हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, भड़काऊ बयान पर कार्रवाई की मांग

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के कथित भड़काऊ भाषणों को लेकर CPI(M) और CPI ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। FIR न होने पर सवाल उठाते सख्त कार्रवाई।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ CPI(M) और CPI नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कथित भड़काऊ भाषणों पर कार्रवाई और FIR दर्ज न होने पर हस्तक्षेप की मांग की गई है।

Assam Politics: असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ CPI(M) और CPI के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में मुख्यमंत्री के कथित भड़काऊ भाषणों को लेकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। इस कदम के बाद असम की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

CPI(M) और CPI ने क्यों दाखिल की याचिका

CPI(M) और CPI के नेताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने हाल के दिनों में ऐसे बयान दिए हैं, जो न केवल संविधान की भावना के खिलाफ हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाते हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मुख्यमंत्री कथित तौर पर एक विशेष समुदाय के खिलाफ हिंसक भाषा का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं।

याचिका में कहा गया है कि इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। इसी वजह से विपक्षी दलों ने सीधे सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा गया

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील निज़ाम पाशा ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को मेंशन किया और जल्द सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और अदालत को इसमें तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

निज़ाम पाशा ने कोर्ट के सामने दलील दी कि असम के मौजूदा मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए भाषण परेशान करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी राज्य का मुख्यमंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करता है, तो इसका असर समाज पर गहरा पड़ता है।

FIR न होने पर उठे सवाल

याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी कहा गया कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक किसी तरह की FIR नहीं की गई है। इससे कानून व्यवस्था और निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े होते हैं।

उनका कहना है कि अगर आम नागरिक ऐसा बयान देता, तो तुरंत कार्रवाई होती। लेकिन मुख्यमंत्री के मामले में प्रशासन की चुप्पी गंभीर चिंता का विषय है।

CJI की टिप्पणी ने बढ़ाई चर्चा

मामले की मेंशनिंग के दौरान Chief Justice of India ने भी एक अहम टिप्पणी की। CJI ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही अक्सर ऐसे मामले सुप्रीम कोर्ट में लाए जाते हैं और चुनाव का एक हिस्सा अदालत में लड़ा जाने लगता है।

CJI ने यह भी कहा कि कोर्ट इस मामले पर विचार करेगा और सुनवाई की तारीख तय की जाएगी। इस टिप्पणी के बाद यह साफ हो गया है कि सुप्रीम कोर्ट इस याचिका को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं करेगा।

Leave a comment