कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। परेरा में 36 घंटे तक मलबे में फंसी 32 वर्षीय डेनिएला लार्गो को बचावकर्मियों ने जिंदा निकाल लिया। हादसे में 265 लोगों की मौत और 496 लोग लापता हैं।
बोगोटा: कोलंबिया में आए विनाशकारी 7.4 तीव्रता के भूकंप के बीच राहत और बचाव अभियान से एक उम्मीद भरी खबर सामने आई है। पश्चिमी कोलंबिया के परेरा शहर में 32 वर्षीय डेनिएला लार्गो को 36 घंटे तक मलबे में फंसे रहने के बाद जिंदा बचा लिया गया। उन्हें बाहर निकालने के लिए बचावकर्मियों को करीब 10 घंटे तक लगातार अभियान चलाना पड़ा। डेनिएला चार भारी कंक्रीट स्लैब के नीचे फंसी हुई थीं और उन तक पहुंचने के लिए बचाव दल ने सुरंग खोदने का जोखिम उठाया।
स्थानीय निवासी ने सुनी मदद के लिए आवाज
डेनिएला के मलबे में फंसे होने का पता तब चला जब एक स्थानीय निवासी ने उनके मदद के लिए पुकारने की आवाज सुनी। सूचना मिलने के बाद आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। बचावकर्मियों ने एक छोटे कैमरे की मदद से मलबे के अंदर डेनिएला की स्थिति का पता लगाया। हालांकि, उनके रास्ते में चार भारी कंक्रीट स्लैब होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद मुश्किल हो गया।
स्थानीय दमकलकर्मियों के साथ राजधानी बोगोटा से पहुंचे विशेषज्ञों और राष्ट्रीय पुलिस की आपदा प्रतिक्रिया टीम ने भी अभियान में हिस्सा लिया। बचाव दल ने डेनिएला तक पहुंचने के लिए दो सुरंगें बनाईं। ऊपर से बनाई गई सुरंग के जरिए उन्हें ऑक्सीजन पहुंचाई गई, जबकि दूसरी सुरंग नीचे से खोदी गई। इसी रास्ते से बचावकर्मी उनके पास पहुंचे और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब रहे।
बेटे को था मां के लौटने का इंतजार
डेनिएला की मां ने बताया कि उनकी बेटी के जिंदा बचने की खबर परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि घर पर डेनिएला का 12 वर्षीय बेटा अपनी मां के लौटने का इंतजार कर रहा है। 36 घंटे तक मलबे में फंसी रहने के बावजूद डेनिएला को जिंदा निकालना बचाव दल के लिए बड़ी सफलता है।
डेनिएला के रेस्क्यू की खबर ने भूकंप से प्रभावित लोगों के बीच भी उम्मीद जगाई है। अधिकारियों का मानना है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोगों के जिंदा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
भूकंप में अब तक 265 लोगों की मौत
कोलंबिया में आए इस शक्तिशाली भूकंप से बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला के अनुसार, भूकंप में कम से कम 265 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 496 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। कई शहरों में इमारतें ढह गई हैं और बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंसे हुए हैं।
पश्चिमी कोलंबिया में भूकंप का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। परेरा और कैली समेत कई प्रभावित शहरों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है।
परेरा में 92 इमारतें ढहीं
कोलंबिया के कॉफी उत्पादक क्षेत्र में स्थित परेरा शहर भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यहां कम से कम 79 लोगों की मौत हुई है। यह कैली के बाद भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में शामिल है।

परेरा में कम से कम 92 इमारतों के ढहने की जानकारी सामने आई है। 15 लोग अब भी मलबे में फंसे बताए जा रहे हैं, जबकि 37 अन्य लोगों के लापता होने की सूचना है। बचाव दल प्रभावित इमारतों की जांच कर रहा है और मलबे से किसी भी तरह के जीवन के संकेत मिलने पर तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जा रहा है।
कैली में भी सैकड़ों लोग मलबे में फंसे
कैली में भी भूकंप के बाद स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। शहर में 200 से ज्यादा लोगों के मलबे में फंसे होने की जानकारी सामने आई थी। हालात को देखते हुए मेयर ने सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रात के समय कर्फ्यू लागू करने की घोषणा की। सुरक्षा के लिए सैनिकों को भी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
मेयर ने कहा कि बचाव अभियान को सुरक्षित तरीके से जारी रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभी भी मलबे के नीचे फंसे लोगों को जिंदा बचाने की उम्मीद है और प्रशासन उन्हें निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। कैली में अब तक 87 लोगों को बचाया जा चुका है।
सोमवार सुबह आया था शक्तिशाली भूकंप
7.4 तीव्रता का यह भूकंप सोमवार सुबह स्थानीय समय के अनुसार 7 बजकर 34 मिनट पर आया था। इसका केंद्र चोको प्रांत के सैन जोसे डेल पालमार गांव के पास बताया गया। भूकंप के झटके पश्चिमी कोलंबिया के बड़े हिस्से में महसूस किए गए।
भूकंप के केंद्र के करीब मौजूद सिस्मोमीटर के अनुसार, जमीन के हिलने की अवधि करीब 90 सेकंड से दो मिनट तक रही। लंबे समय तक जारी रहे तेज झटकों के कारण कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और बड़ी संख्या में संरचनाएं ढह गईं।
100 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स से बढ़ी चुनौती
मुख्य भूकंप के बाद क्षेत्र में 100 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए जा चुके हैं। लगातार आ रहे झटकों के कारण बचावकर्मियों के लिए क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश करना जोखिम भरा बना हुआ है। यही वजह है कि राहत दल बेहद सावधानी के साथ मलबा हटाने और लोगों की तलाश करने में जुटे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बड़े भूकंप के बाद शुरुआती समय में बचाव अभियान बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी कारण प्रशासन और आपदा प्रतिक्रिया टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश तब तक जारी रहने की उम्मीद है, जब तक प्रभावित क्षेत्रों की पूरी तरह जांच नहीं हो जाती।
तबाही के बीच डेनिएला का रेस्क्यू बनी उम्मीद
कोलंबिया में भूकंप से हुई भारी तबाही और सैकड़ों मौतों के बीच डेनिएला लार्गो का 36 घंटे बाद जिंदा मिलना राहत और बचाव अभियान के लिए बड़ी उपलब्धि है। उनके रेस्क्यू ने यह उम्मीद भी बढ़ाई है कि मलबे में फंसे अन्य लोगों को भी समय रहते बचाया जा सकता है।
बचाव दल अब उन इलाकों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है जहां लोगों के फंसे होने की आशंका है। लगातार आफ्टरशॉक्स के बावजूद टीमें सावधानी से अभियान जारी रखे हुए हैं। डेनिएला की कहानी इस आपदा के बीच जिंदगी और उम्मीद की एक बड़ी मिसाल बन गई है।











