या में काम करने लगें तो इंसान अपने खाली समय, रचनात्मकता और क्षमताओं का इस्तेमाल किस तरह करेंगे। टेक्नोलॉजी के आगे बढ़ने के साथ यह सवाल आने वाले वर्षों में और महत्वपूर्ण हो सकता है।











