हिमाचल में नर्सों की Outsource भर्ती बंद, आयोग लेगा परीक्षा, CM बोले- Part-Time Workers होंगे नियमित

हिमाचल में स्टाफ नर्सों की Outsource भर्ती बंद होगी। राज्य चयन आयोग परीक्षा से नियुक्ति करेगा। CM सुक्खू ने Part-Time Workers को नियमित कर पेंशन देने की बात कही

हिमाचल सरकार ने स्टाफ नर्सों की Outsource भर्ती बंद करने का फैसला किया है। अब राज्य चयन आयोग परीक्षा के जरिए नियुक्ति करेगा। CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने Part-Time Multi-Task Workers को नियमित करने और पेंशन देने की भी बात कही।

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्सों की Outsource भर्ती बंद करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में कहा कि अब राज्य चयन आयोग लिखित परीक्षा और मेरिट के आधार पर नर्सों की नियुक्ति करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि Part-Time Multi-Task Workers को नियमित किया जाएगा और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की सुविधा मिलेगी। 

स्टाफ नर्सों की भर्ती अब Outsource आधार पर नहीं

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार Outsource आधार पर होने वाली भर्तियों को धीरे-धीरे कम करेगी। इसकी शुरुआत स्वास्थ्य विभाग से की गई है। अब स्टाफ नर्सों की भर्ती Outsource माध्यम से नहीं होगी।

स्टाफ नर्स के पदों पर नियुक्ति के लिए राज्य चयन आयोग परीक्षा आयोजित करेगा। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों और मेरिट के आधार पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति प्रक्रिया में किसी राजनीतिक सिफारिश की भूमिका नहीं होगी। मेरिट में आने वाले उम्मीदवारों को ही नौकरी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधारना है। सरकार चाहती है कि स्वास्थ्य विभाग में नियुक्त होने वाले कर्मचारियों के पास संबंधित काम का जरूरी कौशल और योग्यता हो।

Part-Time Multi-Task Workers होंगे नियमित

मुख्यमंत्री ने Part-Time Multi-Task Workers को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि नीति के तहत नियुक्त किए गए इन कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। इसके साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें पेंशन का लाभ भी मिलेगा।

Outsource कर्मचारियों की व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार संबंधित सेवाओं के लिए कंपनियों के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति करती है। यदि कोई कर्मचारी काम नहीं करता है तो कंपनी उसे हटाने का निर्णय ले सकती है। हालांकि, यदि किसी कर्मचारी के वेतन से बिना उचित कारण पैसे काटे जाते हैं तो सरकार संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

सरकार ने राज्य इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन को Outsourcing के लिए नोडल एजेंसी बनाया है। यह एजेंसी टेंडर जारी करके कंपनियों को काम आवंटित करती है। इसके अलावा NIELIT के माध्यम से भी Outsource आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है।

कोविड में हटाए गए कर्मचारियों की दोबारा नियुक्ति

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि कोविड-19 के दौरान जिन Outsource कर्मचारियों को नौकरी से हटाया गया था, उनमें से कई कर्मचारियों को दोबारा नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई पात्र कर्मचारी अभी तक दोबारा नियुक्त नहीं हो पाया है तो उसे भी रखने की प्रक्रिया की जाएगी। इसके अलावा अस्पतालों में स्वीकृत पदों की तुलना में कम कर्मचारियों की नियुक्ति किए जाने के मामलों की भी जांच होगी।

मुख्यमंत्री ने एक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि अस्पताल में Outsource आधार पर 40 पद भरने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन केवल 30 पदों पर नियुक्ति हुई। सरकार इस मामले की जांच करेगी और यदि किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष ने Outsource भर्ती में आरक्षण पर उठाए सवाल

भाजपा विधायक डॉ. हंस राज ने Outsource कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार Outsource कर्मचारियों के लिए नीति बनाने की बात कर रही है, लेकिन ऐसी नीति बनाने का अधिकार सरकार के पास नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियुक्तियों में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया गया। उनके मुताबिक SC, ST, OBC और Sportsman वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण का लाभ इन भर्तियों में नहीं दिया गया।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी Outsource भर्ती व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़े कुछ लोग Outsource एजेंसियों के ठेकेदार बने हुए हैं और नई एजेंसियों के पंजीकरण की जानकारी मांगी।

जयराम ठाकुर ने कहा कि Outsource भर्ती आने वाले समय में जांच का बड़ा विषय बन सकती है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ने कहा कि Outsource कंपनियों के Empanelment से जुड़े नियम पूर्व सरकार के समय से ही लागू हैं और इनमें कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।

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