श्रीनगर के लाल चौक पर खामेनेई की मौत को लेकर प्रदर्शन, शिया समुदाय ने अमेरिका-इजराइल के खिलाफ लगाए नारे

श्रीनगर के लाल चौक पर खामेनेई की मौत को लेकर प्रदर्शन, शिया समुदाय ने अमेरिका-इजराइल के खिलाफ लगाए नारे

ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद श्रीनगर के लाल चौक और शिया बहुल इलाकों में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन की निगरानी में हालात शांतिपूर्ण रहे, हालांकि भावनात्मक प्रतिक्रिया स्पष्ट दिखाई दी।

Iran Supreme Leader Death: ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर सामने आने के बाद जम्मू-कश्मीर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। श्रीनगर के प्रसिद्ध Lal Chowk पर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में खामेनेई की तस्वीरें, पोस्टर, बैनर और ईरान के झंडे दिखाई दिए।

स्थानीय लोगों के मुताबिक यह विरोध विशेष रूप से शिया समुदाय की ओर से किया गया, जिन्होंने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की। माहौल भावनात्मक और तनावपूर्ण नजर आया, हालांकि प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही।

‘रहबर तेरे खून से इंकलाब आएगा’ के नारे

लाल चौक पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारे लगाए। सबसे ज्यादा सुनाई देने वाला नारा था ‘रहबर तेरे खून से इंकलाब आएगा’। इसके अलावा ‘एक से बढ़कर एक जलील, अमेरिका-इजराइल’ और ‘अमेरिका को जो यार है, गद्दार है’ जैसे नारे भी लगाए गए।

लोगों का कहना था कि खामेनेई की मौत ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया है। कई प्रदर्शनकारी इसे पूरी मुस्लिम दुनिया के लिए बड़ा नुकसान बता रहे थे। कुछ युवाओं ने कहा कि यह केवल ईरान का मुद्दा नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति का बड़ा मोड़ है।

शिया बहुल इलाकों में मार्च

अधिकारियों के अनुसार श्रीनगर के शिया बहुल इलाकों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने शांतिपूर्ण मार्च निकाला और विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर जुलूस निकाला।

इमामबाड़ों के बाहर भी लोगों की भीड़ देखी गई। कई जगह धार्मिक सभाएं आयोजित की गईं, जहां खामेनेई को श्रद्धांजलि दी गई। स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

प्रशासन की निगरानी में हालात

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सुरक्षा बल तैनात रहे। अधिकारियों ने बताया कि अब तक विरोध शांतिपूर्ण रहा है और किसी बड़ी हिंसक घटना की सूचना नहीं है। हालांकि, हालात को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

कश्मीर के कुछ अन्य हिस्सों से भी छोटे स्तर पर विरोध प्रदर्शन की खबरें आई हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

ईरान में क्या हुआ

ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक 1 मार्च को अमेरिका और इजराइल के हमले में खामेनेई की मौत हुई। इससे पहले तेहरान में सैन्य ठिकानों और सरकारी परिसरों को निशाना बनाया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की और कई क्षेत्रों में तनाव बढ़ गया।

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग दावे और बयान सामने आ रहे हैं। लेकिन खामेनेई की मौत की खबर ने वैश्विक राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है।

कश्मीर के कई लोगों के लिए खामेनेई एक धार्मिक और राजनीतिक प्रतीक रहे हैं। यही कारण है कि उनकी मौत की खबर ने यहां गहरा असर डाला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। कुछ युवाओं ने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से खुद को अलग नहीं मानते और इस तरह की घटनाएं उनकी सोच और भावनाओं को प्रभावित करती हैं। 

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