Haryana RS Election: विधानसभा में शुरू हुई वोटिंग, शाम 5 बजे मतगणना के बाद साफ होगी तस्वीर

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले वोट डाला। शाम 4 बजे तक वोटिंग और 5 बजे मतगणना।

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए विधानसभा में मतदान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले वोट डाला। शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी और उसके बाद मतगणना कर उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।

चंडीगढ़: हरियाणा की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। राज्यसभा की दो सीटों के लिए सोमवार को विधानसभा परिसर में मतदान शुरू हो गया है। सुबह मतदान प्रक्रिया शुरू होते ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले वोट डालकर चुनाव की औपचारिक शुरुआत की। चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसके बाद शाम 5 बजे मतगणना होगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें सत्तारूढ़ भाजपा तीसरी बार लगातार जीत हासिल करने की कोशिश में है। वहीं कांग्रेस पार्टी पिछली बार की हार के बाद इस बार पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी है। दोनों दलों ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए कई दिनों से रणनीति बनाई हुई है।

31 वोटों का जादुई आंकड़ा क्यों अहम

राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए एक उम्मीदवार को कम से कम 31 वोटों की जरूरत होती है। इसे ही इस चुनाव का जादुई आंकड़ा माना जा रहा है। हरियाणा विधानसभा की कुल संख्या के आधार पर यह गणित तय करता है कि कौन सा उम्मीदवार जीत के करीब है और किसे अतिरिक्त समर्थन की जरूरत पड़ेगी।

राज्यसभा चुनाव में आम चुनावों की तरह सीधा मतदान नहीं होता बल्कि विधायकों द्वारा वोट डाला जाता है। इसलिए पार्टियों के लिए अपने विधायकों को एकजुट रखना और क्रॉस वोटिंग को रोकना सबसे बड़ी चुनौती होती है। अगर किसी विधायक से गलती हो जाए या वोट गलत तरीके से डाला जाए तो वह वोट अमान्य भी हो सकता है।

इसी वजह से इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने विधायकों को पहले से ही मतदान की प्रक्रिया का अभ्यास कराया है ताकि मतदान के दौरान कोई तकनीकी गलती न हो।

भाजपा की नजर लगातार तीसरी जीत पर

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है। पार्टी की कोशिश है कि वह राज्यसभा की इन सीटों पर लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करे। इसके लिए पार्टी नेतृत्व ने अपने सभी विधायकों को पूरी तरह सक्रिय कर रखा है।

भाजपा के नेताओं का कहना है कि पार्टी के पास पर्याप्त समर्थन है और उन्हें विश्वास है कि उनके उम्मीदवार जीत हासिल करेंगे। इसके साथ ही पार्टी क्रॉस वोटिंग की संभावना पर भी नजर बनाए हुए है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर भाजपा अपने विधायकों को एकजुट रखने में सफल रहती है तो उसकी स्थिति मजबूत बनी रह सकती है। हालांकि चुनावी गणित को देखते हुए अंतिम परिणाम तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं मानी जा रही है।

कांग्रेस की कोशिश हार का दाग मिटाने की

दूसरी ओर कांग्रेस इस चुनाव को अपने लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई मान रही है। पार्टी के पास पहले भी पर्याप्त संख्या होने के बावजूद पिछले दो राज्यसभा चुनावों में उसे हार का सामना करना पड़ा था।

इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार कांग्रेस ने पहले से ही कड़ी तैयारी की है। पार्टी नेतृत्व ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें राज्य से बाहर भी रखा था। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के कई विधायक हिमाचल प्रदेश के कसौली में ठहरे हुए थे और वहीं से मतदान के लिए चंडीगढ़ पहुंचे हैं।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस बार पार्टी पूरी सावधानी बरत रही है ताकि पिछली बार जैसी स्थिति दोबारा न बने। पार्टी ने विधायकों को वोट डालने की पूरी प्रक्रिया समझाई है और अभ्यास भी कराया है।

इनेलो के दो विधायक बन सकते हैं निर्णायक

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में एक और दिलचस्प पहलू इंडियन नेशनल लोकदल यानी इनेलो के दो विधायक हैं। इन दोनों विधायकों ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि वे किस उम्मीदवार के पक्ष में वोट देंगे।

ऐसी स्थिति में अगर वोटिंग के दौरान क्रॉस वोटिंग होती है तो इनेलो के ये दो वोट काफी अहम साबित हो सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कई बार छोटे दलों या निर्दलीय विधायकों की भूमिका ऐसे चुनावों में निर्णायक बन जाती है।

इसी वजह से दोनों बड़ी पार्टियां इन विधायकों के रुख पर भी नजर बनाए हुए हैं।

मतदान से पहले विधायकों को कराया गया अभ्यास

राज्यसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया थोड़ी अलग होती है। इसमें विधायकों को बैलेट पेपर पर निर्धारित तरीके से वोट डालना होता है और पार्टी के अधिकृत एजेंट को अपना वोट दिखाना भी पड़ता है। अगर कोई विधायक इस प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं करता तो उसका वोट अमान्य हो सकता है। यही कारण है कि इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने विधायकों को मतदान का अभ्यास कराया है।

रविवार को लगातार दूसरे दिन दोनों पार्टियों ने अपने विधायकों के साथ बैठकें कीं और उन्हें बताया गया कि मतदान के दौरान किस तरह से वोट डालना है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी विधायक से तकनीकी गलती न हो।

विधानसभा में मतदान की प्रक्रिया

सोमवार सुबह विधानसभा परिसर में मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले अपना वोट डाला। इसके बाद अन्य विधायक भी मतदान के लिए पहुंचे। दोपहर तक लगभग 25 वोट डाले जा चुके थे। विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई है ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके।

कांग्रेस के विधायक हिमाचल प्रदेश के कसौली से चंडीगढ़ पहुंचे और सीधे विधानसभा के लिए रवाना हुए। वहीं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की गाड़ी में मोहम्मद इलियास और चंद्र मोहन भी मतदान के लिए पहुंचे। इसी दौरान हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज भी मतदान के लिए पहुंचे। बताया गया कि वह व्हीलचेयर पर विधानसभा पहुंचे और अपना वोट डालेंगे।

शाम तक साफ हो जाएगी तस्वीर

राज्यसभा चुनाव की मतदान प्रक्रिया शाम 4 बजे तक जारी रहेगी। इसके बाद वोटों की गिनती शाम 5 बजे शुरू होगी। मतगणना पूरी होते ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

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