हॉकी U18 एशिया कप 2026: भारत ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराया, सेमीफाइनल की दौड़ में मजबूत दावेदारी

हॉकी U18 एशिया कप 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया को 4-1 से मात दी। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने सेमीफाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत

कप्तान केतन कुशवाहा के शानदार दो गोलों की बदौलत भारतीय पुरुष अंडर-18 हॉकी टीम ने एशिया कप के पूल-ए मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर दमदार जीत दर्ज की।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय पुरुष अंडर-18 हॉकी टीम ने हॉकी U18 एशिया कप 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। कप्तान केतन कुशवाहा के दो गोलों की बदौलत भारत ने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और टूर्नामेंट के सेमीफाइनल की ओर एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।

इस जीत के साथ भारत ने पूल-ए में छह अंक हासिल कर लिए हैं और बेहतर गोल अंतर (गोल डिफरेंस) के आधार पर तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। भारत के अलावा जापान और दक्षिण कोरिया के भी समान अंक हैं, लेकिन भारतीय टीम का आक्रामक प्रदर्शन उसे बढ़त दिला रहा है। दोनों पूलों से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी।

शुरुआती मिनटों में ही भारत ने बनाई बढ़त

मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने आक्रामक रवैया अपनाया और कोरियाई रक्षा पंक्ति पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच के तीसरे मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसका शानदार फायदा उठाते हुए कप्तान केतन कुशवाहा ने गोल दागकर टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। गोल की शुरुआत राहुल यादव के सटीक पास से हुई। हालांकि पहला प्रयास कोरियाई गोलकीपर ने रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर केतन कुशवाहा ने कोई गलती नहीं की और गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया।

भारत ने अपनी गति बनाए रखते हुए केवल दो मिनट बाद ही दूसरा गोल भी कर दिया। गाजी खान के बेहतरीन पास पर वरिंदर सिंह ने गोल के सामने मिले मौके को भुनाते हुए स्कोर 2-0 कर दिया। शुरुआती पांच मिनट में दो गोल ने मैच की दिशा भारत के पक्ष में मोड़ दी।

दक्षिण कोरिया की वापसी की कोशिश

दो गोल से पिछड़ने के बाद दक्षिण कोरिया ने खेल की रफ्तार नियंत्रित करने और भारतीय हमलों को रोकने की कोशिश की। दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया, लेकिन किसी भी पक्ष को स्पष्ट गोल करने का अवसर नहीं मिला। हालांकि 21वें मिनट में दक्षिण कोरिया को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे कप्तान यून जेह्योक ने सफलतापूर्वक गोल में बदल दिया। 

इस गोल के साथ कोरिया ने अंतर कम करते हुए स्कोर 2-1 कर दिया और मुकाबले में वापसी की उम्मीदें जगा दीं। इस चरण में भारतीय रक्षा पंक्ति को कुछ दबाव का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम ने संयम बनाए रखा और कोरिया को अतिरिक्त अवसर नहीं दिए।

तीसरे क्वार्टर में कप्तान कुशवाहा का दूसरा गोल

तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों को पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन शुरुआती मौकों का कोई फायदा नहीं उठा सकीं। मैच का निर्णायक क्षण 36वें मिनट में आया जब भारतीय कप्तान केतन कुशवाहा ने अपना दूसरा गोल दागा। कुशवाहा का यह गोल भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ क्योंकि इससे टीम को 3-1 की बढ़त मिल गई और कोरिया पर दबाव और बढ़ गया। पूरे टूर्नामेंट में कप्तान का प्रदर्शन भारतीय टीम की सफलता का प्रमुख कारण बनकर उभरा है।

उनकी नेतृत्व क्षमता और गोल करने की क्षमता ने टीम को महत्वपूर्ण मौकों पर बढ़त दिलाई है। चौथे क्वार्टर में दक्षिण कोरिया ने वापसी की पूरी कोशिश की। 53वें मिनट में कोरियाई खिलाड़ी किम दोयुन गोल करने के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन भारतीय गोलकीपर आयुष रजक ने शानदार बचाव करते हुए संभावित गोल को रोक दिया।

यह बचाव मैच का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। अगले ही मिनट भारत ने तेज जवाबी हमला किया और शाहरुख अली ने शक्तिशाली शॉट लगाकर चौथा गोल कर दिया। गेंद सीधे बोर्ड से टकराई और भारतीय खेमे में जश्न का माहौल बन गया। इस गोल के साथ भारत ने मुकाबले को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया और अंततः 4-1 की प्रभावशाली जीत दर्ज की।

पूल-ए में भारत की स्थिति मजबूत

इस जीत के बाद भारत का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। टीम ने अब तक अपने दोनों मुकाबलों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और गोल अंतर के मामले में भी बढ़त बनाई हुई है। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार, प्रत्येक पूल से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। ऐसे में भारत की स्थिति फिलहाल मजबूत दिखाई दे रही है।

भारतीय टीम अब अपने अंतिम पूल-ए मुकाबले में चीनी ताइपे का सामना करेगी। यदि टीम इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखती है, तो सेमीफाइनल में उसका स्थान लगभग सुनिश्चित माना जा सकता है।

Leave a comment