हिमाचल कैबिनेट: धर्मशाला जिपलाइन और सरकारी नौकरियों पर लिया महत्वपूर्ण निर्णय, लंबित राजस्व मामले निपटेंगे

हिमाचल कैबिनेट: धर्मशाला जिपलाइन और सरकारी नौकरियों पर लिया महत्वपूर्ण निर्णय, लंबित राजस्व मामले निपटेंगे

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में धर्मशाला में जिपलाइन परियोजना, पंचायत चुनावों की तारीखें, सरकारी नौकरियों की भर्ती और लंबित राजस्व मामलों के निपटारे पर विशेष चर्चा हुई।

Himachal Cabinet Meeting: हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। धर्मशाला में जिपलाइन के लिए 7.14 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसकी लंबाई 4.3 किलोमीटर होगी। बैठक में पंचायत चुनाव पर भी विस्तृत चर्चा हुई। 

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि कैबिनेट में पंचायत चुनाव की तैयारी पर चर्चा की गई और यह निर्णय लिया गया कि अप्रैल से पहले चुनाव करवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पंचायती राज मंत्री और संबंधित अधिकारियों को चुनाव की तैयारी करने के निर्देश दिए।

धर्मशाला में 7.14 करोड़ की जिपलाइन को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने धर्मशाला में 7.14 करोड़ रुपये की लागत से जिपलाइन परियोजना को मंजूरी दी। यह जिपलाइन 4.3 किलोमीटर लंबी होगी और पर्यटन व साहसिक खेल के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलने वाली मानी जा रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस परियोजना को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। यह परियोजना न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

कैबिनेट बैठक में पंचायत चुनावों पर विशेष चर्चा हुई। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। बैठक में मुख्यमंत्री ने पंचायती राज मंत्री और अधिकारियों को चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। पंचायतों का वर्तमान कार्यकाल 31 जनवरी को पूरा हो रहा है, जिसके बाद पंचायतों के अधिकार और जिम्मेदारियों का बंटवारा तय किया जाएगा। हालांकि, कार्यकाल बढ़ाने या नए अधिकार देने पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

सरकारी पदों पर भर्ती को मिली हरी झंडी

कैबिनेट ने सरकारी विभागों में कई रिक्त पदों की भर्ती को मंजूरी दी। इनमें प्रमुख हैं:

  • एक्साइज विभाग: 11 असिस्टेंट कमिश्नर के पद
  • डिजास्टर मैनेजमेंट सेल: 11 पद
  • तहसीलदार: रिक्त पदों पर नियुक्ति
  • नर्सिंग विभाग: विभिन्न नर्सिंग पदों की भर्ती

इन भर्तियों के जरिए न केवल प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने राजस्व विभाग में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए भी कदम उठाया। इसके तहत रिटायर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी की नियुक्ति की जाएगी। ये नियुक्तियां विभिन्न जिलों में तैनात की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया राजस्व विभाग में मामलों के निपटारे और लोगों को समय पर न्याय देने के लिए जरूरी है। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और लंबित मामलों का जल्द समाधान संभव होगा।

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