हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि राज्यभर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का अभियान जारी रहेगा। हमीरपुर के एक उपभोक्ता से जुड़े मामले में न्यायालय में स्थिति स्पष्ट होने के बाद भ्रम दूर हो गया है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड ने स्मार्ट बिजली मीटर लगाने को लेकर फैली भ्रम की स्थिति पर स्पष्टीकरण जारी किया है। बोर्ड के अनुसार, हमीरपुर का मामला केवल एक उपभोक्ता से जुड़ा था और इसका राज्यव्यापी स्मार्ट मीटर अभियान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अभियान पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार जारी रहेगा।
स्मार्ट मीटर अभियान पर रोक नहीं, बोर्ड ने किया स्पष्ट
हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड ने साफ किया है कि प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी। बोर्ड के अनुसार, हाल ही में हमीरपुर जिले के एक मामले को लेकर यह भ्रम फैल गया था कि अदालत ने स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी है। हालांकि, बोर्ड ने स्पष्ट किया कि न्यायालय का अंतरिम आदेश केवल एक उपभोक्ता के व्यक्तिगत मामले तक सीमित था और इसका पूरे राज्य में चल रहे स्मार्ट मीटर अभियान से कोई संबंध नहीं है।
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बोर्ड का कहना है कि कुछ माध्यमों में इस आदेश को गलत तरीके से प्रस्तुत किए जाने से उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई, जिसे अब न्यायिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट कर दिया गया है।
हमीरपुर मामले में अदालत के सामने रखा पक्ष
बिजली बोर्ड के अनुसार, हमीरपुर के लंबलू निवासी एक उपभोक्ता द्वारा स्मार्ट मीटर को लेकर न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। इस मामले में बोर्ड ने अदालत के समक्ष विद्युत अधिनियम, 2003 और स्मार्ट मीटर योजना से जुड़े सभी कानूनी और तकनीकी पहलुओं को विस्तार से रखा।
सुनवाई के दौरान बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद भी संबंधित उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन पोस्टपेड मोड में ही संचालित रहेगा। उपभोक्ता की स्पष्ट सहमति के बिना उसे प्रीपेड प्रणाली में नहीं बदला जाएगा। बोर्ड के इस आश्वासन के बाद संबंधित उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए सहमत हो गया और उसने अपना मामला भी वापस ले लिया।
उपभोक्ताओं को मिलेंगी आधुनिक और पारदर्शी सेवाएं
बिजली बोर्ड का कहना है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था बिजली वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे बिजली की खपत का सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और उपभोक्ताओं को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी।
बोर्ड के अनुसार, स्मार्ट मीटर के जरिए ऊर्जा प्रबंधन को भी बेहतर बनाया जा सकेगा, जिससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक सूचना पर भरोसा न करें और केवल बिजली बोर्ड की आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।
बोर्ड ने दोहराया कि राज्य सरकार और बिजली बोर्ड की योजना के अनुसार प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान बिना किसी रुकावट के आगे भी जारी रहेगा। इससे बिजली वितरण प्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।









