हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों पर दिलचस्प मुकाबला, भाजपा की एक सीट लगभग तय; दूसरी सीट पर कांग्रेस से कड़ी टक्कर

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। Bharatiya Janata Party और Congress के बीच मुकाबला कड़ा माना जा रहा है।

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। BJP और Congress के बीच मुकाबला कड़ा है, जबकि दूसरी सीट पर चुनावी रणनीतियों ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है

Haryana Politics: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। चुनाव को लेकर प्रमुख राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। खासतौर पर Bharatiya Janata Party और Indian National Congress के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। दोनों दल अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।

राजनीतिक समीकरणों के बीच यह चुनाव दिलचस्प हो गया है क्योंकि एक सीट पर भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट को लेकर मुकाबला काफी कड़ा हो गया है। इसी वजह से दोनों दल अपने विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी तरह की सेंधमारी से बचने के प्रयास कर रहे हैं।

पहली सीट पर भाजपा की स्थिति मजबूत

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में भाजपा की ओर से Sanjay Bhatia उम्मीदवार हैं। मौजूदा राजनीतिक गणित को देखते हुए इस सीट पर उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। भाजपा को विधानसभा में पर्याप्त समर्थन मिलने के कारण इस सीट को लेकर पार्टी ज्यादा चिंतित नहीं दिख रही है।

हालांकि पार्टी का पूरा ध्यान दूसरी सीट पर भी बना हुआ है। यही कारण है कि भाजपा ने चुनावी रणनीति में नया दांव खेलते हुए एक अलग कदम उठाया है। इस कदम ने चुनाव को और भी रोचक बना दिया है।

दूसरी सीट पर भाजपा का नया दांव

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों पर दिलचस्प मुकाबला, भाजपा की एक सीट लगभग तय; दूसरी सीट पर कांग्रेस से कड़ी टक्कर

दूसरी सीट को लेकर भाजपा ने एक अलग रणनीति अपनाई है। पार्टी ने Satish Nandal को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि यह कदम कांग्रेस की राह मुश्किल बनाने के लिए उठाया गया है।

कांग्रेस ने विधायकों को सुरक्षित रखने की बनाई योजना

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि कांग्रेस अपने विधायकों को दूसरे राज्य भेजने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव के दौरान कोई भी विधायक पार्टी लाइन से हटकर मतदान न करे।

पिछले अनुभवों को देखते हुए कांग्रेस इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। इसलिए पार्टी अपने विधायकों को एक साथ रखने और राजनीतिक दबाव से दूर रखने की रणनीति पर काम कर रही है।

कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यदि सभी विधायक एकजुट रहते हैं तो दूसरी सीट पर पार्टी की जीत संभव है। यही कारण है कि पार्टी संगठन स्तर पर लगातार बैठकें और बातचीत कर रही है।

भाजपा नेतृत्व की रणनीतिक बैठकें

दूसरी सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार को जीत दिलाने की जिम्मेदारी हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini और केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar पर मानी जा रही है।

भाजपा नेतृत्व इस चुनाव को लेकर लगातार रणनीतिक बैठकें कर रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि चुनाव में उनके पक्ष में अधिकतम समर्थन जुटाया जा सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा इस चुनाव को केवल एक सीट तक सीमित नहीं रखना चाहती। पार्टी की कोशिश है कि यदि संभव हो तो दोनों सीटों पर जीत हासिल की जाए।

कांग्रेस उम्मीदवार की सक्रियता

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों पर दिलचस्प मुकाबला, भाजपा की एक सीट लगभग तय; दूसरी सीट पर कांग्रेस से कड़ी टक्कर

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से Karmveer Boudh उम्मीदवार हैं। उन्होंने हाल ही में नई दिल्ली जाकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता Bhupinder Singh Hooda से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया।

इस दौरान उन्होंने सांसद Deepender Singh Hooda से भी मुलाकात की और चुनाव को लेकर चर्चा की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी के पास पर्याप्त समर्थन है और चुनाव में उनकी जीत तय है।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राजनीतिक आंकड़ों के आधार पर एक सीट भाजपा के पास जाएगी जबकि दूसरी सीट कांग्रेस के खाते में आएगी।

निर्दलीय उम्मीदवार पर कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध ने चुनाव को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह लगातार नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और उन्हें सभी का समर्थन मिल रहा है।

उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग चुनाव में वोटों की सेंधमारी की कोशिश करते हैं। लेकिन इस बार उनकी कोशिश सफल नहीं होगी और कांग्रेस चुनाव जीतकर दिखाएगी। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि पार्टी के विधायकों की एकजुटता ही इस चुनाव में उनकी सबसे बड़ी ताकत होगी।

इनेलो का रुख बना निर्णायक

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में Indian National Lok Dal यानी इनेलो का रुख भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी के पास विधानसभा में दो विधायक हैं और उनका समर्थन चुनावी परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

पिछले चुनावों को देखें तो इनेलो अक्सर भाजपा का समर्थन करती रही है। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल भी पहले इनेलो से जुड़े रहे हैं और दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। फिलहाल पार्टी ने अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर फैसला पार्टी की संसदीय मामलों की समिति की बैठक में लिया जाएगा।

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