भागलपुर के आनंदराम ढांढनियां सरस्वती विद्या मंदिर में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में वंदे मातरम का संपूर्ण पाठ और राष्ट्रगान हुआ। छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।
भागलपुर: आनंदराम ढांढनियां सरस्वती विद्या मंदिर में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रगीत वंदे मातरम का संपूर्ण पाठ और राष्ट्रगान किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमंत कुमार ने वंदे मातरम को स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण मंत्र बताते हुए इसके ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। समारोह में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
वंदे मातरम के संपूर्ण पाठ के साथ हुआ समारोह
भागलपुर के आनंदराम ढांढनियां सरस्वती विद्या मंदिर में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह और राष्ट्रभक्ति के माहौल में आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और अतिथि बड़ी संख्या में शामिल हुए।
समारोह की शुरुआत भागलपुर जिला निरीक्षक सतीश कुमार सिंह, प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष अतुल कुमार ढांढनियां, सचिव शिव कुमार जिलोका, कोषाध्यक्ष नरेश खेतान, प्रधानाचार्य सुमंत कुमार और उपप्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की।

इसके बाद स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले सेनानियों और देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान भारत माता के चित्र का पूजन और सामूहिक आरती भी की गई।
प्रधानाचार्य ने बताया वंदे मातरम का महत्व
समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमंत कुमार ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदे मातरम ने लोगों में राष्ट्रभावना और एकजुटता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित इस राष्ट्रगीत का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और गरिमा मिलती रही है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्या भारती के शिक्षण संस्थानों में वंदे मातरम के संपूर्ण पाठ की परंपरा पहले से चली आ रही है और विद्यालय की प्रार्थना सभा में इसका नियमित पाठ किया जाता है।
इस दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने अखंड भारत के मानचित्र के सामने देश की एकता, संविधान के आदर्शों और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा का संकल्प भी लिया।
राष्ट्रगान के साथ छात्रों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगीत वंदे मातरम का सस्वर संपूर्ण पाठ किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ। पूरे विद्यालय परिसर में अनुशासित तरीके से कार्यक्रम संपन्न कराया गया।
विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़ी विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। नन्हे विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया। मंचीय कार्यक्रमों और भाषणों के माध्यम से छात्रों ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और देश के प्रति समर्पण को प्रस्तुत किया।
विद्यार्थियों को राष्ट्र और संस्कृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश
समारोह में वक्ताओं ने विद्यार्थियों से देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के साथ नागरिकों के ऊपर देश और समाज के प्रति जिम्मेदारियां भी आती हैं।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय गौरव और संविधान के मूल्यों के प्रति सम्मान रखने का संदेश दिया गया। विद्यालय परिवार के आचार्य, दीदी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में अभिभावक समारोह में मौजूद रहे।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, कर्तव्यबोध और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करना रहा। विभिन्न प्रस्तुतियों और सामूहिक गतिविधियों के जरिए बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम और देश के प्रति जिम्मेदारियों से भी अवगत कराया गया।










