हिमाचल कैबिनेट की बैठक में 150 प्रस्तावों पर चर्चा, 4,000 शिक्षकों की भर्ती और पेंशन से जुड़े फैसलों पर टिकी नजरें

हिमाचल में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। करीब 150 एजेंडा प्रस्तावों में 4,000 शिक्षकों की भर्ती और पोषण नीति जैसे मुद्दे शामिल रहे
हिमाचल कैबिनेट की बैठक में 150 प्रस्तावों पर चर्चा, 4,000 शिक्षकों की भर्ती और पेंशन से जुड़े फैसलों पर टिकी नजरें
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हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक पर प्रदेश के कर्मचारियों, पेंशनरों और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं की नजरें टिकी रहीं। लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस बैठक के एजेंडे में करीब 150 प्रस्ताव शामिल होने की जानकारी सामने आई। इनमें शिक्षा विभाग में लगभग 4,000 पद भरने, जल शक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्कर्स की भर्ती और नई पोषण नीति से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रहे। बैठक से पहले इन मुद्दों पर फैसले होने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन प्रत्येक प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से ही की जा सकती है।

शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश सचिवालय में बैठक सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई। इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सुबह चंडीगढ़ से शिमला पहुंचे थे और सचिवालय में लोगों से मुलाकात भी की। बैठक के लिए शनिवार को अवकाश के बावजूद सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही रही। अलग-अलग विभागों के प्रस्तावों को अंतिम रूप देने और लंबित मामलों पर विचार करने के लिहाज से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा था।

सरकारी नौकरियों से जुड़ा प्रस्ताव बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। शिक्षा विभाग में करीब 4,000 शिक्षकों के पद भरने पर निर्णय की उम्मीद की जा रही थी। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि रिक्त पदों का असर कक्षाओं के संचालन और विद्यार्थियों को मिलने वाली पढ़ाई पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए भी यह प्रस्ताव अहम है। हालांकि, पदों की संख्या, भर्ती की श्रेणियों, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में अंतिम जानकारी संबंधित सरकारी आदेश या भर्ती अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

जल शक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्कर्स की भर्ती का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल बताया गया। इस विभाग का काम पेयजल आपूर्ति और जल संबंधी सेवाओं से जुड़ा है, इसलिए विभिन्न स्तरों पर कर्मचारियों की उपलब्धता जरूरी रहती है। प्रस्ताव पर निर्णय होने की स्थिति में भर्ती की संख्या, चयन प्रक्रिया और नियुक्ति की शर्तें महत्वपूर्ण होंगी। फिलहाल, केवल एजेंडे में प्रस्ताव शामिल होने को भर्ती शुरू होने की अंतिम घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।

कैबिनेट की बैठक में नई पोषण नीति पर भी चर्चा होने की उम्मीद थी। पोषण से जुड़े कार्यक्रम बच्चों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हैं। किसी नई नीति को मंजूरी मिलने पर उसके दायरे, लाभार्थियों और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी तय करने वाले प्रावधानों पर ध्यान देना होगा। नीति की वास्तविक स्थिति और लागू होने की तारीख की पुष्टि सरकार की ओर से जारी आधिकारिक निर्णय के आधार पर ही की जा सकती है।

कर्मचारियों और पेंशनरों की नजरें महंगाई भत्ते तथा लंबित वित्तीय भुगतान से जुड़े संभावित फैसलों पर भी रहीं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पेंशनरों के बकाया भुगतान को लेकर घोषणाएं की थीं। सितंबर में उन्होंने बताया था कि जनवरी 2016 से दिसंबर 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के लिए बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। घोषित व्यवस्था के अनुसार, अक्टूबर में तृतीय श्रेणी के पेंशनरों को 30 प्रतिशत और प्रथम व द्वितीय श्रेणी के पेंशनरों को 15 प्रतिशत बकाया देने की बात कही गई थी। हालांकि, इसे 10 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में पेंशन बढ़ोतरी के नए फैसले से अलग समझना जरूरी है।

प्रदेश में सरकारी रोजगार बढ़ाने को लेकर भी सरकार पहले लक्ष्य व्यक्त कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने अक्टूबर के पहले सप्ताह में कहा था कि अगले छह महीनों में 4,000 और शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा, सरकार ने दिसंबर 2026 तक 50,000 सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य भी रखा था। ऐसे में कैबिनेट के भर्ती संबंधी प्रस्तावों को बेरोजगार युवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिर भी किसी लक्ष्य या प्रस्ताव को वास्तविक नियुक्ति तभी माना जा सकता है, जब भर्ती प्रक्रिया, पदों का विवरण और संबंधित अधिसूचना जारी हो।

कैबिनेट बैठक से पहले पेंशन बढ़ोतरी को लेकर भी चर्चाएं थीं, लेकिन उपलब्ध रिपोर्ट में 10 अक्टूबर की बैठक के दौरान पेंशन बढ़ाने का कोई पुष्ट निर्णय नहीं दिया गया है। इसलिए पेंशनरों को किसी नई बढ़ोतरी की घोषणा के लिए आधिकारिक आदेश का इंतजार करना होगा। महंगाई भत्ते की नई किस्त और पहले से घोषित पेंशन बकाया भुगतान को भी अलग-अलग समझना जरूरी ह

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