हिजाब विवाद पर जदयू का पलटवार: कहा- ‘नीतीश कुमार महिला सशक्तिकरण के प्रतीक’, विपक्ष पर साधा निशाना

हिजाब विवाद पर जदयू का पलटवार: कहा- ‘नीतीश कुमार महिला सशक्तिकरण के प्रतीक’, विपक्ष पर साधा निशाना

पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हिजाब विवाद को लेकर जहां विपक्ष लगातार हमलावर बना हुआ है, वहीं जनता दल (यूनाइटेड) ने पलटवार करते हुए इसे बेवजह तूल दिया गया मुद्दा बताया है।

पटना: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हिजाब विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जहां विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं जनता दल (यूनाइटेड) ने इसे बेवजह तूल दिया गया मामला बताया है। जदयू के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) खालिद अनवर ने विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पूरा राजनीतिक जीवन महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और रोजगार सृजन को समर्पित रहा है।

खालिद अनवर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि विपक्ष को आरोप लगाने से पहले अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब विपक्ष 15 वर्षों तक सत्ता में रहा, तब उसने महिलाओं और युवाओं को कितने रोजगार दिए। अनवर के अनुसार, वर्तमान सरकार के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार न केवल युवाओं को बल्कि महिलाओं और विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं को भी सरकारी नौकरियां दे रहे हैं और नियुक्ति पत्र सौंप रहे हैं।

‘बेफिजूल मुद्दों से सीएम को घेर रहा विपक्ष’

जदयू एमएलसी ने कहा कि जनता ने जब से विपक्ष को सत्ता से बाहर किया है, तब से वह मुद्दाविहीन हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और वह यह तय नहीं कर पा रहा कि मुख्यमंत्री को किस आधार पर घेरा जाए। इसी हताशा में ऐसे विवादित और गैर-जरूरी मुद्दों को उछाला जा रहा है।

अनवर ने यह भी कहा कि कोई इस बात पर चर्चा नहीं कर रहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में कितने युवाओं को मेडिकल कॉलेजों में दाखिले का अवसर मिला, कितने डॉक्टर बने और कितने लोगों को सरकारी नौकरी दी गई। उनके अनुसार, सरकार की प्राथमिकता हमेशा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार रही है।

नीतीश कुमार का ट्रैक रिकॉर्ड विकास का

मुख्यमंत्री के कार्यकाल का बचाव करते हुए खालिद अनवर ने कहा कि नीतीश कुमार का ट्रैक रिकॉर्ड बिहार को विकास की मुख्यधारा में लाने का रहा है। उन्होंने दावा किया कि कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बिहार ने बीते वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में शराबबंदी, साइकिल योजना और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन पहलों ने राज्य में सामाजिक बदलाव की नींव रखी है।

मनरेगा योजना के नाम में बदलाव को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी खालिद अनवर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्वाचित सरकार को योजनाओं में सुधार और बदलाव करने का अधिकार होता है। उनके अनुसार, एनडीए सरकार मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है और अब ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों का रोजगार देने की योजना बनाई गई है।

अनवर ने बताया कि इस योजना के तहत तीन श्रेणियां तय की गई हैं, ताकि गांवों में रहने वाले अधिकतम लोगों को काम मिल सके और पलायन की समस्या पर अंकुश लगाया जा सके।

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