हॉकी वर्ल्ड कप में भारत की शानदार शुरुआत, वेल्स को 3-1 से हराया; हरमनप्रीत के दो गोल

भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में वेल्स को 3-1 से हराकर शानदार शुरुआत की। हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए, संजय ने एक गोल दागा। वेल्स के लिए सैम वेल्श एक गोल किया।

भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में वेल्स को 3-1 से हराकर शानदार शुरुआत की। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि संजय ने एक गोल दागा। वेल्स के लिए सैम वेल्श ने अंतिम क्वार्टर में एक गोल किया।

Hockey world cup 2026: भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। 15 अगस्त को खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने वेल्स को 3-1 से शिकस्त दी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल किए, जबकि संजय ने भी एक गोल दागकर भारत की जीत में अहम योगदान दिया। वेल्स की ओर से सैम वेल्श ने अंतिम क्वार्टर में एक गोल किया, लेकिन भारतीय टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी।

यह जीत भारत के लिए टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत मानी जा रही है। टीम ने पहले क्वार्टर में ही दो गोल करके मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी। इसके बाद तीसरे क्वार्टर में हरमनप्रीत ने अपना दूसरा गोल कर भारत को 3-0 से आगे कर दिया। वेल्स ने आखिरी क्वार्टर में वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने बाकी समय में उसे बराबरी का मौका नहीं दिया।

पहले क्वार्टर में भारत ने बनाई 2-0 की बढ़त

मुकाबले की शुरुआत वेल्स ने आक्रामक अंदाज में की। दूसरे मिनट में ही वेल्स भारतीय सर्कल में पहुंच गया। फ्रेड न्यूबोल्ड के पास के बाद जैक प्रिचर्ड ने गोल करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने शानदार बचाव करते हुए शॉट रोक दिया। रिबाउंड पर न्यूबोल्ड का प्रयास भी गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गया।

इसके बाद भारत ने तेजी से खेल की दिशा बदली और काउंटर अटैक के जरिए वेल्स पर दबाव बनाना शुरू किया। सातवें मिनट में हार्दिक सिंह की मदद से भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। संजय का पहला प्रयास सफल नहीं रहा, लेकिन दोबारा मिले मौके को उन्होंने गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ भारत ने 1-0 की बढ़त हासिल की।

भारत ने इसके बाद भी आक्रमण जारी रखा। 11वें मिनट में टीम को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपनी तेज ड्रैग-फ्लिक से गेंद को गोल में पहुंचा दिया। उनके शानदार प्रयास के चलते भारत की बढ़त 2-0 हो गई।

पहले क्वार्टर के बाकी समय में भारतीय डिफेंस ने वेल्स के हमलों को अच्छी तरह नियंत्रित किया और टीम ने दो गोल की बढ़त कायम रखी।

दूसरे क्वार्टर में वेल्स को मौके, लेकिन गोल नहीं

दूसरे क्वार्टर की शुरुआत भी भारत के लिए आक्रमण के साथ हुई। मनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन भारत इस मौके को गोल में नहीं बदल सका। हरमनप्रीत के शुरुआती प्रयास के बाद मनप्रीत गेंद को नियंत्रित नहीं कर पाए और डिफ्लेक्शन के बाद मंदीप सिंह भी गोल करने में सफल नहीं हुए।

वेल्स ने भी इस दौरान अपनी वापसी की कोशिश की। 19वें मिनट में जैक प्रिचर्ड के पास भारत की बढ़त कम करने का शानदार अवसर आया। वह एक लंबे पास को हासिल करने के बाद अकेले भारतीय गोल की ओर बढ़े। उनके सामने गोलकीपर मोहित एचएस और डिफेंडर संजय थे।

मोहित गोल से बाहर निकलकर प्रिचर्ड के सामने पहुंचे, लेकिन वेल्स के खिलाड़ी का शॉट गोलपोस्ट से टकरा गया। इस तरह भारत ने राहत की सांस ली। दोनों टीमों ने कई हमले किए, लेकिन दूसरे क्वार्टर में कोई गोल नहीं हुआ और हाफ टाइम तक भारत 2-0 से आगे रहा।

तीसरे क्वार्टर में हरमनप्रीत ने दागा दूसरा गोल

तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने अपनी गति बढ़ाई और वेल्स पर लगातार दबाव बनाया। भारत की आक्रामक रणनीति का फायदा 42वें मिनट में मिला, जब टीम को एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल हुआ।

पेनल्टी कॉर्नर पर एक बार फिर कप्तान हरमनप्रीत सिंह सामने आए। उन्होंने बाईं ओर से बेहद तेज और लो ड्रैग-फ्लिक लगाई, जिसे वेल्स का गोलकीपर रोक नहीं सका। गेंद गोल में पहुंचते ही भारत की बढ़त 3-0 हो गई।

यह मैच में हरमनप्रीत का दूसरा गोल था। इस गोल के साथ उन्होंने टूर्नामेंट में अपने गोलों की संख्या भी बढ़ाई और भारत के लिए हॉकी वर्ल्ड कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया।

कप्तान के इस प्रदर्शन ने भारत की स्थिति और मजबूत कर दी। तीसरे क्वार्टर के बाकी हिस्से में भारत ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और वेल्स को लगातार दबाव में रखा।

चौथे क्वार्टर में वेल्स ने की वापसी की कोशिश

तीन गोल से पिछड़ने के बावजूद वेल्स ने अंतिम क्वार्टर में हार नहीं मानी। टीम ने भारतीय डिफेंस पर दबाव बढ़ाया और 54वें मिनट में उसे पेनल्टी कॉर्नर भी मिला। गैरेथ फर्लोंग ने इस मौके पर तेज प्रयास किया, लेकिन भारतीय गोलकीपर मोहित ने शानदार बचाव करते हुए गोल होने से रोक दिया।

हालांकि, कुछ ही देर बाद वेल्स को आखिरकार सफलता मिल गई। 56वें मिनट में भारतीय गोल के सामने गेंद को लेकर अफरातफरी की स्थिति बनी और सैम वेल्श ने गेंद को गोललाइन के पार पहुंचा दिया। शुरुआत में इस गोल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी और अंपायर ने वीडियो रेफरल का सहारा लिया।

वीडियो समीक्षा के दौरान गोल से पहले संभावित बैकस्टिक उल्लंघन और पेनल्टी स्ट्रोक से जुड़े पहलुओं की जांच की गई। समीक्षा के बाद पुष्टि हुई कि गेंद संबंधित उल्लंघन से पहले ही गोललाइन पार कर चुकी थी। इसके बाद वेल्स के गोल को मान्यता दे दी गई और स्कोर 3-1 हो गया।

अंतिम मिनटों में भारत ने संभाला दबाव

गोल मिलने के बाद वेल्स ने वापसी की उम्मीद के साथ अपना हमला तेज किया। भारतीय टीम को अब अपने डिफेंस को मजबूत रखने की जरूरत थी। भारत ने गेंद को नियंत्रित करते हुए वेल्स के लगातार हमलों को रोकने की कोशिश की।

वेल्स ने कुछ और अवसर बनाए, लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति और गोलकीपर ने कोई और गोल नहीं होने दिया। निर्धारित समय समाप्त होने पर भारत ने मुकाबला 3-1 से अपने नाम कर लिया।

हरमनप्रीत रहे भारत की जीत के हीरो

भारत की जीत में कप्तान हरमनप्रीत सिंह का योगदान सबसे अहम रहा। उन्होंने दोनों गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए किए और वेल्स की रक्षापंक्ति के सामने लगातार खतरा बने रहे।

संजय ने भी पहले क्वार्टर में महत्वपूर्ण गोल करके भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। गोलकीपर सूरज करकेरा और मोहित एचएस ने भी महत्वपूर्ण मौकों पर बचाव किए। खासकर पहले क्वार्टर और दूसरे क्वार्टर में वेल्स के हमलों को रोकना भारत के लिए बेहद अहम रहा।

भारत के लिए जीत के कई सकारात्मक संकेत

वेल्स के खिलाफ इस जीत से भारत को टूर्नामेंट की शुरुआत में आत्मविश्वास मिला है। टीम ने शुरुआती मिनटों में गोल करने की क्षमता दिखाई और पेनल्टी कॉर्नर का प्रभावी इस्तेमाल किया। साथ ही, वेल्स के दबाव के दौरान भारतीय गोलकीपिंग और डिफेंस ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हालांकि, अंतिम क्वार्टर में वेल्स को गोल करने का मौका मिला, इसलिए भारतीय टीम को आने वाले मुकाबलों में अंतिम चरण के खेल पर और अधिक ध्यान देना होगा। बड़े टूर्नामेंट में छोटी गलतियां भी मुकाबले का रुख बदल सकती हैं।

भारत की नजर अब अगले मुकाबलों पर

वेल्स के खिलाफ जीत के साथ भारतीय टीम ने हॉकी वर्ल्ड कप में अपने अभियान का मजबूत आगाज किया है। टीम की नजर अब अगले मुकाबलों में भी इसी लय को बनाए रखने पर होगी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की फॉर्म भारत के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है।

भारत ने इस मुकाबले में आक्रमण, पेनल्टी कॉर्नर और गोलकीपिंग के स्तर पर अच्छा संतुलन दिखाया। अब टीम को अगले मैचों में अपनी रणनीति को और मजबूत करते हुए टूर्नामेंट में आगे बढ़ने की चुनौती होगी।

15 अगस्त की यह जीत भारतीय हॉकी प्रशंसकों के लिए स्वतंत्रता दिवस का जश्न और भी खास बनाने वाली रही। भारत ने वेल्स को 3-1 से हराकर साफ संदेश दिया कि वह हॉकी वर्ल्ड कप में मजबूत दावेदार के रूप में उतर रहा है।

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