रिश्वत कांड में बड़ी कार्रवाई! वाराणसी के उप सचिव साहब यादव हटाए गए, 40 हजार लेकर मार्कशीट संशोधन का आरोप

वाराणसी में उप सचिव साहब यादव को 40 हजार रुपये लेकर मार्कशीट में संशोधन कराने के आरोप में हटाया गया। 15 बाबुओं के पटल भी बदले गए।
रिश्वत कांड में बड़ी कार्रवाई! वाराणसी के उप सचिव साहब यादव हटाए गए, 40 हजार लेकर मार्कशीट संशोधन का आरोप
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वाराणसी में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उप सचिव साहब यादव को उनके पद से हटा दिया गया है। उन पर एक छात्र की मार्कशीट में संशोधन कराने के बदले 40 हजार रुपये लेने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू हुई और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

सूत्रों के अनुसार मार्कशीट संशोधन से जुड़े मामले में शिकायत मिलने के बाद विभाग ने पूरे प्रकरण की जांच कराई। जांच के दौरान कई दस्तावेजों और अभिलेखों की पड़ताल की गई। आरोप है कि मार्कशीट में बदलाव कराने के लिए अवैध रूप से धनराशि ली गई थी। मामला गंभीर पाए जाने के बाद अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से उप सचिव को पद से हटा दिया।

इस कार्रवाई के साथ ही विभाग में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल भी किया गया है। करीब 15 बाबुओं के पटल बदल दिए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय से एक ही पटल पर कार्यरत कर्मचारियों के स्थानांतरण और जिम्मेदारियों में बदलाव से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में कार्यालयी कार्यों को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद उच्च अधिकारियों ने कार्यप्रणाली की समीक्षा की और विभिन्न शाखाओं में बदलाव का निर्णय लिया। पटल परिवर्तन को इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कार्यालय में हुए इस बड़े फेरबदल के बाद कर्मचारियों के बीच भी चर्चा का माहौल है। कई कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अनुभागों में कामकाज का पुनर्गठन किया गया है। प्रशासन का मानना है कि इससे कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

शिक्षा और प्रमाणपत्र संबंधी मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इन दस्तावेजों का सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। ऐसे में मार्कशीट संशोधन से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है।

फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई संभव है। वहीं, 15 बाबुओं के पटल बदलने के फैसले को विभाग में सुधार और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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